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WWW का रहस्य खुला: जानिए वर्ल्ड वाइड वेब काम कैसे करता है और उसके फायदे और नुकसान

WWW Kya Hai in Hindi

डब्लू डब्लू डब्लू क्या है

आज के समय मे हर कोई इंटरनेट से जुड़ा हुआ है,तो ऐसे मे जब आप इंटरनेट चलाते है, तो इसके लिए किसी न किसी वैबसाइट के माध्यम से ही इंटरनेट पर सर्च करते है, जानकारी प्राप्त करते है, तो जो वैबसाइट खुलते है, वे WWW से शुरू होते है,

ऐसे मे WWW का पूरा नाम World Wide Web (वर्ल्ड वाइड वेब) होता है। जो की WWW इंटरनेट में मौजूद सभी वेबसाइटों का एक संग्रह (collection) होता है, तो इस पोस्ट मे वर्ल्ड वाइड वेब क्या है कैसे काम करता है इसका उपयोग फायदे और नुकसान के बारे मे जानेगे, तो चलिये सबसे पहले WWW Kya Hai इसके बारे मे जानते है, फिर WWW की पूरी जानकारी को जानेगे,

डब्लू डब्लू डब्लू क्या है

WWW in Hindi

WWW Kya Hai“डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू” (WWW) एक शब्द है जिसे अंग्रेजी में “World Wide Web” कहा जाता है।

इसका उपयोग इंटरनेट पर जानकारी को सुरक्षित रूप से और आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने और पहुँचाने के लिए किया जाता है। जिसका प्रचलन हमारे दिनचर्या में इंटरनेट ब्राउज़िंग के साथ करते है।

जब भी कोई व्यक्ति या आप एक वेब साइट तक पहुँचते है, वह उस साइट का वेब एड्रेस ब्राउज़र के एड्रेस बार में टाइप करता है, जो “डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू” के शॉर्ट फॉर्म के रूप में हो सकता है, जिसके जरीये उस साइट के तक पहुँचते है।

WWW शब्द सामान्यत: “डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू” के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसका मुख्य उपयोग इंटरनेट की दुनिया को संक्षेपित करने के लिए किया जाता है।

WWW का पूरा नाम क्या है

WWW Full Form in Hindi

WWW का पूरा रूप है “वर्ल्ड वाइड वेब” (World Wide Web) जिसे हिन्दी में “विश्वव्यापी जाल” के रूप में जाना जाता है।

WWW का इतिहास

History of WWW in Hindi

वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web, या आमतौर पर WWW) इंटरनेट का एक हिस्सा है जिसका विकास बहुत तेजी से 20वीं सदी के आरंभ में हुआ था। यह विश्वभर में लाखों वेबसाइट्स और बिलियंस से भी अधिक वेब पेज्स को जोड़ने का साधन है। तो चलिये WWW का इतिहास को जानते हैं:-

1989 में, टिम बर्नर्स-ली (Tim Berners-Lee), एक ब्रिटिश यानी ब्रिटिश राज के नागरिक, ने जेनेवा के सर टिमोथी जॉन बर्नर्स-ली (Sir Timothy John Berners-Lee) के रूप में, जन्में थे। उन्होंने कर्णटन कॉलेज, ओक्सफोर्ड, इंग्लैंड से तकनीकी शिक्षा प्राप्त की और फिर जेनेवा के सरन (CERN) में काम करने लगे।

1990 में, टिम बर्नर्स-ली ने “इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट: ए वेब ऑफ केएनेक्टेड डॉक्युमेंट्स” (Information Management: A Proposal) नामक एक रिसर्च पेपर प्रकाशित किया। इस पेपर में, उन्होंने एक प्रणाली का विवरण किया जो उन्होंने “वर्ल्ड वाइड वेब” कहा था।

1991 में, टिम बर्नर्स-ली ने पहला वेब ब्राउज़र, “वर्ल्डवाइडवेब” (WorldWideWeb), और पहला वेब सर्वर, “ह्टटप” (http), तैयार किया।

