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ईथरनेट क्या है, इसके प्रकार, और इसका काम – एक डिजिटल जगत का सफर

Ethernet Kya Hai In Hindi

ईथरनेट क्या है

आज के समय मे हर कोई इंटरनेट यूज करता है, Ethernet एक ऐसी LAN Technology होता है जिससे आप एकसाथ कई सारे Computers को आपस में Connect करके एक Local Area Network बना सकते है, तो इस आर्टिकल मे ईथरनेट क्या है इसके प्रकार और यह काम कैसे करता है पूरी जानकारी के बारे मे जानेगे, तो चलिये सबसे पहले Ethernet Kya Hai पूरे विस्तार के साथ जानते है,

ईथरनेट क्या है

Ethernet Kya Hai Hindi

Ethernet Kya Haiईथरनेट एक नेटवर्किंग तकनीक है जिसे कंप्यूटर नेटवर्क को कनेक्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह एक तरह की तात्कालिक लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) तकनीक है जिसमें डेटा पैकेट्स को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से भेजा जाता है। इसका उपयोग विशेषकर कंप्यूटर नेटवर्क्स, इंटरनेट, और ओफिस नेटवर्क्स में होता है।

ईथरनेट के लिए एक स्टैंडर्ड और प्रोटोकॉल सेट है, जिसे IEEE (Institute of Electrical and Electronics Engineers) ने तैयार किया है। इसका मुख्य लक्ष्य है डेटा को एक से दूसरे डिवाइस के बीच सुरक्षित रूप से संचारित करना।

ईथरनेट का प्रमुख तत्व एक प्रोटोकॉल है जिसे CSMA/CD (Carrier Sense Multiple Access with Collision Detection) कहा जाता है। इसका मतलब है कि विभिन्न डिवाइसेस नेटवर्क पर डेटा भेजने के लिए चेतन रहती हैं और यदि किसी एक समय पर एक से अधिक डिवाइसेस डेटा भेजने का प्रयास करती हैं, तो उनमें संघर्ष को निर्धारित करने के लिए एक विघटन प्रक्रिया होती है।

ईथरनेट का स्टैंडर्ड अक्सर एक ट्विस्टेड पेयर केबल का उपयोग करने के साथ होता है, लेकिन इसका अनुप्रयोग वायरलेस नेटवर्कों में भी होता है। ईथरनेट के स्टैंडर्ड में समय-समय पर सुधार किए जाते हैं ताकि वह स्थायी और तेजी से बढ़ सके।

ईथरनेट की परिभाषा

Definition of Ethernet in Hindi

ईथरनेट एक कंप्यूटर नेटवर्किंग तकनीक है जो कंप्यूटर और अन्य डिवाइसेस को एक लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) में कनेक्ट करने के लिए डिज़ाइन की गई है।

इसका उपयोग डेटा को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से भेजने और प्राप्त करने के लिए होता है, जिससे विभिन्न डिवाइसेस एक नेटवर्क में संचारित हो सकते हैं।

ईथरनेट का मुख्य उद्देश्य डेटा संचार को तेज, सुरक्षित, और प्रभावी बनाना है। इसके लिए IEEE (Institute of Electrical and Electronics Engineers) द्वारा तैयार किए गए स्टैंडर्ड्स और प्रोटोकॉल्स का अनुसरण किया जाता है, जैसे कि CSMA/CD (Carrier Sense Multiple Access with Collision Detection)।

ईथरनेट का इतिहास

History of Ethernet in Hindi

ईथरनेट का इतिहास विशेष रूप से 1970 और 1980 के दशकों में विकसित हुआ था। यह तकनीक नेटवर्किंग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम था और आज भी एक प्रमुख नेटवर्क प्रोटोकॉल है। तो चलिये अब ईथरनेट के मुख्य इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को जानते है:-

Xerox PARC (1970):- ईथरनेट का पहला प्रमुख विकास Xerox Corporation के Palo Alto Research Center (PARC) में हुआ था। बॉब मेटकॉल्फ, विन्ट सर्फ, और डेविड बॉगन के नेतृत्व में एक टीम ने ईथरनेट को विकसित किया।

