HomeAnmol Vachanगणेश जी के स्तुति के लिए गणेश चतुर्थी के श्लोक और मंत्र

गणेश जी के स्तुति के लिए गणेश चतुर्थी के श्लोक और मंत्र

Ganesh Chaturthi Slokas Mantra In Hindi

गणेश चतुर्थी के श्लोक और मंत्र 

गणेश चतुर्थी भगवन गणेश के जनमोत्स्व का त्यौहार है, जो की हिंदी कैलेंडर के भाद्प्रद महीने के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी दिन से मनाया जाता है जिसे गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है और यह त्यौहार चतुर्थी से शुरू होकर अगले 10 दिन यानी चतुर्दशी तक मनाया जाता है जिसे अनंत चतुर्दशी भी कहा जाता है।

तो आईये इस गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर के लिए गणेश चतुर्थी के श्लोक, Ganesh Chaturthi Slokas Mantra in Hindi Sanskrit और मंत्र आप लोगो के लिए शेयर कर रहे है, जिसे आप इस गणेश चतुर्थी के लिए शेयर कर सकते है।

गणेश चतुर्थी के श्लोक और मंत्र

Ganesh Chaturthi Slokas Mantra in Hindi Sanskrit

Ganesh Chaturthi Slokas Mantra in Hindi SanskritGanesh Slokas Mantra :-

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

हिंदी अर्थ :-

घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर काय, करोड़ सूर्य के समान महान प्रतिभाशाली, मेरे प्रभु, हमेशा मेरे सारे कार्य बिना विघ्न के पूरे करें (करने की कृपा करें)॥

Ganesh Slokas Mantra :-

एकदन्तं महाकायं लम्बोदरगजाननम्ं। विध्ननाशकरं देवं हेरम्बं प्रणमाम्यहम्॥

हिंदी अर्थ :-

जो एक दाँत से सुशोभित हैं, विशाल शरीरवाले हैं, लम्बोदर हैं, गजानन हैं तथा जो विघ्नोंके विनाशकर्ता हैं, मैं उन दिव्य भगवान् हेरम्बको प्रणाम करता हूँ ।

Ganesh Slokas Mantra :-

विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लम्बोदराय सकलाय जगद्धितायं। नागाननाय श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥

हिंदी अर्थ :-

विघ्नेश्वर, वर देनेवाले, देवताओं को प्रिय, लम्बोदर, कलाओंसे परिपूर्ण, जगत् का हित करनेवाले, गजके समान मुखवाले और वेद तथा यज्ञ से विभूषित पार्वतीपुत्र को नमस्कार है ; हे गणनाथ ! आपको नमस्कार है ।

Ganesh Slokas Mantra Vandana Mantra in Hindi Sanskrit

गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारु भक्षणम्ं। उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥

हिंदी अर्थ :-

जो हाथी के समान मुख वाले हैं, भूतगणादिसे सदा सेवित रहते हैं, कैथ तथा जामुन फल जिनके लिए प्रिय भोज्य हैं, पार्वती के पुत्र हैं तथा जो प्राणियों के शोक का विनाश करनेवाले हैं, उन विघ्नेश्वर के चरणकमलों में नमस्कार करता हुँ।

Ganesh Slokas Mantra :-

रक्ष रक्ष गणाध्यक्ष रक्ष त्रैलोक्यरक्षकं। भक्तानामभयं कर्ता त्राता भव भवार्णवात्॥

हिंदी अर्थ :-

हे गणाध्यक्ष रक्षा कीजिए, रक्षा कीजिये । हे तीनों लोकों के रक्षक! रक्षा कीजिए; आप भक्तों को अभय प्रदान करनेवाले हैं, भवसागर से मेरी रक्षा कीजिये ।

गणेश चतुर्थी के श्लोक वंदना और मंत्र

Ganesh Slokas Mantra :-

केयूरिणं हारकिरीटजुष्टं चतुर्भुजं पाशवराभयानिं। सृणिं वहन्तं गणपं त्रिनेत्रं सचामरस्त्रीयुगलेन युक्तम्॥

हिंदी अर्थ :-

मैं उन भगवान् गणपतिकी वन्दना करता हूँ जो केयूर-हार-किरीट आदि आभूषणों से सुसज्जित हैं, चतुर्भुज हैं और अपने चार हाथों में पाशा अंकुश-वर और अभय मुद्रा को धारण करते हैं, जो तीन नेत्रों वाले हैं, जिन्हें दो स्त्रियाँ चँवर डुलाती रहती हैं ।

 

Ganesh Slokas Mantra :-

अभिप्रेतार्थसिद्ध्यर्थं पूजितो यः सुरासुरैः ।

सर्वविघ्नच्छिदे तस्मै गणाधिपतये नमः ॥

हिंदी अर्थ :-

मन से विचारित (मनोवांछित) कार्य की सफलता के निमित्त जिन गणेशजी का पूजन सुरों (देवताओं) एवं असुरों (राक्षसों) के द्वारा किया जाता है, सभी विघ्नों के छेदन करने वाले उन विघ्न-विनाशक गणाधिपति (गणेश) देव के प्रति मैं नमन करता हूं । गणेश (= गण+ईश) को भगवान् शिव के गणों (अनुचरों) का अधिपति या स्वामी कहा जाता है ।

Ganesh Slokas Mantra :-

यतो बुद्धिरज्ञाननाशो मुमुक्षोः यतः सम्पदो भक्तसन्तोषिकाः स्युः ।

यतो विघ्ननाशो यतः कार्यसिद्धिः सदा तं गणेशं नमामो भजामः

हिंदी अर्थ :-

जिनकी कृपा से मोक्ष की इच्छा रखने वालों की अज्ञानमय बुद्धि का नाश होता है, जिनसे भक्तों को संतोष पहुंचाने वाली संपदाएं प्राप्त होती हैं, जिनसे विघ्न-बाधाएं दूर हो जाती हैं और कार्य में सफलता मिलती है, ऐसे गणेश जी का हम सदैव नमन करते हैं, उनका भजन करते हैं ।

Ganesh Slokas Mantra :-

मूषिकवाहन् मोदकहस्त चामरकर्ण विलम्बित सूत्र । वामनरूप महेश्वरपुत्र विघ्नविनायक पाद नमस्ते ॥

हिंदी अर्थ :-

हे भगवान जिनका वाहन चूहा है, जिनके हाथ में मोदक (लड्डू) है, जिनके कान बड़े पन्खों की समान हैं, और जो पवित्र धागा धारण किए हुए हैं। जिनका रूप छोटा तथा जो महेश्वर के पुत्र हैं, जो सभी विघ्नों को हरने वाले हैं, मैं आपके चर्णों में वन्दना करता हूँ।

Ganesh Chaturthi Slokas Mantra in Hindi Sanskrit

Ganesh Slokas Mantra :-

शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजम् । प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥

हिंदी अर्थ :-

सभी विघ्नों को हटाने के लिए, श्वेत कपड़े पहने भगवान गणेश का ध्यान करना चाहिए जिनका वर्ण चन्द्रमा का सा है, जिनकी चार भुजाएं हैं, तथा जो प्रसन्न रहते हैं।

शेयर करे

RELATED ARTICLES

3 COMMENTS

  1. बहुत सुंदर पोस्ट लिखते हैं भाई। पढ़कर काफी आनंदित हुआ।

  2. Ganesha Shloka of Ganpati Shloka in Hindi are well explained. when i was child i was know the shloka but not know meaning. Thanks for sharing your knowledge with us.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here