1993 में, विश्वव्यापी वेब का पहला ग्राफिक्स वेब ब्राउज़र, “मोज़ैक” (Mosaic), लॉन्च हुआ, जिससे वेब ब्राउज़िंग को साधना और सुधारा गया।

इसके बाद, इंटरनेट का प्रचार और इसकी पहुँच में वृद्धि होती गई, और लाखों लोगों ने अपनी वेबसाइट्स बनाना और इंटरनेट पर जानकारी साझा करना शुरू किया।

इस प्रकार टिम बर्नर्स-ली द्वारा शुरू की गई इस प्रकार की पहल के बाद, वर्ल्ड वाइड वेब ने विश्वभर में इंटरनेट का रूप बदलकर रख दिया है और एक नए युग की शुरुआत की है जिसे आज के समय मे डिजिटल युग कहा जाता है।

वर्ल्ड वाइड वेब (www) की आविष्कार

Invention of the World Wide Web in Hindi

वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web, WWW) की आविष्कार टिम बर्नर्स-ली (Tim Berners-Lee) ने की थी। उनका उद्देश्य था एक ऐसी प्रणाली बनाने का जिससे लोग इंटरनेट पर सुरक्षित रूप से जानकारी को साझा कर सकें। उन्होंने इस आविष्कार का विचार 1989 में किया था, और 1990 में उन्होंने एक प्रस्तुति (proposal) की, जिसमें उन्होंने इस प्रणाली का विवरण दिया था।

इस प्रस्तुति का नाम था “इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट: ए वेब ऑफ केएनेक्टेड डॉक्युमेंट्स” (Information Management: A Proposal) और इसमें टिम बर्नर्स-ली ने विश्वव्यापी वेब की संरचना का विवेचन किया।

इस प्रस्तुति के बाद, उन्होंने 1990 में पहला वेब ब्राउज़र “वर्ल्डवाइडवेब” (WorldWideWeb) और पहला वेब सर्वर “ह्टटप” (http) तैयार किया।

इससे पहले, इंटरनेट पर जानकारी साझा करने का सिस्टम था, लेकिन टिम बर्नर्स-ली ने एक सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से इसे सुधारकर WWW की शुरुआत की।

WWW की यह आविष्कारिक प्रस्तुति और पहले ब्राउज़र ने इंटरनेट को एक नए स्तर पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

टिम बर्नर्स-ली की इस आविष्कार के बाद, WWW ने इंटरनेट को एक आम व्यक्ति के लिए सुलभता से पहुंचने वाले जगह से लेकर, विशेषज्ञों, व्यवसायिक संगठनों और सरकारों तक सभी को जोड़ दिया है। आज, WWW इंटरनेट का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है और हम सभी इसे रोज़ाना अपने जीवन में उपयोग करते हैं।

WWW की शुरुआत कब हुई थी

Start of WWW in Hindi

World Wide Web (WWW) की शुरुआत 1989 में हुई थी। WWW को तिम बर्नर्स-ली (Tim Berners-Lee) ने जन्म दिया था। उन्होंने जेनेवा, स्विट्जरलैंड में CERN (European Organization for Nuclear Research) में काम करते समय एक परियोजना के रूप में WWW को डिजाइन किया था।

वर्ल्ड वाइड वेब का मुख्य उद्देश्य विश्वभर के लोगों को इंटरनेट पर सामग्री तक पहुँचाना और साझा करना है। Tim Berners-Lee ने एक स्थायी वेब पेज संरचना का विचार किया, जिसमें हाइपरटेक्स्ट का उपयोग किया जा सकता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को वेब पृष्ठ्यों के बीच आसानी से जानकारी की खोज और नेविगेशन की सुविधा हो।

1991 में, पहला वेब पेज और ब्राउज़र (जिसे WorldWideWeb (W3) कहा गया) तैयार किए गए और WWW को सार्वजनिक रूप से पहुंचने के लिए किया गया। WWW का उपयोग बहुते बहुते तरीकों से विश्वभर में जानकारी साझा करने के लिए होता है और इसने इंटरनेट को एक महत्वपूर्ण साधन बना दिया है।

