जल संरक्षण निबंध हिंदी में Water Conservation Essay in Hindi

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Water Conservation Essay – जल संरक्षण का हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है, जैसा की हर कोई जानता है की जल ही जीवन है, ऐसे में जल की उपयोगिता को देखते हुए जल संरक्षण का महत्व काफी बढ़ जाता है,

तो चलिए इस पोस्ट के जरिये जल संरक्षण के निबन्ध पर प्रकाश डालेगे, जिसे आप भी अपने स्कूल में इस जल संरक्षण पर निबन्ध, Water Conservation Essay, Jal Sanrakshan Nibandh को क्लास 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के विद्यार्थी हो तो, अपने विद्यालय में लिख सकते है, तो चलिए इस जल संरक्षण पर हिंदी निबंध को जानते है.

जल संरक्षण पर हिंदी निबंध

Jal Sanrakshan Nibandh Water Conservation Essay in Hindi

Water Conservation Essay In Hindi Jal Sanrakshan Nibandhजल ही जीवन है, और बिना जल के जीवन का कोई आधार नही है, जरा सोचिये आपकी दिनचर्या की शुरुआत जल से होती है, और दैनिक जीवन के कई कार्य तो बिना जल के सम्भव ही नहीं हैं, इसलिए हम सभी के जीवन जीने के लिए जल का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है, ऐसे में इस धरती पर जीवन को बचाने के लिए और पर्यावरण को बचाए रखने के लिए जल संरक्षण की महत्वपूर्ण आवश्कयता है. और साथ में जल को प्रदूषित होने से भी बचाने के लिए बहुत अधिक ध्यान देने की जरूरत है.

जीवन जीने के लिए जल बहुत ही आवश्यक है, ऐसे में जरा सोचिये जिन स्थानों पर जल नही मिलता है, जल की मात्रा की कमी है, उन स्थानों पर लोग जल के बिना कैसे जीवन यापन करते होंगे, ऐसे में हम सभी का कर्तव्य है की हमे जल को बर्बाद होने से बचाना चाहिए,

जैसा की कहा भी गया है की बूंद बूंद से घड़ा भरता है, तो सोचिये लोग एक एक बूंद के जल को दुरूपयोग होने से बचाते है, तो इस संरक्षित जल का उपयोग उन स्थानों पर भी उपयोग किया जा सकता है, जहा पर पहले से ही जल की भारी मात्रा में कमी है.

और ऐसे में हम सभी यदि भविष्य के जीवन को सुरक्षित बनाना है, तो हमे जल संरक्षण पर बहुत ही अच्छे तरीके से ध्यान देना होगा, वरना वो दिन दूर नही जब लोग पानी के लिए एक दुसरे से लड़ाई करते फिरेगे,

वैसे तो हमारी धरती पर तीन चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है, लेकिन ये जा अधिकांश भाग महासागरो का पानी है, जो की बिलकुल खारा पानी है, पानी में अत्यधिक नमक की मात्रा होने के कारण इस जल का उपयोग पीने में नही किया जा पाता है. और इस तीन चौथाई का सिर्फ 3% भाग पानी ही पीने योग्य है, जो की वर्षा के जल से प्राप्त होता है, और हर वर्ष बरसात होने के बाद ये पीने योग्य पानी नदियों की सहायता से महासागरो में मिल जाते है. और वर्षा का कुछ जल धरती के अंदर में भाग में सोख लिए जाते है.

ऐसे में ये जो वर्षा का जल है यदि इन्हें बड़े बड़े जलाशयों में संरक्षित कर लिया जाय, तो यही जल हमारे पीने के काम आ सकते है, जिस कारण से जल संरक्षण पर सरकारों, नगर निकायों औरविभिन्न संस्थानों द्वारा काफी जोर दिया जाता है.

इस तरह से यदि हम पीने वाले जल को नुकसान होने से बचा सकते है तो निश्चित ही जल संरक्षण को आगे बढ़ा सकते है, इसलिए हमे जहा जितनी जरूरत हो, उतने ही जल का उपयोग करना चाहिए, और जो जल हमे मिलता है उसका जब जरूरत न हो तो उन्हें बेकार में बहने से रोकना चाहिए.

उपसंहार –

इस धरती पर जीवन का सबसे बड़ा स्रोत्र जल ही है, जल से ही पेड़ पौधे, नदियों तालाबो, जीव जन्तुओ और इंसानों का अस्तित्व है, ऐसे में जीवन की शुरुआत ही जल से होती है, इसलिए हमे जहा जितनी जरूरत हो उतना ही जल का उपयोग करना चाहिए, बाकी के जल को आगे के लिए बचाकर रखना चाहिए, तभी हम सभी जल की उपयोगिता को देखते हुए जल संरक्षण के लिए कार्य कर सकते है.

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