सावन माह का महत्व और शिव पूजा पर विशेष निबन्ध Sawan Shiv Puja Essay

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हिन्दू धर्म के पौराणिक मान्यताओं के आधार पर भारत भूमि सदैव से देवो की भूमि रहा है हिन्दू धर्म के मान्यताओं के आधार पर यहा पर समय समय अनेक देवी देवताओ ने जन्म लेकर और अपने कर्म से इस धरती को धन्य किया है जिस कारण से पौराणिक महत्व से हिन्दू धर्म में हर दिन, माह का अपना विशेष महत्व है और इन्ही कारणों से सावन महिना का अपना विशेष महत्व है,

सावन मास का महत्व और भगवान शिव की पूजा

Savan Month Ka Mahatva Aur Savan Ka Mahina Shiv Puja

तो चलिए इस सावन महीने के महत्व और शिव पूजन के बारे में जानते है

हिन्दू धर्म में सावन मास

Month of Savan in Hindu religion in Hindi

Savan Month Shiv Puja

एक तरफ जहा सावन के मास के आने से पहले ही वर्षा ऋतू का आगमन हो जाता है जिस कारण से लोगो की तपती गर्मी से निजात मिलने लगती है और दूसरी तरफ सुखी वीरान पड़ी धरती बारिश के बूंदों के पड़ते ही अपने ऊपर हरियाली की चादर ओढ़ने लगती है जिससे समूचा जगत मनमोहक और सुकून देने वाला होता है और चारो तरफ हरियाली को देखने से मन प्रफुल्लित हो जाता है.

और ऐसे में समाज के हर तबके फिर एक नई उर्जा के साथ अपने कार्यो में लग जाते है एक तरफ जहा विद्यार्थियों के फिर से स्कूल खुलते है और हरियाली और वर्षा किसानो के लिए फिर से अन्न पैदा करने के लिए एक नई आशा लेकर आती है तो दूसरी तरफ सावन माह के आने से फिर से हिन्दू धर्म के धार्मिक त्योहारों का फिर से आगमन हो जाता है जिससे व्यापार के नये अवसर भी लाते है यानी सावन महीना साल के 6 महीने बीतने के बाद भले ही आते है लेकिन ये मास पूरे साल के लिए एक नया लेखा जोखा तैयार कर देते है जिस कारण से इस मास से फिर लोग अपने नये कार्यो की शुरुआत करते हुए फिर लग अपने कार्यो में लग जाते है.

सावन माह का महत्व

Importance of Savan Month in Hindu religion in Hindi | Savan Maah ka Mahatva

चुकी जैसा की हम सभी जानते है की सावन माह के आते ही बरसात का आगमन हो जाता है जिससे किसानो के लिए यह महिना खेती की हिसाब से वरदान माना जाता है अगर इस धरती पर वर्षा ही न हो तो फिर जीवन का अस्तित्व ही खतरे में आ जायेगा ऐसे में इस धरती पर जीवन रूपी पानी के लिए वर्षा का होना बहुत जरुरी है जो की अर्थव्यवस्था के हिसाब से भी इस महीने का महत्व बढ़ जाता है.

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भले ही अत्यधिक वर्षा से इस महीने में अर्थव्यवस्था पटरी से उतर जाती हो लेकिन यही महीना साल भर की अर्थव्यवस्था कैसा रहेगा तय हो जाती है यानि अगर इस महीने में बारिश ही नही हो तो फिर साल भर अन्न की मारामारी, पानी की किल्लत, सूखे और अत्यधिक गर्मी जैसे अनेक समस्याओ से गुजरना पड़ेगा और अगर बारिश ही नही होगा तो फिर धरती पर अन्न ही पैदा नही होगे तो ऐसे में सारी अर्थव्यवस्था पटरी से उतर जाएगी जिस कारण से इस सावन का सामाजिक, आर्थिक दृष्टि से बहुत अधिक बढ़ जाता है.

सावन माह धार्मिक का महत्व

Importance of Savan Month in Hindu religion in Hindi | Savan Maah ka Mahatva

जैसा की आप सभी सभी सावन महीने के आर्थिक और सामजिक महत्व को जान चुके है अब इस सावन के हिन्दू धर्म के पौराणिक मान्यताओ के आधार पर धार्मिक महत्व को जानते है.

