खेल पर हिन्दी निबन्ध Essay on Sports in Hindi

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Essay on Sports Khel Par Nibandh – खेल खेलना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है, खेल कई तरह, कई नाम से हो सकते है, लेकिन सभी खेलो के खेलने के लिए मेहनत और बल लगते है, जिससे खेलो को खेलने से शारीरिक क्रिया हो जाती है, और ये खेल हमारे शरीर को मजबूत और बलवान भी बनाते है, तो चलिए निबन्ध के इस पोस्ट में खेल पर हिन्दी निबन्ध, Essay On Sports, Khel Par Nibandh बताने जा रहे है, जिसे यदि आप किसी भी कक्षा जैसे 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 में किसी भी कक्षा के छात्र है तो, अपने कक्षा में खेल पर निबन्ध पर Short Essay या Long Essay, हिन्दी निबंध लिख सकते है, तो चलिए अब खेल पर हिन्दी निबन्ध, Essay on Sports, Khel Par Nibandh को जानते है.

खेल पर निबन्ध

Essay on Sports in Hindi Khel Par Nibandh

Essay On Sports In Hindi Khel Par Nibandhखेल खेलना चाहे लड़का हो या लड़की, हर किसी को अच्छा लगता है, खेल खेलने से शारीरिक व्यायाम होता है, तथा ये खेल हमे मानसिक तौर पर भी मजबूत बनाते है, इसलिए आज के समय में सभी माता पिता अपने बच्चो को खेल खेलने क्व लिए भी प्रेरित करते है, इसलिए स्वास्थ्य लाभ को देखते हर किसी को थोडा बहुत रोज खेल जरुर खेलना चाहिए.

शरीर को स्वस्थ बनाने के लिए खेल खेलना बहुत ही अच्छी क्रिया है, खेल खेलने से अच्छा परिश्रम होता है, जिनसे हमे अच्छी भूख भी लगती है, और खेल खेलने से हमारा शरीर मजबूत बनता है, और हमारी हड्डिया मजबूत होती है, हमारी मांसपेशिया भी मजबूत बनती है, जिनसे हमारा स्वास्थ्य अच्छा बनता है, और खेल में मेहनत करने, दौड़ने से हमारे शरीर की स्टेमिना भी बढती है, उर मानसिक तौर पर हम मजबूत बनते है. इस तरह देखा जाय तो हर किसी को रोज एक दो घंटे खेल के लिए भी समय देना चाहिए, जिनसे हम स्वस्थ्य जीवन जी सकते है.

आज के समय में यदि खेलो पर उचित ध्यान दिया जाय, तो इन्ही खेलो के जरिये अपना कैरियर भी बनाया जा सकता है. पहले जहा कहा जाता था की –

खेलो कूदोगे होंगे खराब, पढोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब.

वर्तमान में यह कहावत बिलकुल बदल गया है, अब क्रिकेट, कुश्ती, हांकी, बैटमिन्टन जैसे अनेको खेल सफलता का पर्याय बन चुके है, इन खेलो के जरिये लोग बड़े बड़े देशो में खेल में जीतकर अपने देश का नाम और परचम लहरा रहे है, और खेलो को खेलने वाले लोग सफलता का पर्याय माने जा चुके है. इन कड़ी में सचिन तेंदुलकर, सायना नेहवाल, गोपी चन्द्र पुलेला, वीरेंदर सहवाग, राज्यवर्धन राठौर जैसे हजारो नाम है, जिन्होंने खेलो में सफलता हासिल करके अपने साथ अपने देश का नाम भी रोशन किया है.

इस तरह यदि हम अपने दैनिक जीवन में खेलो को अहम हिस्सा बनाते है, तो यह काफी लाभदायक हो सकता है, खेलो में हम रोज सुबह दौड़ सकते है, मैदानों में जाकर व्यायाम कर सकते है, लोगो के साथ मिलकर कुश्ती कब्बडी खेल सकते है, क्रिकेट भी खेल सकते है, और यदि हम इन खेलो को सुबह सुबह खेलते है, तो सुबह के ताज़ी ताज़ी ठंडी हवाओ में ये खेल हमारे स्वास्थ्य के लिए और भी अधिक फायदेमंद साबित होते है.

उपसंहार –

अच्छे स्वास्थ्य हासिल करना हो, फिटनेस बनाना हो, हेल्थी जीवन जीना हो, ये सभी खेल के जरिये हासिल कर सकते है, तो हम सभी को खेल खेलने के लिए समय निकलना चाहिए, और इन्टरनेट वीडियो गेम के बजाय अपने बच्चो को शारीरिक व्यायाम खेलो को खेलने के लिए प्रेरित करना चाहिए, जिससे बच्चो का शारीरिक और मानसिक विकास दोनों अच्छे से हो सकेगा.

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