मेरा घर पर निबंध हिंदी में | My House Essay in Hindi

My House Essay Nibandh – आप सारे संसार में घूम आईये, लेकिन जीवन का असली सुकून अपने घर में ही मिलता है, इसलिए तो घर को स्वर्ग से भी बढ़कर माना गया है, भले ही हम बड़े बड़े शहरो में रहने लगे, लेकिन असली जिन्दगी का अहसास और असली आनंद अपने मातृभूमि वाले घर में मिलता है, तो चलिए निबन्ध के इस पोस्ट में मेरा घर पर हिन्दी निबंध, My House Essay, My Home Essay बताने जा रहे है, जिसे यदि आप किसी भी कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के छात्र है तो, अपने कक्षा में इस मेरा घर पर निबंध पर Short Essay या Long Essay, हिन्दी निबंध लिख सकते है, तो चलिए इस मेरा घर पर पर हिंदी निबंध, My House Essay Nibandh को जानते है.

इस पोस्ट के मुख्य टॉपिक छिपाए

मेरा घर पर निबंध

My House Essay in Hindi

My House Essay In Hindi My Home Nibandh जब आप पैदा होते है तो सबसे पहले आपका जुड़ाव अपने घर से ही होता है, इसी घर आपके साथ आपके परिवार के लोग, माता पिता सभी एक साथ प्यार से रहते है, सभी एक दुसरे की परवाह करते है, सभी हंसी ख़ुशी जीवन बिताते है, जिस कारण घर से जुड़ी यादे बहुत ही अच्छी लगती है, और हर कोई अपने घर को लेकर रोमांचित रहता है. इसलिए संसार में सुंदर स्थान अपने घर को माना जाता है,

और जरुरी भी नही घर छोटा हो या बड़ा, इन्सान का लगाव घर से जुड़ा होना चाहिए, लोगो का दिल बड़ा होना चाहिए, फिर यही छोटे छोटे घरो में भी बड़ी बड़ी खुशिया निवास करती है, जो की बहुत ही खुशिया देने वाली होती है,

अक्सर लोगो के घर पुस्तैनी होती है, यानि अपने घर को दादाजी या फिर पिताजी ने बनवाया होता है, जिसमे सभी लोग एकसाथ रहते है, और इन घरो में हवादार कमरे, घर के बाहर पेड़ पौधे, बगीचे काफी सुंदर लगते है, और मन को बहुत ही रोमांचित करते है.

भारत गाँवों का देश है तो अक्सर लोगो का घर गाँव में ही होता है, जो की ये घरे बहुत ही बड़े बने होते है, पहले जहा लोगो के कच्चे मकान होते है, उनकी दीवारे मिट्टी की बनी होती थी, लेकिन विकास के इस दौर में अब लोगो के घर पक्के मकान बनने लगे है, जो की पहले की तुलना में काफी मजबूत होते है.

गाव के घरो में कई सारे कमरे बने होते है, जिनमे रौशनी और हवा आने की समुचित व्यवस्था होती है, सभी के अलग अलग कमरे बने होते है, खाना बनाने, नहाने, शौचालय के भी अलग से बने होते है, जो की सभी व्यवस्थित ढंग से बने होते है, घरो के बाहर वाले हिस्सों में बड़े बड़े बरामदे बने होते है, जिसमे एक साथ कई लोग बैठकर बातचीत कर सकते है,

छुट्टी के दिन पर हिन्दी निबंध Holiday Essay in Hindi

इसके अलावा घरो में आँगन बने होते है, अक्सर इन आँगन में सीढ़िया बनी होती है, जिनकी सहायता से घर के ऊपर छत पर जा सकते है, घर के छतो से दूर दूर तक स्थानों को बहुत ही आसानी से देख सकते है, इसके अलावा घरो के बाहर बगीचे, गाय पालने के स्थान, नीम या कोई और भी पेड़ लगे होते है, जिनसे घरो में ठंडी हवा और छाया भी मिलती है,

अक्सर घरो के बाहर गाय, भेड़, बकरिया, कुत्ते पाले जाते है, जो की ये सभी हमारे बहुत काम आते है. इसके अलावा बहुत से लोगो के पास घरो के पास बड़े बड़े बगीचे भी होते है , जिसमे तरह तरह के पेड़ लगे होते है, घरो के रास्ते सीधे गाँव के बाहर जाने वाले रास्तो से जुड़े रहते है, और आजकल तो हर जगह पक्की सड़के, सडको के किनारे नालिया भी बनी होती है. जो की घरो के साथ साथ गाँव की सुन्दरता को बढ़ाती है.

उपसंहार –

यदि ये हमारे घर हमारे पास नही होता है तो हम सभी को बहुत ही दुःख होता है, इसलिए हमे अपने घरो को सजाकर रखना चाहिए, घर के सदस्यों के साथ मिलजुलकर रहना चाहिए, तभी हमारा घर स्वर्ग से भी सुंदर बन सकता है.

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