Ethernet Term (1973):- ईथरनेट शब्द का नाम MIT में हुआ था, जब रॉबर्ट मेटकॉल्फ ने इसे “Ethernet” रखा। इसे एक शानदार नेटवर्क कंप्यूटर तकनीक के रूप में विशेषित किया गया था।

IEEE 802.3 स्टैंडर्ड (1983):- IEEE ने 1983 में Ethernet के लिए 802.3 स्टैंडर्ड को मान्यता प्रदान की। इसने कई स्थापित प्रोटोकॉल्स को शामिल किया, जिसमें CSMA/CD (Carrier Sense Multiple Access with Collision Detection) भी शामिल था।

10BASE-T (1985):- 10BASE-T, जिसे एक ट्विस्टेड पेयर केबल का उपयोग करके कंप्यूटर्स को जोड़ने के लिए बनाया गया, एक महत्वपूर्ण मानक बन गया। यह तकनीक बहुतेज ईथरनेट की विस्तारित प्रचार-प्रसार का सामर्थ्य बढ़ाती है,

स्विचिंग तकनीक (1990s):- समय के साथ, स्विचिंग तकनीक ने होबा पाकड़ लिया और इसे और भी तेज और प्रद्युत बनाया। स्विच के उपयोग से डेटा की और सुरक्षित और तेज स्विचिंग संभावनाएं हुईं।

गिगाबिट ईथरनेट (1999):- गिगाबिट ईथरनेट ने डेटा स्पीड को और भी बढ़ा दिया, जिससे 1 गिगाबिट प्रति सेकंड की गति से डेटा संचारण किया जा सकता है।

10 गिगाबिट और 100 गिगाबिट ईथरनेट (2000s):- इसके बाद, और भी तेज ईथरनेट स्टैंडर्ड्स आए, जैसे कि 10 गिगाबिट और 100 गिगाबिट ईथरनेट, जो और भी उच्च डेटा स्पीड प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए थे।

यह विकास और सुधार ईथरनेट को एक प्रमुख नेटवर्किंग तकनीक बनाए रखने में सहायक हुआ है, और यह आज भी लोकल एरिया नेटवर्क्स (LANs) और इंटरनेट के लिए एक महत्वपूर्ण रूप से उपयोग हो रहा है।

ईथरनेट कैसे काम करता है

Ethernet work in Hindi

ईथरनेट एक लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) तकनीक है जो डेटा को कंप्यूटर और अन्य नेटवर्क डिवाइसेस के बीच संचारित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। तो चलिये ईथरनेट कैसे काम करता है, इसके बारे मे जानते है:-

फ्रेम्स की तैयारी: – जब कोई डिवाइस डेटा को भेजना चाहता है, वह इसे एक “फ्रेम” में पैकेट करता है। फ्रेम में, डेटा, प्राप्तकर्ता का पता (MAC address), और अन्य नियमित जानकारी होती है।

MAC Address की जानकारी: – हर नेटवर्क डिवाइस को एक यूनिक पहचानकर्ता मानक (MAC) पता होता है, जिससे प्राप्तकर्ता डिवाइस पहचाना जा सकता है।

CSMA/CD प्रोटोकॉल: – ईथरनेट में डेटा को भेजने के लिए एक प्रमुख प्रोटोकॉल है Carrier Sense Multiple Access with Collision Detection (CSMA/CD)।

इस प्रोटोकॉल के तहत, एक डिवाइस डेटा भेजने से पहले मीडिया पर सुनता है कि क्या कोई और डिवाइस डेटा भेज रहा है। यदि कोई और भी भेज रहा है, तो संघर्ष को निर्धारित करने के लिए एक स्वचालित प्रक्रिया होती है।

डेटा की प्रेषण: – जब नेटवर्क में मीडिया खाली होता है, डिवाइस डेटा भेजता है। डेटा फ्रेम के रूप में मीडिया पर प्रेषित होता है।

डेटा की प्राप्ति और सत्यापन: – प्राप्तकर्ता डिवाइस जो डेटा को प्राप्त करता है, वह डेटा की सत्यापन करता है कि यह ठीक से पहुंचा है और उसका MAC पता सही है।

