भ्रष्टाचार पर निबंध हिंदी में Bhrashtachar Par Nibandh

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Bhrashtachar Par Nibandh – भ्रष्टाचार एक ऐसा आचरण है तो अनुचित तरीको से अपनी कार्यो को पूर्ण करने का मार्ग है, जो की आज के समय में अधिकतर देश इस भ्रष्टाचार रूपी अनैतिक आचरण के शिकार है, तो चलिए इस पोस्ट में Corruption के बढ़ते प्रभाव को रोकने हेतु भ्रष्टाचार पर निबंध, Bhrashtachar Par Nibandh बताने जा रहे है, जिसे यदि आप क्लास 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 किसी भी कक्षा के छात्र है तो, अपने क्लास में इस विज्ञान के चमत्कार पर Short या Long हिन्दी निबंध लिख सकते है, तो चलिए इस भ्रष्टाचार पर निबंध पर हिंदी निबंध Bhrashtachar Par Nibandh को जानते है.

भ्रष्टाचार पर हिंदी निबंध

Bhrashtachar Par Nibandh Corruption Essay in Hindi

Bhrashtachar Par Nibandh Corruption Essay In Hindiभ्रष्टाचार दो शब्दों से मिलकर बना है, भ्रष्ट + आचार यानि बुरा या अनैतिक आचरण. यानि एक ऐसा आचरण जो अपने कार्यो को पूरा करने के लिए अनुचित और अनैतिक तरीको का सहारा लेते है, वही भ्रष्टाचार कहलाता है, और इसका शिकार हर कोई कभी न कभी अवस्था में जरुर होता है, चाहे वह भले ही मजबूरी में ही इसका सहारा क्यों नही लिया गया हो, भ्रष्टाचार ही कहलाता है.

हर किसी देश को चलाने के लिए नियम कानून बने होते है, हर चीज के लिए एक गाइडलाइन्स होती है, की आपको उन नियमो में रहकर ही अपने कार्यो को करने होते है, लेकिन कभी आचरणवश तो कभी मजबूरीवश लोग इस भ्रष्टाचार का सहारा लेते है, जो की बिलकुल अनुचित है.

आज के समय में रिश्वत, काला-बाजारी, जान-बूझकर दाम बढ़ाना, पैसा लेकर काम करना, सस्ता सामान लाकर महंगा बेचना, ड्रग तस्करी, अनुचित तरीके से व्यापार करना, वस्तुओ का कम दामो पर संग्रह करना फिर समय आने पर उन्हें मुनाफे से कही अधिक मनमाने दामो पर बेचना आदि सभी भ्रष्टाचार के अनेको रूप है, जो की किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में दीमक जैसा लगना होता है, जो की धीरे धीरे उस अर्थव्यवस्था को समाप्त कर देता है.

इसके अलावा घूस यानी रिश्वत लेना या देना, चुनाव में धांधली करना और करवाना, ब्लैकमेल करना, टैक्स चोरी करना, झूठी गवाही देना, पैसे लेकर वोट देना, वोट के लिए पैसा और शराब आदि बांटना, पैसे लेकर रिपोर्ट छापना, झूठी गवाही देने के लिए मजबूर करना, झूठा मुकदमा, परीक्षा में नकल, परीक्षार्थी का गलत मूल्यांकन, हफ्ता वसूली, जबरन चंदा लेना, न्यायाधीशों द्वारा पक्षपातपूर्ण निर्णय, अपने कार्यों को करवाने के लिए नकद राशि देना यह सब भ्रष्टाचार ही है, जो की धीरे धीरे समाज को खोखला बना रहा है.

भ्रष्टाचार एक ऐसी बीमारी है, जिससे समाज का कोई भी भाग अछूता नही है, सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार एक दीमक की तरह लग गया है, अगर आप कोई भी सरकारी कार्य कराने जाते है, तो आज के समय में बिना घुस दिए, पैसे दिए कोई भी काम आसानी से नही हो पाता है, जो की समाज के लिए एक अभिशाप है.

भ्रष्टाचार तो हमारे देश भारत में भी एक बहुत ही भयानक अवस्था में पहुच चुका है, चाहे हम रेल के टिकट लेना, कोई भी सरकारी कागज बनवाना हो , हर जगह भ्रष्टाचार को ही देखने को मिलते है, और हाल के कुछ वर्षो में देश में घटित करोड़ो, खरबों रुपयों के घोटाले भी भ्रष्टाचार के अलग अलग रूप देखने को मिल रहे है, जो की भारत देश को और भी गरीब और नैतिक पतन को ओर ले जा रहा है.

भ्रष्टाचार को रोकने के उपाय

ऐसे में यदि समय रहते लोगो में भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक नही किया जाय, तो भ्रष्टाचार समाज के लिए अभिशाप बन जायेगा, फिर समाज के नैतिक आचरण के पतन होने से कोई नही रोक सकता है.

भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सबसे पहले हमे अपनी शिक्षा प्रणाली को सुधारना आवश्यक है, यदि शुरू से ही बच्चो को ईमानदार बनने के लिए प्रेरित किया जाय, तो निश्चित ही यही बच्चे बड़े होकर ईमानदारी की ही राह पर चलेगे, जिससे काफी हद तक भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है, इसके अतिरिक्त यदि माता पिता भी अपने बच्चो को ईमानदारी के लिए प्रेरित करे, तो निश्चित ही भ्रष्टाचार रूपी अभिशाप को पनपने से पहले ही रोका जा सकता है.

उपसंहार –

इस तरह हर जगह ईमानदार लोगो को प्रोत्साहित किया जाय, और भ्रष्टाचारी लोगो को उनके गुनाहों के लिए जेल में डाला जाय, तो काफी हद तक समाज में एक अच्छा मैसेज जायेगा, की जो लोगो भ्रष्टाचार की राह पकड़ते है, उन्हें सजा भोगना पड़ता है, ऐसे में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है.  क्युकी भ्रष्टाचार को तभी रोका जा सकता है, जब लोगो का आचरण ईमानदार छवि की हो, और सरकारी स्तर पर भी सरकारों को भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कड़े नियम कानून बनाने की जरूरत है, तभी शत प्रतिशत भ्रष्टाचार पर अंकुश पाया जा सकता है.

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