वर्ल्ड वाइड वेब के घटक

Components of WWW in Hindi

वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) एक ऐसा व्यापक तंत्र है जिसमें कई घटक शामिल हैं जो इसे संचालित करने में सहायक होते हैं, तो चलिये वर्ल्ड वाइड वेब के मुख्य घटक को जानते हैं:

हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज (HTML): HTML वेब पृष्ठों को बनाने और स्वरूपित करने के लिए एक मानक मार्कअप भाषा है। यह विभिन्न तरीकों से टेक्स्ट, छवियाँ, लिंक, और अन्य ऑब्जेक्ट्स को पृष्ठ पर स्थापित करने की अनुमति देता है।

यूनिफ़ॉर्म रिसोर्स लोकेटर (URL): URL वेब पृष्ठों की पहचान के लिए एक पत्ती होती है, जिसमें वेबसाइट का पता, विशेष पृष्ठ का पता, और प्रोटोकॉल (HTTP, HTTPS, आदि) शामिल होते हैं।

हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल (HTTP) और हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल सुरक्षित (HTTPS): HTTP और HTTPS वेब पृष्ठों को सर्वर से ब्राउज़र तक डेटा ट्रांसफर करने के लिए प्रोटोकॉल प्रदान करते हैं। HTTPS सुरक्षित संबंध सुनिश्चित करने के लिए SSL/TLS शामिल करता है।

वेब ब्राउज़र: वेब ब्राउज़र एक सॉफ्टवेयर है जो उपयोगकर्ता को वेब पृष्ठों को देखने, नेविगेट करने, और सामग्री से इंटरैक्ट करने की सुविधा देता है।

वेब सर्वर: वेब सर्वर एक कंप्यूटर होता है जो वेब पृष्ठों और उनकी सामग्री को संग्रहित करके उपयोगकर्ताओं को पहुंचाता है।

वेब होस्टिंग सेवाएं: वेब होस्टिंग सेवाएं वेबसाइटों को इंटरनेट पर उपलब्ध करने के लिए अंतरनेट से जुड़े होती हैं, जिनमें वेब सर्वर, डेटाबेस, और संबंधित सेवाएं शामिल होती हैं।

वेब स्टैंडार्ड्स और कन्सोर्सियम (W3C): यह एक संगठन है जो वेब स्टैंडार्ड्स को तय करने और बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है, ताकि वेब पेज्स को संबंधित, प्रदर्शनीय, और सुरक्षित बनाए रखा जा सके।

वेब डेवलपमेंट टूल्स: वेब डेवेलपर्स के लिए टूल्स जैसे कि वेब ब्राउज़र डेवेलपर टूल्स, कोड एडिटर्स, फ्रेमवर्क्स, और टेस्टिंग टूल्स वेब ऐप्लिकेशन बनाने और उन्हें परीक्षण करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

अन्य घटक: यहाँ कुछ अन्य घटक शामिल हो सकते हैं जैसे कि वेब डिज़ाइन, क्यूआरी भाषाएँ, जावास्क्रिप्ट (JavaScript), और अन्य प्रोग्रामिंग भाषाएँ जो वेब पृष्ठों को इंटरैक्टिव बनाने में मदद करती हैं।

इन घटकों का समन्वय एक सुरक्षित, स्वच्छ, और प्रभावी वर्ल्ड वाइड वेब नेटवर्क को संचालित करने में मदद करता है।

WWW काम कैसे करता है

WWW Work in Hindi

वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) का काम तब होता है जब एक उपयोगकर्ता वेब ब्राउज़र का उपयोग करके इंटरनेट से जुड़े हुए वेब पृष्ठों को देखता है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है जो बताती है कि WWW कैसे काम करता है:-

उपयोगकर्ता का अनुरोध:

जब उपयोगकर्ता एक वेब ब्राउज़र में URL (Uniform Resource Locator) टाइप करता है, वह एक अनुरोध (request) भेजता है। URL में सामग्री का पता लगाने के लिए विभिन्न घटक जैसे कि प्रोटोकॉल (HTTP, HTTPS), डोमेन नाम, और पूर्वनिर्धारित पथ शामिल हो सकते हैं।

डोमेन नाम का निर्धारण:

उपयोगकर्ता द्वारा टाइप किए गए URL से, वेब ब्राउज़र डोमेन नाम का पता लगाता है। इसके लिए, वह एक DNS (Domain Name System) सर्वर का अनुरोध करता है ताकि डोमेन नाम का संबंधित IP पता प्राप्त कर सके।

सर्वर का अनुरोध:

जब डोमेन नाम का IP पता प्राप्त होता है, तो वेब ब्राउज़र उस IP पते पर संबंधित सर्वर से जुड़ने के लिए एक अनुरोध भेजता है।

सर्वर से पृष्ठ की मांग:

सर्वर उस डोमेन से जुड़े हुए पृष्ठ को खोजता है और उसे उपयोगकर्ता की वेब ब्राउज़र को भेजता है।

पृष्ठ का प्रदर्शन:

वेब ब्राउज़र उपयोगकर्ता को स्वरूपित वेब पृष्ठ को प्रदर्शित करता है, जिसमें टेक्स्ट, छवियाँ, लिंक, और अन्य ऑब्जेक्ट्स हो सकते हैं।

इंटरैक्शन और नेविगेशन:

उपयोगकर्ता वेब पृष्ठों के बीच नेविगेट करता है, लिंक पर क्लिक करता है और इंटरैक्टिव तत्वों का उपयोग करता है। इसमें उपयोगकर्ता के अनुरोधों के अनुसार नए अनुरोध भेजने और उत्तर प्राप्त करने की प्रक्रिया शामिल है।

इस प्रक्रिया के माध्यम से, वर्ल्ड वाइड वेब उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट पर जानकारी पहुंचाने की सुविधा प्रदान करता है, और विभिन्न वेबसाइट्स और सेवाओं के बीच संवाद को संभालने में मदद करता है।

WWW की विशेषताएं

Characteristics of WWW in Hindi

वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) कई विशेषताएं हैं जो इसे एक अद्वितीय और प्रभावी साधन बनाते हैं। तो चलिये WWW की मुख्य विशेषताएं को जानते हैं:-

सुरक्षित पहुंच (Universal Accessibility): WWW विश्वभर में सुरक्षित और साधनीय पहुंच प्रदान करता है, जिससे लोग विभिन्न भाषाओं, स्थानों और कंप्यूटर उपकरणों का उपयोग करके इसका उपयोग कर सकते हैं।

विश्वव्यापी जनसंख्या को जोड़ना:- WWW के माध्यम से लोग विश्वभर में अन्य लोगों, संस्थानों, और सामग्रियों से जुड़ सकते हैं और विचार विनिमय कर सकते हैं।

मल्टीमीडिया सामग्री:- WWW विभिन्न प्रकार की सामग्रियों को समर्थित करता है, जैसे कि टेक्स्ट, छवियाँ, ग्राफिक्स, ऑडियो, और वीडियो।

हाइपरटेक्स्ट और हाइपरलिंक्स:- इसमें हाइपरटेक्स्ट और हाइपरलिंक्स का उपयोग किया जाता है, जिससे उपयोगकर्ता एक पृष्ठ से दूसरे पृष्ठ पर जा सकता है।

खोजक्षमता (Searchability): वेब पर यहां रक्षित सामग्री की विस्तार से खोज करने की सुविधा है, जिससे उपयोगकर्ताएं विशिष्ट जानकारी तक पहुंच सकती हैं।

इंटरएक्टिविटी:- वेब उपयोगकर्ताओं को साइट्स, एप्लिकेशन्स, और ऑनलाइन सेवाओं के साथ संवाद करने की अनुमति देता है, जिससे उपयोगकर्ता इंटरैक्टिविटी का आनंद ले सकते हैं।

स्टैंडार्डाइजेशन:- वेब डिज़ाइन, डेवेलपमेंट, और पूर्वनिर्धारित निर्माण की मानकीकृत प्रक्रिया वेब स्टैंडार्ड्स के माध्यम से संचालित होती है, जिससे विभिन्न उपयोगकर्ता तंतुओं के लिए एक सामान्य अनुभव बनाए रखने में मदद मिलती है।