डेटा का प्रतिसाद: – यदि प्राप्तकर्ता डिवाइस सही डेटा प्राप्त करता है, तो वह एक पुष्टिकृति (acknowledgment) फ्रेम भेजकर प्रेषक को सूचित करता है कि डेटा सही से प्राप्त हुआ है।

इस प्रकार ईथरनेट सुनिश्चित करता है कि डेटा सुरक्षित, तेजी से और प्रभावी तरीके से संचारित होता है।

ईथरनेट के लिए आवश्यक कॉम्पोनेन्ट

Essential components for Ethernet in Hindi

ईथरनेट एक नेटवर्किं टेक्नोलॉजी है जिसका उपयोग डेटा को कंप्यूटर नेटवर्क्स के बीच संचारित करने के लिए किया जाता है। इसमें कई प्रमुख कॉम्पोनेन्ट्स होते हैं जो सही तरीके से काम करने के लिए आवश्यक हैं। निम्नलिखित कुछ मुख्य कॉम्पोनेन्ट्स हैं:-

नेटवर्क केबल्स (Ethernet Cables): ईथरनेट केबल्स, जैसे कि कैट-5, कैट-6, या कैट-7, डेटा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने के लिए उपयोग होते हैं।

स्विच (Switch): स्विच एक नेटवर्क डिवाइस है जो विभिन्न डिवाइसेस को एक नेटवर्क से कनेक्ट करता है और डेटा पैकेट्स को सही तरीके से पहुँचाता है।

राउटर (Router): राउटर नेटवर्क के बीच डेटा पैकेट्स को पहुँचाने के लिए जिम्मेदार होता है, और विभिन्न नेटवर्क्स को कनेक्ट करने में मदद करता है।

नेटवर्क इंटरफेस कार्ड (Network Interface Card – NIC): इसे नेटवर्क कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए कंप्यूटर में इंस्टॉल किया जाता है।

हब (Hub): हब एक पुराना नेटवर्क डिवाइस है जो विभिन्न नेटवर्क डिवाइसेस को एक साथ कनेक्ट करने के लिए उपयोग हुआ करता था, लेकिन आजकल स्विच का उपयोग अधिक हो रहा है क्योंकि यह अधिक एफिशिएंट है।

मॉडेम (Modem): ईथरनेट कनेक्शन को इंटरनेट से जोड़ने के लिए मॉडेम का उपयोग हो सकता है।

आईपी एड्रेस (IP Address): सभी नेटवर्क डिवाइसेस को एक अनूठा आईपी एड्रेस होता है जिसका उपयोग डेटा पैकेट्स को पहुँचाने के लिए किया जाता है।

प्रोटोकॉल्स (Protocols): जैसे कि TCP/IP (Transmission Control Protocol/Internet Protocol), जो डेटा के सही स्थान पर पहुँचने की प्रक्रिया को संचालित करने में मदद करते हैं।

इन कॉम्पोनेन्ट्स का सही संरचना और समर्थन एक ठोस और बढ़िया ईथरनेट नेटवर्क तैयार करने में मदद करता है।

ईथरनेट केबल क्या है

What is Ethernet Cable in Hindi

ईथरनेट केबल एक हार्डवेयर कंपोनेन्ट है जो नेटवर्क डिवाइसेस को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए उपयोग होता है। इसका उपयोग डेटा को स्विच, हब, राउटर, या कंप्यूटर से नेटवर्क इंटरफेस कार्ड तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।

कुछ प्रमुख प्रकार के ईथरनेट केबल हैं:

एनएचडी (Ethernet) केबल:

एनएचडी केबल, जिसे आमतौर पर “त्विस्टेड पेयर” कहा जाता है, सबसे प्रसारी तकनीक है जो ईथरनेट नेटवर्क्स में उपयोग होती है।

इसमें कई तारे होते हैं जो एक दूसरे के चारों ओर बुने जाते हैं ताकि वे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस से प्रभावित नहीं हों।

यह विभिन्न श्रेणियों में आता है, जैसे CAT5, CAT6, और CAT7, जिनमें CAT7 हाई-परफॉर्मेंस केबल के रूप में पहचाना जाता है।

कोएक्सियल केबल:

यह पुरानी तकनीक है जिसमें एक एकल तारा होता है जो बाहरी डायल पैकेट की तरह दिखता है।

