Comfort Zone से निकलिये रास्ते खुद बन जाएगे Motivational Story Hindi Kahani

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जीवन मे लोग अक्सर लोग बने बनाए रास्ते पर चलते है, जिसमे जीवन एक तरह से एक मोड़ से शुरू होकर दूसरे मोड़ तक पहुचते ही खत्म हो जाती है, और इंसान जीवन के इन रास्तो मे खुद को इतना ढाल लेता है की अगर थोड़ी सी इन रास्तो के बीच कठिनाइया आती है, तो चलते पैर डगमगाने लगते है, चारो तरफ निराशा और अंधकार जैसा माहौल हो जाता है, ऐसे मे तब इंसान को जाकर पता लगता है, की वह खुद को तो Comfort Zone मे इस तरह से स्थापित कर लिया है, की वह खुद को उस स्थिति के बारे मे कल्पना भी नही किया है, जिस कारण से उसका यही Comfort Zone उसके आगे बढ़ने के मार्ग मे रुकावट बनता चला जाता है,

तो वर्तमान की परिस्थितियो को देखते हुए आज एक ऐसे छोटी से Short Motivational Story यानि प्रेरणा देने वाली हिन्दी कहानी बताने जा रहे है, जिससे हम काफी कुछ सीख सकते है, तो चलिये इस प्रेरणा देने वाली Hindi Kahani Comfort Zone से निकलिये रास्ते खुद बन जाएगे Motivational Story in Hindi को जानते है।

Comfort Zone से निकलिये रास्ते खुद बन जाएगे Motivational Story Hindi Kahani

Hindi Kahani Come out with Comfort Zone Motivational Story in Hindiजो हम यह कहानी आज के हालात पर आधारित है, की किस तरह से एक महामारी ने पूरी दुनिया के सिस्टम को बदलकर रख दिया है, लाखो, करोड़ो लोग शहर से मजबूरन गाँव की तरफ पलायन करना पड़ा था, लाखो को अपनी नौकरी गवानी पड़ी, तो चलिये इन्ही तमाम परिस्थितियो को देखते हुए इस Hindi Kahani Comfort Zone से निकलिये रास्ते खुद बन जाएगे Motivational Story को अब जानते है,

हाल के दिनो मे महामारी से उत्पन्न हुई तमाम तरह चीजों के बीच लोगो के बीच उनके सबसे ज्यादा रोजगार छिन गए है, जरा सोचिए एक कमाने वाला व्यक्ति बिना रोजगार के घर बैठना पड़े, तो उसके सहारे जीने वाले उसके परिवार के लोग रोटी के खाने भी लाले पड़ जाये, ऐसी हालात होने पर ऐसे उस व्यक्ति को दिन मे ही तारे और अंधकार नजर आने लगता है,

यह एक ऐसे शहर की घटना है, जिसमे उत्पन्न महामारी के चलते एक व्यक्ति जो की बैंक मे अच्छे पोस्ट पर कार्यरत था, जिसकी पढ़ाई भी मास्टर ग्रेजुएट के साथ पूरी हुई हो, और वह बैंक मे जो की 40000 हजार से अधिक मासिक आय पर कार्यरत था, उसकी भी नौकरी महामारी के चलते बाजार मे काम न होने से चली गयी, पूरे सम्पूर्ण विश्व मे लॉकडाउन लगा था, तो ऐसे मे रखे पैसे से ही दो चार महीने से गुजारा चला रहा था,

फिर लॉकडाउन हटने के पश्चात उस व्यक्ति ने फिर से नौकरी की तलाश मे निकल पड़ा, लेकिन मार्केट मे काम ना होने से कही भी काम नहीं मिल रहा था, सुबह काम की तलाश मे वह व्यक्ति निकलता और शाम थक हारकर वापस घर चला आता,

उस व्यक्ति के घर मे उसके छोटे छोटे बच्चे, बूढ़े माँ, बाप, पति, पत्नी सबकी रोजी रोटी के कमाई का वही जरिया था, जिसके रखे पैसे अब वक्त के साथ धीरे धीरे खतम होने लगे थे,

एक तरफ जहा उसके कमाए पैसे खत्म हो रहे है, वही दूसरी तरफ उसे काम न मिलने से उसका हिम्मत भी जवाब देने लगा था यू मानो ऐसे लगने लगा था, की अब तो उसके लिए दुनिया के सारे रास्ते बंद हो चुके थे,

लेकिन फिर भी वह हिम्मत जुटाता, फिर अगले दिन फिर से काम की तलाश मे निकल जाता था, फिर शाम तक वही रिज़ल्ट बिना काम मिले घर लौट आता था,