वेब ब्राउज़र्स और डिवाइसों का समर्थन:- WWW विभिन्न वेब ब्राउज़र्स, ऑपरेटिंग सिस्टम्स, और डिवाइसों पर समर्थित है, जिससे उपयोगकर्ताएं विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर इसका उपयोग कर सकती हैं।

डेटा सुरक्षा और गोपनीयता:- अधिकांश वेब साइट्स और सेवाएं डेटा सुरक्षा और गोपनीयता की दिशा में उच्च मानकों का पालन करती हैं, ताकि उपयोगकर्ताओं की जानकारी सुरक्षित रहे।

इन विशेषताओं के साथ WWW ने सारे विश्व को एक सूत्र के रूप में जोड़ा है और उपयोगकर्ताओं को विश्व भर में जानकारी साझा करने का एक सुविधाजनक साधन प्रदान करता है।

वर्ल्ड वाइड वेब के उपयोग

Uses of the WWW in Hindi

वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है और इसने समाज, व्यापार, शिक्षा, साहित्य, संविदानिक संगठन, और अन्य क्षेत्रों में कई तरीकों से जीवन को सुधारा है। तो चलिये WWW के उपयोग को जानते है:-

जानकारी पहुंचाना और शोध:- लोग विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त करने के लिए WWW का उपयोग करते हैं। यह शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, साहित्य, इतिहास, और और भी कई क्षेत्रों में लोगों को जानकारी प्रदान करता है।

ऑनलाइन व्यापार और विपणी:- वर्ल्ड वाइड वेब ने व्यापार को एक नए स्तर पर ले जाया है। लोग ऑनलाइन खरीददारी और बिक्री करने के लिए विभिन्न ई-कॉमर्स साइट्स का उपयोग करते हैं।

सामाजिक माध्यम और संवाद:- वेब के माध्यम से लोग एक दूसरे के साथ जुड़ सकते हैं, साझा कर सकते हैं, और विभिन्न सामाजिक माध्यमों का उपयोग करके संवाद कर सकते हैं।

शिक्षा और विद्यार्थी संबंध:- विद्यार्थी और शिक्षार्थी ऑनलाइन पाठ्यक्रम, समर्पित शिक्षा प्लेटफ़ॉर्म, और अन्य विद्या संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं।

नौकरी और करियर:- लोग ऑनलाइन नौकरी पोर्टल्स, लर्निंग साइट्स, और व्यापारिक नेटवर्किंग साइट्स का उपयोग करके नौकरी खोजते हैं और करियर के लिए संबंधित जानकारी प्राप्त करते हैं।

साहित्य, कला, और मनोरंजन:- लोग ऑनलाइन साहित्य, चित्रकला, संगीत, फिल्म, और अन्य मनोरंजन सामग्री से जुड़ सकते हैं।

सरकारी सेवाएं और जनसेवा:- सरकारें और अन्य संगठन लोगों को विभिन्न सेवाएं प्रदान करने के लिए वेब का उपयोग करते हैं, जैसे कि ऑनलाइन आवेदन, जनसेवा सूचना, और अन्य।

साइबर सुरक्षा:- लोग ऑनलाइन सुरक्षा और गोपनीयता के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता हासिल करने के लिए वेब का उपयोग कर सकते हैं।

इन तरीकों से WWW ने समृद्धि, शिक्षा, सामाजिक जुड़ाव, और विविधता में वृद्धि को प्रोत्साहित किया है और लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में सुधार करने में मदद की है।

WWW के फायदे

Advantage of WWW in Hindi

“WWW” यानी World Wide Web, इंटरनेट पर जो विश्वभर में जुड़ी गई जानकारी का एक बड़ा जाल है। तो चलिये WWW के फायदे को जानते है:-

सूचना पहुंचाने का साधन:- WWW के माध्यम से हम आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी विषय पर जानकारी प्राप्त करना तब से आसान हो गया है।

विश्वसनीयता और समझदारी:- इंटरनेट पर से जानकारी प्राप्त करके लोग विभिन्न विषयों में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उनकी विश्वसनीयता बढ़ती है और वे समझदार होते हैं।

शिक्षा:- ऑनलाइन शिक्षा उपलब्धता के कारण, लोग घर बैठे ही नए ज्ञान को प्राप्त कर सकते हैं।