इसका उपयोग अधिकांशत: और धारात्मक नेटवर्क्स के लिए किया जाता था।

फाइबर ऑप्टिक केबल:

फाइबर ऑप्टिक केबल तेज़ गति, उच्च क्षमता, और दूरस्थ संचार के लिए उपयोग होती है।

यह आपके डेटा को प्रकाश के रूप में ट्रांसमिट करती है और इसमें कोई इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस नहीं होती।

यह अधिक महंगा हो सकता है, लेकिन इसकी गति और सुरक्षा की दृष्टि से उच्च क्षमता है।

ईथरनेट केबल का चयन नेटवर्क की आवश्यकताओं, दूरी की आवश्यकता, और प्रदर्शन की आवश्यकताओं के आधार पर किया जाता है।

ईथरनेट हब क्या है

Ethernet Hub in Hindi

एक ईथरनेट हब (Ethernet Hub) एक नेटवर्क डिवाइस है जो नेटवर्क के विभिन्न डिवाइसेस को एक-दूसरे से कनेक्ट करने के लिए उपयोग होता है। हब नेटवर्क परिचालन में एक नोड होता है और यह डेटा पैकेट्स को उसके सभी पोर्ट्स पर ब्रॉडकास्ट करता है, जिसका अर्थ है कि एक पैकेट सभी डिवाइसेस तक पहुंचता है।

यहाँ कुछ मुख्य विशेषताएँ और विवरण हैं जो ईथरनेट हब के साथ जुड़े होते हैं:

पोर्ट्स:हब के पास कई पोर्ट्स होते हैं, जिन्हें डिवाइसेस से कनेक्ट किया जा सकता है। इससे एक से अधिक डिवाइसेस नेटवर्क से जुड़ सकते हैं।

ब्रॉडकास्ट:हब डेटा पैकेट्स को सभी पोर्ट्स पर ब्रॉडकास्ट करता है, जिससे एक पैकेट सभी डिवाइसेस तक पहुंचता है।

कलीज़न डोमेन:हब का एक पोर्ट पैकेट भेजते समय अन्य पोर्ट्स पर सीधे संपर्क में आ सकता है, जिससे कलीज़न हो सकता है। कलीज़न डोमेन एक ऐसा क्षेत्र है जहां इंटरफेसेस एक दूसरे से संवाद करते हैं और संघर्ष होता है।

पैकेट को प्राप्त करने की क्षमता:हब किसी भी समय पर केवल एक पैकेट को प्राप्त कर सकता है, इसलिए एक समय पर एक ही पैकेट ब्रॉडकास्ट हो सकता है। इससे डेटा संचारित में कुछ विलंब हो सकता है।

एक्सपैंडेड हब्स:कुछ हब्स एक्सपैंडेड हब्स होते हैं जिनमें एक्स्ट्रा सुविधाएं हो सकती हैं, जैसे कि स्विचिंग क्षमता या ऑटो-नेगोशिएट क्षमता।

आजकल, स्विचेस ने हब्स को बड़े हिस्से में प्रतिस्थापित कर दिया है, क्योंकि स्विचेस नेटवर्क प्रदर्शन में बेहतर होते हैं और उच्च क्षमता प्रदान करते हैं।

ईथरनेट के प्रकार

Type of Ethernet in Hindi

ईथरनेट कई प्रकार की हो सकती है जो विभिन्न उपयोगों और तकनीकी आधारों पर आधारित होती हैं। तो चलिये कुछ प्रमुख ईथरनेट के प्रकार को जानते हैं:-

10BASE-T: –

इस प्रकार का ईथरनेट 10 Mbps की गति पर काम करता है।

“10BASE-T” में, “10” गति को दर्शाता है, “BASE” का अर्थ है कि यह बेसबैंड टेक्नोलॉजी का हिस्सा है, और “T” ट्विस्टेड पेयर केबल को संकेत करता है।

100BASE-TX: –

यह 100 Mbps की गति पर काम करता है और ट्विस्टेड पेयर केबल का इस्तेमाल करता है।

इसमें “TX” ट्रैंसमिटर को सूचित करने के लिए है, जिससे डेटा भेजने और प्राप्त करने के लिए केबल का एक ही पेयर उपयोग होता है।

