जीवन का लक्ष्य एक अच्छी कहानी

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Goal of Life Achi Kahani

जीवन के लक्ष्य की Achhi Kahani

अक्सर लोग कहते है हमसे ये नही होगा या इस कार्य को हम नही कर पायेगे ऐसा ऐसा अपने आपको सबके सामने कमजोर साबित करने के बराबर है और ऐसा जो लोग कहते है वे लोग अपनी जीवन के कोई रिस्क लेना ही नही चाहते है क्यूकी जीवन में बिना रिस्क लिए आप कभी भी आगे बढ ही नही सकते है

तो आईए आप को मै एक Achi kahani बता रहां हु जो की हमे हमेसा आगे बढने को प्रेरित करती है.

जीवन के लक्ष्य की उड़ान Achhi Kahani

Achi Kahani

एक लड़का था उसे बचपन से ही अच्छी पुस्तके पढने का शौक था और वह हमेशा विभिन प्रकार की किताबे पढता रहता था लेकीन उसके लड़के की एक आख ख़राब थी जिसके चलते वह जब पुस्तको का अध्ययन करता था तो उसके आखो पर बहुत अधिक जोर पढता था जिसके कारण आगे चलकर उसके आखो में दर्द की शिकायत होने लगी थी और फिर डॉक्टर ने उसे पढने से मना कर दिया और कहा की यदि तुम अपनी दूसरी आख पर ज्यादा जोर दोगे ये आख भी ख़राब हो सकती है लेकीन वह लड़का डॉक्टर की बात नही माना और अपनी पढाई जारी रखा

लेकिन उसके परिवार वाले जब उसको समझाने लगे तो उसने कहा की मै तभी पढना बंद कर सकता हु जब कोई मुझे ये किताबे पढकर सुनाता रहे तो उसके घर वाले तैयार हो गये

तब वह लड़का इसी तरह पढता रहा और उसके घर वालो को जब खाली समय मिलता तब उसे उसके किताबे पढ़कर सुना देते जिससे वह लड़का याद कर लेता

और वह लड़का अपनी दृढ इच्छा के चलते वह अपनी MA की भी परीक्षा भी पास कर लिया और फिर वह लड़का आगे भी नही रुका

और अपनी पढाई जारी रखा और फिर उसने अपने विचार दुसरो की मदद से लिखवाता और फिर जब उसकी लिखी गयी लेख के विषय पुस्तक में छपने लायक हो जाता था तो वह उनको किताबे में छपवा देता था

इस प्रकार उस लडके ने कई महान पुस्तके लिखी जो की जीवन की सकरात्मक पहलु को दर्शाते थे पता है दोस्तों यही लड़का आगे चलकर France के मशहूर दार्शनिक Jya Pal satra के नाम से मशहूर हुआ

कहानी से शिक्षा

तो देखा आपने यदि हमारे मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो हम चाहे कितने ही मजबूर क्यू न हो हम अपनी मंजिल किसी भी हालत में पा लेते है

दोस्तों जैसा की हम सब जानते है की जीवन की दूसरा नाम ही संघर्ष ही है यदि हम सोचे हमे बिना कुछ किये हुए ही सबकुछ मिल ऐसा होना कदापि संभव नही है

लोग अक्सर बड़ी आसानी से कह देते है की हमारे पास शक्ति या इतना समय नही है की हम इस कार्य को करे लेकिन दोस्तों क्या आप ने सोचा की जो लोग इतना अपने शरीर से अक्षम होते हुए भी बड़े बड़े मुकाम हासिल कर लेते है तो हम शरीर से हस्ट पुष्ट होते हुए भी क्यू बहाने बनाते है

ऐसा इसलिए होता है या तो हम उस काम को करना ही चाहते है या उस काम को करने से से होने वाले होने वाले फायदे और नुकसान का तर्क पहले से ही लगाने लगते है जबकि आप कोई भी कार्य की पूरी प्लानिंग के साथ करेगे तो निश्चित ही सफलता आपको ही मिलेगी

पता है जितने भी महान लोग हुए है वे शुरू में बहुत ही कमजोर हुए है या उनका बचपन बहुत ही गरीबी में बिता है लेकिन यदि मन में कुछ करने की इच्छा हो तो हमारी शारीरिक कमजोरी कभी हमारे आड़े नही आती है जो लोग महान होते है वे अपने कमजोरी को ही अपना शक्ति  बना लेते है और फिर अपने लक्ष्य की ओर हमेसा आगे बढ़ते रहते है

आप ही सोचो अगर Jya Pal Satra अगर अपनी आख की कमजोरी का बहाना बनाकर या सिर्फ एक ही आख होने के गम में डूब जाते और फिर वे कभी भी अपने लक्ष्य में अपना ध्यान न देते तो क्या वे अपनी जीवन में कभी भी आगे बढ़ पाते शायद कभी नही.