धीरे धीरे बीतते वक्त के साथ उसके हिम्मत ने भी जवाब देना शुरू कर दिया था, लेकिन उसके जीवन मे यही वक्त टर्निंग पॉइंट साबित होने लगा, बस अब उसकी सोंच मे परिवर्तन आ गया, अब खुद को हाइ लेवल की पढ़ाई का जो चादर ओड़ लिया था, उस Comfort Zone से वह खुद को बाहर निकाल लिया, अब वह हर कार्य करने के लिए तैयार हो गया, जिससे उसके घर चलाने के बेसिक खर्चे और जरूरते पूरी हो सकती है,

फिर वह इसी बदले सोच के साथ अगले दिन काम की तलाश मे निकल पड़ा, और उसने यह निर्णय लिया की भले ही वह मास्टर ग्रेजुएट की पढ़ाई किया है, लेकिन वह घर को चलाने के लिए वक्त के इस बदलते दौर मे वह हेल्पर की भी नौकरी कर लेगा, और इसी सोच के साथ एक कंपनी मे हेल्पर के जॉब के लिए चला गया,

जहा पर उसे जब कंपनी के लोगो ने हेल्पर की जॉब के लिए देखा, तो उसके पढ़ाई कितना किया है, पहले भी कही काम किया है, ऐसे तमाम तरह के प्रश्न पूछे गए, जहा पर उसने बीते हुए कल के बारे मे पूरी सच्चाई से बता दिया।

अब देखिये पहले तो उस व्यक्ति ने खुद को Comfort Zone से निकालकर कोई भी काम जो की छोटा या बड़ा नही होता, इसको करने के लिए तैयार हो गया, फिर यही से उसके किस्मत ने भी रंग बदलना शुरू किया, और फिर उसी कंपनी के लोगो ने दरियादिली दिखाते हुए समय की आवश्यकता और उसके काम के प्रति समर्पण को देखते हुए उसे कंपनी के अच्छे पद के लिए रख लिया और साथ मे उसे पिछले कंपनी की तुलना मे थोड़ा कम सैलरी देने के लिए भी राजी हो गए, इस तरह उस व्यक्ति ने अपने आप को खुद Comfort Zone से बाहर निकाला, जीवन मे उसके आगे बढ़ने के रास्ते अपने आप खुल गए।

कहानी से सीख :-

जरा सोचिए, अगर वह व्यक्ति ने समय रहते वह निर्णय नही ले पाता, तो नौकरी की तलाश मे भटकता ही रहता, और परिस्थितिया और विषम हो सकती है, तो ऐसे मे वर्तमान को देखते हुए इस कहानी से हमे यही शिक्षा मिलती है, की यदि खुद को Comfort Zone से निकालते है, तो जीवन मे आगे बढ़ने के लिए आगे के रास्ते खुद से बन जाते है। तो इस कहानी से हम क्या सीख ले सकते है, अब नीचे जानते है :-

1 :- कभी भी हमे अपने जीवन मे कमाई का एक ही रास्ता पर नही चलना चाहिए, क्या पता कब वह कमाई का रास्ता बंद हो जाए, इसलिए हमे कमाई के लिए विभिन्न श्रोत्र बनाना चाहिए, जो की यही अलग अलग कमायी के जरिये हमारी जीवन की राहो को आसान बनाते है।

2 :- कभी भी खुद को Comfort Zone मे नहीं रखना चाहिए, हमे खुद को ऐसा बनाना चाहिए, समय और परिस्थिति को देखते हुए कभी भी किसी दूसरे रास्ते पर चलने के लिए भी तैयार होना चाहिये।

3 :- कोई भी काम छोटा या बड़ा नही होता, किसी भी कार्य को करने मे हमे हीनता नही होनी चाहिए, अगर वक्त की मांग है तो हमे छोटे से छोटा भी कार्य कर लेना चाहिए, क्यूकी जहा कुछ नही वहा थोड़ा ही सही, वो कहते है, न बैठे से बेगारी ही सही, कुछ सीखने को मिलेगा ही।

4 :- परिस्थितिया चाहे जैसी भी हो, कभी भी हिम्मत नही हारना चाहिए, अगर हिम्मत गवाते है तो सबकुछ गंवा देते है।

तो आप सभी को यह Hindi Kahani Comfort Zone से निकलिये रास्ते खुद बन जाएगे Motivational Story in Hindi कैसा लगा, कमेंट मे जरूर बताए और वर्तमान हालात को देखते हुए इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा शेयर भी जरूर करे।

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