1000BASE-T:-

इसे Gigabit Ethernet भी कहा जाता है और यह 1000 Mbps या 1 Gbps की गति पर काम करता है।

इसमें भी ट्विस्टेड पेयर केबल का इस्तेमाल होता है, लेकिन इसमें अधिक बैंडविड्थ होता है जिससे तेज़ संचार संभव है।

10GBASE-T:-

यह 10 Gigabit Ethernet को दर्शाता है और 10 Gbps की गति पर काम करता है।

इसमें भी ट्विस्टेड पेयर केबल का इस्तेमाल होता है, लेकिन इसमें और भी बैंडविड्थ होता है ताकि अधिक डेटा संचारित किया जा सके।

फाइबर ऑप्टिक ईथरनेट:-

फाइबर ऑप्टिक ईथरनेट तेज़ गति और उच्च सुरक्षा के साथ काम करती है।

इसमें ऑप्टिक फाइबर केबल का इस्तेमाल होता है, जो प्रकाश के रूप में डेटा को ट्रांसमिट करता है।

वायरलेस ईथरनेट (Wi-Fi):-

वायरलेस ईथरनेट नेटवर्क्स के लिए होता है और इसमें वायरलेस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है, जिससे डेटा को बिना केबल के ही संचारित किया जा सकता है।

ये थे कुछ मुख्य ईथरनेट के प्रकार, जो विभिन्न तकनीकी आधारों पर आधारित हैं और विभिन्न उपयोगों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

ईथरनेट के फायदे

Advantage of Ethernet in Hindi

ईथरनेट नेटवर्क का उपयोग करने में कई फायदे होते हैं जो उपयोगकर्ताओं और संगठनों को विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान करते हैं। तो चलिये ईथरनेट के फायदे को जानते हैं:-

तेज़ और स्थिर संचार: – ईथरनेट नेटवर्क्स तेज़ और स्थिर संचारित करने का साधन करते हैं, जिससे डेटा तेजी से और प्रदर्शनशीलता से संचारित हो सकता है।

विकसित बैंडविड्थ: – ईथरनेट नेटवर्क्स की बैंडविड्थ सुधारी जा सकती है ताकि अधिक डेटा संचारित किया जा सके, जिससे सभी उपयोगकर्ताओं को सही समय पर सही डेटा मिल सकता है।

जीरो कॉलीजन्स: – स्विच्ड नेटवर्क्स के लिए जीरो कॉलीजन्स होते हैं, जिससे डेटा प्रदर्शनशीलता में सुधार होती है। कॉलीजन्स नहीं होने से डेटा संचारित करने में थोड़ी कमी होती है।

सुरक्षित: – ईथरनेट नेटवर्क्स को सुरक्षित बनाए रखने के लिए विभिन्न सुरक्षा प्रोटोकॉल्स और उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कलीज़न प्रबंधन: – स्विच्ड नेटवर्क्स में कलीज़न्स का प्रबंधन होता है, जिससे संचार में विघटना की कमी होती है और प्रदर्शनशीलता बढ़ती है।

अनुकूलन: – ईथरनेट नेटवर्क्स को अनुकूलित किया जा सकता है, ताकि विभिन्न डिवाइसेस, उपयोगकर्ताओं, और आवश्यकताओं के लिए सुलभ हो सके।

स्कैलेबिलिटी: – ईथरनेट नेटवर्क्स को स्कैलेबिलिटी में आसानी से बढ़ावा जा सकता है, ताकि उन्हें बढ़ावा जा सके और नए डिवाइसेस जोड़े जा सकते हैं।

स्थायिता: – ईथरनेट नेटवर्क्स की स्थायिता एक बड़ा लाभ है, क्योंकि यह सामान्यत: और अधिक समय तक चलता रहता है और टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर उसे अपग्रेड किया जा सकता है।

वायरलेस विकल्प: – वायरलेस ईथरनेट (Wi-Fi) के माध्यम से, यह नेटवर्क बिना केबल के ही संचारित किया जा सकता है, जिससे स्थानांतर सुविधा मिलती है।

कम लागत: – ईथरनेट नेटवर्क्स की स्थापना और उपकरणों की लागत कम हो सकती है जो की इसका एक अच्छा लाभ है,