लेकिन Jya Pal Satra ने अपनी कमजोरी को अपना शक्ति बना लिया और उन्हें पता भी था की वे ज्यादा अपनी आख पर भार देंगे तो अंधे भी हो सकते है लेकिन उन्होंने अपनी कमजोरी को अपने परिवार वालो के साथ शेयर करके अपने परिवार के सदस्यों का अपने कार्य के लिए मदद लिए और अपने लिखने का कार्य जारी रखा और इस प्रकार जब उनके घरवाले व्यस्त रहते थे तो अपने विचारो को अच्छी पुस्तको के अध्धयन से बढ़ाते रहते थे और फिर अपने विचारो को लिखवाकर पुस्तक के रूप में प्रकाशित करते थे जो उनकी आजिविका और उनकी इच्छा के अनुरूप दोनों कार्य होते थे जिसके कारण उनकी कमजोरी उनकी ताकत बन गयी थी

तो हमारी जीवन में भी ऐसे अनेको उदाहरण देखने या सुनने को मिलते है एक गरीब का बच्चा या रिक्शावाले का बच्चा IAS या PCS बन गया या कोई छोटा मोटा Engineer अपनी छोटी मोटी जॉब छोड़कर अपनी खुद की करोडो में केवल अपने दिमाग से कम्पनी बना लिया

ऐसा इसलिए होता है क्यूकी अगर जब कोई इन्सान को किसी भी चीज को पाने का नशा छा जाता है तो इन्सान उसे पाने के लिए दिन रात सिर्फ उस दिशा में मेहनत करता रहता है और अच्छे और सही दिशा में की गयी मेहनत एक न एक दिन जरूर रंग लाती है

तो अगर हमे अपने जीवन में जो भी कुछ बनना है तो सबसे पहले हमे उसके लिए अपना लक्ष्य जरूर बनाना चाहिए फिर उसके बाद यदि हम दिन रात अथक मेहनत और प्रयास करेगे तो निश्चित ही हमे भी एक दिन सफलता जरूर मिलेगी और ये सब करने के लिए सिर्फ जरूरत है मन ठान लेने के की फिर यदि हम यदि सफलता पाने के लिए अपना सारा ध्यान उस पर फोकस कर ले तो निश्चित ही हम वो सबकुछ हासिल कर सकते है जो हमारे मन में है

और रही बात हमारी कमजोरी की या हम सोचते है की हम गरीब है तो क्या हमसे हो पायेगा तो दोस्तों जो भी इन्सान पैदा होता है वो गरीब ही होता है उसे केवल विरासत में अपने माँ बाप का सहारा और उनका धन उसे मिला होता है बाकी उसे अपनी जीवन में सबकुछ खुद ही हासिल करना होता है

और रही बात गरीबी की तो हम सब APJ Abdul kalam Sir का नाम तो सुने ही होंगे वो भी बचपन में बहुत ही गरीब थे तो क्या वे अपनी जीवन में हमेसा गरीबी में ही रहे और वे अपनी जीवन में कुछ बड़ा नही कर पाए क्या वे नही बन पाए जो बनना चाहते थे

तो APJ Abdul kalam सर ने वो सबकुछ हासिल किया जो एक सफल व्यक्ति की निशानी होती है उन्होंने चाहे बचपन में कितने ही गरीब क्यू नही थे लेकिन अपनी दृढ और अदम्य साहस के चलते सबकुछ हासिल किये और अपने देश भारत को अनेको मिसाइल और अनेक ऐसे अविष्कार दिए जो की हमारे देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरुरी था

तो हमे भी यदि अपने जीवन में कुछ करना है तो सबसे पहले अपना लक्ष्य बनाए फिर उसे हासिल करने के लिए Step by Step अपनी प्लानिंग के जरिये उसे हासिल करने की कोशिश कीजिये, हो सकता है हम पहली बार में ही असफल भी हो जाए और और हमे सफलता न मिले तो घबरायिए मत और सोचिये की हमसे कहा कौन कौन सी गलती हुई है फिर उसे सुधारने की कोशिश कीजिये, फिर निश्चित ही एक दिन हम सभी सफल जरुर होंगे

तो आप सबको यह कहानी कैसा लगा, कमेंट बॉक्स में जरुर बताये और इस शेयर भी जरुर करे.

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