हिंदी में स्कूल पर निबंध Essay on School in Hindi

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Essay on School – इस पोस्ट में आप सभी के लिए हिंदी में स्कूल पर निबंध, Essay on School in Hindi लेकर आये है, जिसे आप किसी भी क्लास 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 के विद्यार्थी हो, और जिन्हें अपने विद्यालय में अपने अपने स्कूल पर निबन्ध लिखना है, इसे लिख सकते है. तो चलिए अब इस निबन्ध मेरा स्कूल पर हिन्दी निबन्ध | Essay on School in Hindi को जानते है.

मेरा स्कूल पर निबन्ध | विद्यालय पर हिन्दी निबन्ध

Essay on School in Hindi for Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12

विद्यालय दो शब्दों से मिलकर बना है विद्या यानि ज्ञान और आलय यानी घर, इस तरह विद्यालय का पूरा अर्थ हुआ विद्या का घर, जिसे हम स्कूल के नाम से भी जानते है. विद्यालय वह स्थान है जहा छात्रो की पढाई लिखाई का कार्य किया जाता है, जिसे प्राचीनकाल में गुरुकुल के नाम से भी जाना जाता था, जहा पर सभी विद्या प्राप्त करने वाले शिक्षको को गुरुओ की देख रेख में अध्ययन अध्यापन का कार्य किया जाता था.

Essay on School in Hindiजीवन की शुरुआत बाल्यकाल से होता है, से जिसे बचपन कहा जाता है, बचपन में ही हमारी जीवन के नीव की आधार पड़ता है, हमे शिक्षित बनाने के लिए स्कूल भेजा जाता है, और फिर यही जीवन के सबसे खुशनुमे पल की शुरुआत होती है, यानि स्कूल में जाने से हमारे कई सारे मित्र बनते है, नये नये लोगो, नये नये शिक्षको से हमारा परिचय होता है, जिनसे हम सभी कुछ ना कुछ जरुर सीखते है, और विद्यालय में तो शिक्षक द्वारा हमारे पूरे जीवन की आधारशिला रखी जाती है, यानि हम जो कुछ भी बड़े होकर बनना चाहते है, उसकी शुरुआत हमारे इन्ही विद्यालयों से होती है.

विद्यालय हमारे जीवन का महत्वपूर्ण भाग होता है, जिसमे हमारे कई सारे दोस्त बनते है, और यही दोस्त आगे चलकर पूरी जीवन भर साथ निभाते है. इसलिए हम सभी का विद्यालय से अनेक यादे जुडी होती है, जो की काफी सुकून देने वाली होती है.

विद्यालय एक ऐसा स्थान होता है जो की चारो तरफ से एक बंद परिवेश का माहौल होता है, जिसमे बिना आज्ञा के बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित होता है, इसलिए स्कूल का वातावरण काफी शांत होता है, जिस कारण से शांत वातावरण से स्कूल में अच्छे से पठन पाठन का कार्य किया जाता है. विद्यालय काफी हरा भरा और सुंदर होता है, जिसके कारण स्कूलों में तरह तरह के पेड़ पौधे, फूल आदि के पेड़ लगे होते है, जिनसे ठंडी हवाए और खुशनुमा सुगंध मिलती है, जिससे विद्यालय का वातावरण काफी रमणीय हो जाता है.

हर विद्यालय में पढाई के लिए अलग अलग क्लास के छात्रों के लिए अलग अलग कमरे बने होते है, जो की काफी सुंदर और सुव्यस्थित होते है जिसमे पढ़ाने के लिए ब्लैकबोर्ड बने होते है, और सभी छात्रों को बैठने और लिखने के लिए कुर्सी और डेस्क बने होते है, जिसमे सभी विद्यार्थी बैठकर पढाई लिखाई का कार्य करते है,

इसके अतिरिक्त बहुत से विद्यालयों में छात्रों के पढने के लिए विद्यालय में पुस्तकालय, कंप्यूटर शिक्षा कक्षा बने होते है. पुस्तकालय से सभी विद्यार्थी पुस्तक निकलवाकर पढ़ सकते है, और कंप्यूटर क्लास के जरिये तकनिकी कौशल शिक्षा का ज्ञान लेते है.

इसके अलावा हर विद्यालय में राष्ट्रीय पर्व, सरस्वती पूजा, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, बाल दिवस, शिक्षक दिवस बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमे अनेक तरह के गीत संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी जाता है, जिसमे सभी बच्चे बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते है.

उपसंहार –

विद्यालय का वातावरण इतना सुंदर होता है, की हम बार बार अपने विद्यालयों को जाना चाहते है, इसलिए हमे अच्छे इन्सान बनने के लिए ये जो विद्यालय अहम भूमिका निभाते है, हमे कभी भी अपने जीवन में इन विद्यालयों के योगदान को नही भुलाया जाना चाहिए.

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