ये फायदे ईथरनेट नेटवर्क्स को एक लोकप्रिय और प्रदानकर्ता-मित्रपूर्ण समाधान बनाते हैं।

ईथरनेट के नुकसान

Disadvantage of Ethernet in Hindi

ईथरनेट के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जो विभिन्न परिस्थितियों और उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं पर निर्भर करते हैं। तो चलिये ईथरनेट के नुकसान को जानते हैं:-

कॉलीजन: – ईथरनेट नेटवर्क्स में कॉलीजन्स हो सकती हैं जब दो डिवाइसेस एक ही समय पर डेटा भेजने का प्रयास करती हैं, जिससे डेटा की हानि हो सकती है और संचारित डेटा में विघटना हो सकता है।

ध्वनिक प्रभाव: – ईथरनेट केबलों पर ध्वनिक प्रभाव हो सकता है जिससे डेटा की क्षमता प्रभावित हो सकती है। यह प्रभाव तब होता है जब केबलों पर विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वायरलेस और अन्य प्रभावों के कारण होता है।

धुंधलापन (Latency): – बड़े नेटवर्क्स में डेटा को पहुंचाने में थोड़ी कमी हो सकती है जिससे धुंधलापन हो सकता है। इससे विशेषकर विशाल नेटवर्क्स में रिएल-टाइम कार्यों के लिए समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

सुरक्षा मुद्दे: – ईथरनेट नेटवर्क्स को सुरक्षित बनाए रखने के लिए अच्छे सुरक्षा प्रक्रियाएं जरूरी हैं, क्योंकि इसमें डेटा स्थानांतरित होता है और इसमें सुरक्षा संबंधित चुनौतियाँ हो सकती हैं।

हब्स की पुरानी तकनीक: – हब्स की पुरानी तकनीक के कारण, जो कॉलीजन को प्रबंधित करने में कुछ कमी होती है, स्विच्स को हब्स से प्राथमिकता प्राप्त है।

वायरलेस स्थानांतर: – वायरलेस ईथरनेट के माध्यम से संचारित होने पर, विद्युत उत्सर्जन और आवृत्ति संबंधित समस्याएं हो सकती हैं, जो स्थानांतर को प्रभावित कर सकती हैं।

नेटवर्क कैबल की लागत: – केबल की लागत कई मामूल्यों पर आधारित हो सकती है और इसे स्थापित करने और बनाए रखने में खर्च किया जा सकता है।

मैन्टेनेंस और व्यवस्थापन की जरूरत: – बड़े नेटवर्क्स में सुरक्षा और सुनिश्चित करने के लिए अधिक मैन्टेनेंस और व्यवस्थापन की आवश्यकता होती है ताकि नेटवर्क सही से काम कर सके।

दूरस्थ स्थानों के लिए बाधाएँ: – दूरस्थ स्थानों के बीच ईथरनेट केबल नहीं जाता है और इसमें फाइबर ऑप्टिक केबल का इस्तेमाल किया जाता है जिससे इंस्टॉलेशन की कठिनाईयां हो सकती हैं।

ये थे कुछ ईथरनेट के नुकसान, जो विभिन्न परिस्थितियों में उत्पन्न हो सकते हैं। इन नुकसानों का समाधान तकनीकी उन्नति और सुरक्षा में सुधार करके किया जा सकता है।

इंटरनेट और ईथरनेट में अंतर

Difference between Internet and Ethernet In Hindi

इंटरनेट और ईथरनेट दोनों ही नेटवर्क संबंधित शब्द हैं, लेकिन इनमें विभिन्नताएं हैं, तो चलिये इंटरनेट और ईथरनेट में अंतर को जानते है :-

परिभाषा:

इंटरनेट: इंटरनेट एक विश्वस्त सार्वजनिक नेटवर्क है जिसमें लाखों कंप्यूटर और नेटवर्क्स एक-दूसरे से जुड़े होते हैं, और जिसका उद्देश्य जागरूकता, संवाद, और साझाकृति को बढ़ावा देना है।

ईथरनेट: ईथरनेट एक नेटवर्क प्रोटोकॉल है जो लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) में डेटा संचारित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह एक स्टैंडार्ड तकनीक है जो केबल नेटवर्क के माध्यम से काम करती है।