ऑनलाइन खरीदारी और सेवाएं:- इंटरनेट के माध्यम से हम आसानी से ऑनलाइन खरीदारी कर सकते हैं और विभिन्न सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।

संवाद और सामाजिक संबंध:- वेब के माध्यम से हम विभिन्न लोगों से जुड़ सकते हैं, साझा कर सकते हैं और संवाद कर सकते हैं, जिससे समाजिक संबंध बनते हैं।

करियर और व्यापार के लिए अवसर:- इंटरनेट के माध्यम से लोग अपने करियर और व्यापार को बढ़ावा दे सकते हैं।

सरकारी सेवाएं:- अब बहुत सी सरकारी सेवाएं भी ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को सरकारी कामों में आसानी हो रही है।

मनोरंजन:- इंटरनेट पर विभिन्न प्रकार के मनोरंजन का स्रोत है, जैसे कि गेमिंग, ऑनलाइन वीडियो, म्यूजिक, और फिल्में।

विज्ञान और अनुसंधान:- अनुसंधान के क्षेत्र में भी वेब एक महत्वपूर्ण साधन है जिससे वैज्ञानिकों और अनुसंधानकर्ताओं को नवीनतम जानकारी प्राप्त होती है।

तो डबल्यू डबल्यू डबल्यू के कुछ फायदे हमने आपको यहा बताया, और इसके अलावा इसका उपयोग व्यक्ति के आवश्यकताओं और उद्देश्यों के आधार पर बदल सकता है।

WWW के नुकसान

Disadvantage of WWW in Hindi

हर चीज के दो पहलू होते है, तो चलिये World Wide Web (WWW) के साथ-साथ कई फायदों के साथ-साथ कुछ नुकसान भी जुड़े हैं, जिन्हे अब जानते है:-

सुरक्षा की समस्याएं:- इंटरनेट पर जानकारी को सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण है। कई बार ऑनलाइन सुरक्षा घातक समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि हैकिंग, ऑनलाइन फिशिंग, और वायरस।

गोपनीयता समस्याएं:- ऑनलाइन गतिविधियों की वजह से व्यक्तिगत जानकारी का गुप्त रखना कठिन हो सकता है। व्यक्तिगत जानकारी की चोरी और ऑनलाइन ट्रैकिंग के माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है।

अवैध और अस्वीकृत सामग्री:- इंटरनेट पर बहुत सी अवैध और अस्वीकृत सामग्री हो सकती है, जिससे युवा या संविदानशील व्यक्ति को प्रभावित किया जा सकता है।

ऑनलाइन बुलींग और उत्पीड़न:- ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग बुलींग और उत्पीड़न के लिए भी हो सकता है, जिससे लोगों को भावनात्मक और मानवाधिकार की समस्याएं हो सकती हैं।

डिजिटल विभाजन:- इंटरनेट का उपयोग विभिन्न समृद्धि स्तरों और सामाजिक वर्गों के बीच एक डिजिटल विभाजन को बढ़ा सकता है, जिससे सामाजिक समरसता में कमी हो सकती है।

यौन उत्पीड़न और अशिक्षा:- ऑनलाइन माध्यमों का दुरुपयोग यौन उत्पीड़न और अशिक्षा को बढ़ा सकता है, जिससे लोगों को आत्महत्या की स्थिति तक पहुंच सकता है।

सूचना सुरच्छित न होना:- ऑनलाइन जानकारी की सटीकता पर संदेह हो सकता है, क्योंकि कुछ साइटें गलत या असत्यपूर्ण जानकारी प्रदान कर सकती हैं।

ऑनलाइन संभावनाएं और लोकतंत्र:- कुछ लोग विशेष रूप से साइबर आक्रमण और ऑनलाइन संभावनाओं का उपयोग लोकतंत्रिक समाजों को दबा सकते हैं।

तो इस तरह WWW के इन नुकसानों का ध्यान रखकर लोगों को अपनी ऑनलाइन गतिविधियों को सुरक्षित रखने के लिए सावधान रहना चाहिए।

