पर्यावरण प्रदूषण निबंध हिंदी में Environmental Pollution Essay in Hindi

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Environmental Pollution Essay Nibandh – हम सभी जिस परिवेश में रहते है, सांस लेते है, हमारे चारो ओर का घटक पर्यावरण कहलाता है, ऐसे में यदि यही पर्यावरण दूषित हो जाये हो इस पर्यावरण में जीवन का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है, तो आईये इस पोस्ट में पर्यावरण प्रदूषण पर Environmental Pollution Essay हिन्दी निबन्ध बताने जा रहे है, जिन्हें आप यदि क्लास 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के विद्यार्थी हो तो, अपने विद्यालय में इस निबन्ध पर्यावरण प्रदूषण निबंध को लिख सकते है, तो चलिए इस जल प्रदूषण पर निबंध को जानते है.

पर्यावरण प्रदूषण पर हिन्दी निबंध

Environmental Pollution Essay Nibandh in Hindi

Environmental Pollution Essay Nibandh in Hindiपर्यावरण प्रदूषण के अंतर्गत जब प्रदूषित घटक तत्व पर्यावरण में बहुत अधिक मात्रा में मिल जाते है, तो शुद्ध वायु, और अनेक प्रकार के प्राकृतिक अवस्थाये अवरुद्ध होने लगती है, तो इसे पर्यावरण प्रदूषण कहा जाता है, जो कही न कही इस धरती पर किसी को पर्यावरण प्रदूषण का बुरा परिणाम भोगना पड़ेगा.

मानव विकास की तीव्र गति ने पर्यावरण को प्रदूषित करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है, फैक्ट्री से निकलने वाले विषैले धुएं, वायु प्रदूषण, ध्वनी प्रदुषण, जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, रेडियोधर्मी तत्वों का परिक्षण, एटम बम्ब का खुले वातावरण में परिक्षण जैसे अनेक विघटनकारी घटनाये पर्यावरण प्रदूषण के लिए उत्तरदाई है,

चुकी इस सौर मंडल में अनेको ग्रह और उपग्रह मौजूद है, लेकिन इसमें पृथ्वी ही एकमात्र एक ऐसा ग्रह है जिस पर जीवन है, ऐसे में पृथ्वी पर जीवन के लिए मौजूद पर्यावरण ही इसके लिए उत्तरदाई है, यदि ये पर्यावरण नहीं हो तो फिर यहाँ न तो जल होंगे और ना ही हवा, फिर जीवन की कल्पना भी करना असम्भव है.

ऐसे में सबसे पहले ये जान लेना जरुरी है की ये पर्यावरण प्रदूषण क्या है, तो पर्यावरण प्रदूषण के अंतर्गत वायु प्रदूषण, ध्वनी प्रदुषण, जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, रेडिओधर्मी प्रदूषण, उष्मीय प्रदूषण आते है, जो सभी घटक मिलकर इस पर्यावरण का निर्माण करते है, ऐसे में यदि धरती की मिट्टी, जल, वायु प्रदूषित हो जाये तो इसे पर्यावरण प्रदूषण कहा जाता है.

जैसे की वर्तमान में देखा जाय तो जनसंख्या वृद्धि एक बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है, क्योकि यदि जनसंख्या इस दर से बढ़ता रहेगा, तो हर किसी के लिए भोजन तक जुटा पाना मुश्किल होगा, जिस कारण से सभी की आवश्यकता की पूर्ति के लिए इस धरती और पर्यावरण का बहुत ही तेजी से दोहन किया जा रहा है, जिस कारण से यह धरती धीरे धीरे कचरे का अम्बार बनता जा रहा है, जो की पर्यावरण प्रदूषण के लिए उत्तरदायी है.

तो ऐसे में यदि इस धरती से पर्यावरण को बचाना है, तो हमे कड़े से कड़े कदम उठाने होंगे तभी हम सब मिलकर अपने इस पर्यावरण को बचा पायेगे, अन्यथा पर्यावरण प्रदूषण के कारण भविष्य में अनेक कठिनाईयों से सामना करना पड़ेगा. और जरा सोचिये यदि इस पर्यावरण प्रदूषण के चलते धरती से जल और वायु समाप्त हो जाए तो फिर इस धरती पर जीवन की कल्पना करना फिर सम्भव नही है.

पर्यावरण प्रदूषण से बचाव –

यदि हम सभी अपने स्तर पर भी पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ते है तो काफी हद तक पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सकता है, जिसके लिए सभी कारखानों, घरो की बहने वाली गंदे पानी की नालियों को सीधे में बहाने से अच्छा है की उस गंदी जल की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था करनी चाहिए.

पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए पेड़ो की अंधाधुंध कटाई को रोकना चाहिए, जिससे वर्षा के लिए ये सहायक वन धरती पर बने रहेगे, जिससे इस धरती पर बरसात होती रहे और लोगो को जल मिलता रहे, इसके अतिरिक्त नदियों, तालाबो के जल को दूषित होने, उन्हें संरक्षित करने पर ध्यान देने के लिए आवश्यकता है, इसके लिए सभी देशो को आपस में मिलकर परमाणु परिक्षण पर रोक लगाने के लिए भी एक साथ आना चाहिए जिससे रेडिओधर्मी प्रदूषण को रोकने में काफी हद तक सफलता मिल सकती है.

इसके अतिरिक्त वाहनों से निकलने वाले धुएं, कारखानों के विषैले धुएं के उत्सर्जन पर भी रोक लगाना चाहिए, ताकि इस पर्यावरण को दूषित होने से बचाया जा सकता है, इसके अलावा विकसित देशो को अपने यहा वाहनों की बढती सख्या पर भी रोक लगानी चाहिए, जिससे वायु प्रदूषण में काफी सहायता मिलेगी.

उपसंहार

सो पर्यावरण पर्यावरण प्रदुषण के दूषित परिणामो को को देखते हुए हर किसी को चाहिए की इस धरती को अपना समझे, इसकी रक्षा करे, इसको दूषित होने से बचाए और इसके लिए लोगो को भी जागरूक करे, तभी सभी के सफल प्रयास से पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सकता है.

 

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