सावन माह में भगवान शिव जी की पूजा का विशेष महत्व होता है क्युकी इस मास में भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से इसे काफी फलदायक माना जाता है धार्मिक महत्व को देखते हुए जैसा की बताया गया है की भगवान शिव अपने नाम के अनुसार काफी भोले है वे जल्द ही अपने भक्तो पर प्रसन्न होते है और सावन के सोमवार का महत्व तो और काफी बढ़ जाता है क्युकी सावन के सोमवार को शिव जी विशेष रूप से पूजन अर्चन किया जाता है.

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सावन मास और भगवान शिव की पूजा

Month of Savan and Shiv Puja in Hindi | Shiv Puja in Savan

सावन महीने में भगवान शिव पूजा का विशेष महत्व होता है इस महीने में 4 सोमवार तो निश्चित ही पड़ते है तो ऐसे में जो लोग पूरे महीने भक्ति के लिए समय नही दे सकते है वे सावन के चारो सोमवार को पुजन अर्चन करके भगवान शिव की कृपा पा सकते है.

सावन के हर सोमवार को भगवान शिव के मंदिरों में सुबह से ही काफी भीड़ देखने की मिलती है और सावन के सुहागिन महिलाये अपने पति की लम्बी आयु खासकर हर सोमवार को व्रत जरुर रखती है जबकि अविवाहित कन्याये भगवान शिव की कृपा से अच्छे वर के लिए भी व्रत रखती है क्युकी सावन के इस महीने में भगवान शिव की कृपा बहुत जल्दी प्राप्त हो जाती है.

इसके अतिरिक्त भारत के प्रसिद्द शिव मंदिरों में लोग गंगाजल लेकर शिव कावर यात्रा करते है जिसमे कावर यात्रा में गंगा जी लोग जल भरकर शिव मंदिरों तक पैदल यात्रा करते है जिनमे भारत के भारत के बाबा बैजनाथ धाम की यात्रा बहुत अत्यधिक प्रसिद्द है जिसमे लगभग 110 किलोमीटर पैदल यात्रा करना होता है जो काफी रोमांचित और सुखद अनुभव वाला यात्रा होता है और कहा जाता है की वही लोग ऐसे यात्रा को कर पाते है जिनपर भगवान शिव की कृपा होती है.

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शिव पूजा क्यों किया जाता है | शिव पूजा का कहानी

Why Shiv Puja Celebrate in Hindi | Shiv Puja Kahani

सावन में शिव पूजा का विशेष महत्व है इस मास में शिव पूजा के पीछे कई धार्मिक कहानिया भी है जो इस प्रकार है.

कहा जाता है जब देवता और दानव मिलकर समुंद्र मंथन किये थे तो उसी समुंद्र मंथन से हलाहल विष निकला था जिसे सृष्टि की रक्षा के लिए विष को वातावरण में मिलने से बचाने के लिए भगवान शिव सबसे आगे आये और उन्होंने इस विष को पी लिया था और इस विष को अपने कंठ के नीचे धारण कर लिया था यानि इस विष की नीचे जाने ही नही दिया था जिस कारण से विष के प्रभाव से भगवान भोले का कंठ नीला पड़ गया था जिस कारण से उनका एक नाम नीलकंठ भी पड़ गया था.

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इसके बाद विष का प्रभाव का ताप शिव जी के ऊपर बढ़ने लगा जिस कारण यह घटना इसी सावन मास में घटा था जिस कारण से शिव जी के ऊपर से विष का प्रभाव कम करने के लिए पूरे महीने घनघोर वर्षा करते रहे, जिस कारण से शिव जी के ऊपर से विष का प्रभाव कुछ कम हुआ लेकिन अत्यधिक वर्षा से सृष्टि को बचाने के लिए भगवान शिव ने अपने मस्तक पर चन्द्र धारण किया,

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जो की चन्द्रमा शीतलता का प्रतिक है भगवान शिव को इससे शीतलता मिली जिस कारण तब से हर वर्ष सावन ने इसी महीने में भगवान शिव को जल चढ़ाने की परम्परा की शुरुआत हुई, जिस कारण से भगवान शिव अपने भक्तो पर जल्दी प्रसन्न होते है.

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तो आप सभी को सावन माह के महत्व और शिव पूजा विधि विधान के महत्व के बारे में दी गयी जानकारी कैसा लगा कमेंट में हमे जरुर बताये और इस पोस्ट को शेयर भी जरुर करे.

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