इंटरनेट और WWW में अंतर

Difference between Internet and WWW in Hindi

इंटरनेट (Internet) और वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web – WWW) दोनों ही डिजिटल तकनीकी शब्द हैं, लेकिन इनमें थोड़ा सा अंतर है। तो चलिये इंटरनेट और WWW में अंतर को जानते है :-

इंटरनेट (Internet):

परिभाषा: इंटरनेट एक गोलबंदर नेटवर्क है जो विश्वभर के कई नेटवर्क को एक साथ जोड़ता है। यह एक संगीत साधन है जिसमें अनेक संबंधित नेटवर्क, सर्वर, रूटर, स्विच, और अन्य उपकरण शामिल होते हैं।

कार्य: इंटरनेट का मुख्य उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना, संबंध स्थापित करना, डेटा साझा करना और विभिन्न सेवाएं प्रदान करना है।

प्रोटोकॉल: इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP) इंटरनेट का मुख्य प्रोटोकॉल है जो डेटा को नेटवर्क के बीच संचारित करता है।

वर्ल्ड वाइड वेब (WWW):

परिभाषा: वर्ल्ड वाइड वेब एक ऐसा हिस्सा है जो इंटरनेट पर सामग्री (जैसे कि वेबसाइट, वेब पृष्ठ, ग्राफिक्स, और अन्य संबंधित चीजें) को प्रदान करता है और जिसे आमतौर पर वेब कहा जाता है।

कार्य: WWW एक इंटरफेस है जिससे इंटरनेट उपयोगकर्ता वेबसाइट्स पर से सामग्री ब्राउज़ कर सकते हैं और इंटरनेट पर जानकारी को साझा कर सकते हैं।

प्रोटोकॉल: HTTP (हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल) और HTTPS (हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल सुरक्षित) जैसे प्रोटोकॉल्स WWW के लिए उपयोग होते हैं।

मुख्य अंतर:

इंटरनेट एक बड़ा नेटवर्क है जो विभिन्न नेटवर्कों को जोड़ता है, जबकि WWW एक इंटरनेट उपयोगकर्ता के लिए सामग्री और सेवाएं प्रदान करता है।

इंटरनेट नेटवर्क का एक हिस्सा है, जबकि WWW इसमें विशेष रूप से डेटा को संगठित और प्रदान करने का कार्य करता है।

इंटरनेट उपयोगकर्ता कई प्रकार की सेवाओं (जैसे कि ईमेल, फाइल साझा करना, चैट, आदि) का उपयोग कर सकते हैं, जबकि WWW विशेष रूप से वेब साइट्स और वेब ऐप्लिकेशन्स के माध्यम से सामग्री प्रदान करता है।

इस तरह, इंटरनेट और WWW दोनों ही एक दूसरे के साथ जुड़े हैं, लेकिन वे अलग-अलग कार्यों के लिए होते हैं और उनका उपयोग भिन्न तरीकों से होता है।

WWW से सम्बंधित सामान्य प्रश्न और उनके उत्तर

Question & Answer of WWW in Hindi (FAQs)

तो चलिये WWW से सम्बंधित सामान्य प्रश्न और उनके उत्तर (FAQs) को जानते है :-

WWW का मतलब क्या है

WWW का मतलब है World Wide Web, जो इंटरनेट पर जानकारी को साझा करने और पहुंचाने के लिए एक माध्यम है।

WWW किसने बनाया था

WWW को तिम बर्नर्स-ली (Tim Berners-Lee) ने 1989 में बनाया था।

WWW कैसे काम करता है?

WWW एक इंटरफेस है जो इंटरनेट उपयोगकर्ता को वेबसाइट्स और वेब पेज्स तक पहुंचने की अनुमति देता है। इसमें हाइपरटेक्स्ट, हाइपरलिंक्स, और वेब ब्राउज़र्स का उपयोग होता है।

HTTP और HTTPS में अंतर क्या है?

HTTP (Hypertext Transfer Protocol) वेब पेज्स के डेटा को संचारित करने के लिए एक प्रोटोकॉल है, जबकि HTTPS (Hypertext Transfer Protocol Secure) सुरक्षित संबंध की सुरक्षा के लिए एक और सुरक्षित संस्करण है।

वेबसाइट और वेब पेज में अंतर क्या है?

एक वेबसाइट एक ऑनलाइन प्रासंगिक (container) है जिसमें विभिन्न वेब पेज्स हो सकते हैं। वेब पेज एक एकल पृष्ठ है जो विशिष्ट जानकारी, मल्टीमीडिया आदि को प्रदान करता है।

वेब ब्राउज़र क्या है?

वेब ब्राउज़र एक सॉफ़्टवेयर ऐप्लिकेशन है जो इंटरनेट से जुड़े डेटा को डिस्प्ले करने और वेबसाइट्स तक पहुंचने की सुविधा प्रदान करता है, जैसे कि Google Chrome, Mozilla Firefox, Safari, आदि।

हाइपरटेक्स्ट और हाइपरलिंक्स क्या हैं?

हाइपरटेक्स्ट एक टेक्स्ट प्रौद्योगिकी है जिसमें आप अन्य दस्तावेज़ और वेब पेज्स के साथ जुड़े होते हैं। हाइपरलिंक्स एक वेब पेज से दूसरे पेज पर जाने की अनुमति देने वाले टेक्स्ट या चित्र होते हैं।

वेब 2.0 क्या है?

वेब 2.0 एक विकास की दिशा है जिसमें इंटरनेट उपयोगकर्ता सामाजिक मीडिया, इंटरएक्टिव वेबसाइट्स, और उपयोगकर्ता जनरेटेड सामग्री को बढ़ावा देता है।

कुकीज़ (Cookies) क्या हैं?

कुकीज़ वेब ब्राउज़र में रखी जाने वाली छोटी टेक्स्ट फ़ाइलें हैं जो वेबसाइट्स द्वारा उपयोगकर्ता की गतिविधियों को याद रखने के लिए बनाई जाती हैं।

वेबसाइट की डिज़ाइन में क्या भूमिका है?

वेबसाइट की डिज़ाइन में रंग, लेआउट, ग्राफिक्स, और उपयोगकर्ता अनुभव शामिल होता है, जो एक अच्छी उपयोगकर्ता अनुभव सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

WWW से आप क्या समझते हैं

World Wide Web (WWW) को एक गणराज्यी साझा करने और पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल माध्यम के रूप में समझता हूँ। यह एक बड़ा जाल है जिसमें विभिन्न वेबसाइट्स, वेब पृष्ठ, और मल्टीमीडिया सामग्री संग्रहित होती हैं और उपयोगकर्ताओं को इस जानकारी तक पहुंचने का साधन प्रदान करता है।

WWW ने इंटरनेट को आम जनता के लिए एक सरल, सुलभ, और सुविधाजनक तरीके से एक विशेष प्रकार का विश्वसनीय माध्यम बना दिया है जिससे लोग विभिन्न भूमिकाओं में जुड़ सकते हैं,

जैसे कि शिक्षा, व्यापार, मनोरंजन, सूचना, और अधिक। हाइपरटेक्स्ट, हाइपरलिंक्स, और वेब ब्राउज़र्स के माध्यम से यह इंटरफेस उपयोगकर्ताओं को अन्य जानकारी तक ले जाने की सुविधा प्रदान करता है।

WWW का उपयोग आजकल लोगों को ऑनलाइन खरीदारी, शिक्षा, सोशल मीडिया, और कई अन्य क्षेत्रों में करने में मदद करता है और इसने जगह-जगह जानकारी के पहुंचने को बढ़ा दिया है।

निष्कर्ष :-

तो हमने इस पोस्ट मे वर्ल्ड वाइड वेब क्या है कैसे काम करता है इसके घटक, इतिहास क्या है इसका उपयोग फायदे और नुकसान सभी के बारे मे विस्तार से जान गए है, तो ऐसे मे आपको यह वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) की जानकारी कैसा लगा, कमेंट बॉक्स मे जरूर बताए और इस जानकारी को लोगो के साथ शेयर भी जरूर करे, और यदि वर्ल्ड वाइड वेब क्या से जुड़े आपके मन मे कोई सवाल है, तो हमसे बॉक्स मे जरूर पूछ सकते है।

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