उपयोग क्षेत्र:

इंटरनेट: इंटरनेट व्यक्तिगत, व्यापारिक, और सरकारी उद्देश्यों के लिए एक व्यापक नेटवर्क है जो विश्वभर में लोगों को जोड़ता है और उन्हें विभिन्न सेवाएं प्रदान करता है।

ईथरनेट: ईथरनेट आमतौर पर एक निश्चित स्थान (जैसे कि एक ऑफिस, कैम्पस, या एक इमारत) के लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) के लिए होता है जिसमें कंप्यूटर और डिवाइसेस केबल के माध्यम से जुड़े होते हैं।

स्केलिंग:

इंटरनेट: इंटरनेट विश्वभर के लाखों नेटवर्क्स को जोड़ने का कारण बहुत बड़ी स्केलिंग की जा सकती है।

ईथरनेट: ईथरनेट आमतौर पर छोटे से लेकर मध्यम साइज के नेटवर्क के लिए होता है, और इसकी स्केलिंग कम्प्यूटर नेटवर्क की आवश्यकताओं के अनुसार होती है।

प्रोटोकॉल्स:

इंटरनेट: इंटरनेट के लिए विभिन्न प्रोटोकॉल्स हैं जैसे कि TCP/IP, HTTP, DNS, SMTP, आदि।

ईथरनेट: ईथरनेट नेटवर्क्स में डेटा संचारित करने के लिए आमतौर पर TCP/IP प्रोटोकॉल्स का इस्तेमाल किया जाता है।

माध्यम:

इंटरनेट: इंटरनेट के लिए विभिन्न माध्यम हो सकते हैं जैसे कि फाइबर ऑप्टिक केबल, सैटेलाइट, रेडियो फ्रीक्वेंसी, और वायरलेस नेटवर्क्स।

ईथरनेट: ईथरनेट नेटवर्क्स के लिए सामान्यत: ट्विस्टेड पेयर केबल और फाइबर ऑप्टिक केबल जैसे केबल्स का इस्तेमाल होता है।

इस रूप में, इंटरनेट एक बहुत बड़ा, व्यापक, और सार्वजनिक नेटवर्क है जो विश्वभर में लाखों नेटवर्क्स को जोड़ता है, जबकि ईथरनेट एक तकनीकी प्रोटोकॉल है जो विभिन्न स्थानीय नेटवर्क्स को जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

ईथरनेट केबल का मुख्य कार्य क्या होता है

ईथरनेट केबल एक नेटवर्क तंतु है जो डेटा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ट्रांसमिट करने के लिए उपयोग होता है, और यह नेटवर्क कंप्यूटर, सर्वर, राउटर, स्विच, और अन्य नेटवर्क डिवाइसेस को कनेक्ट करने में मदद करता है। इसका मुख्य कार्य नेटवर्क के विभिन्न डिवाइसेस के बीच डेटा को संग्रहित करना और इसे अन्य डिवाइसेस को ट्रांसमिट करना होता है।

ईथरनेट केबल ट्विस्टेड पेयर केबल (Twisted Pair Cable) का एक प्रकार है, जिसमें दोनों ही तंतुओं के तार कुछ हद तक एक दूसरे के चारों ओर बारीकी से ट्विस्ट किए जाते हैं। इसका उपयोग डिजिटल सिग्नल्स को ट्रांसमिट करने के लिए किया जाता है।

ईथरनेट केबल विभिन्न गतिविधियों और आवश्यकताओं के आधार पर विभिन्न कैटेगरीज़ (categories) में आता है, जैसे कि Cat5e, Cat6, Cat6a, और Cat7, जिनमें से प्रत्येक का उपयोग विभिन्न नेटवर्क परियोजनाओं के लिए किया जा सकता है।

ईथरनेट फ्रेम क्या है

Ethernet Frame in Hindi

ईथरनेट फ्रेम एक नेटवर्क डेटा पैकेट का रूप है जो ईथरनेट नेटवर्क में डेटा को ट्रांसमिट करने के लिए उपयोग होता है। यह एक नेटवर्क फ्रेमवर्क का हिस्सा है जिसमें डेटा को संग्रहित किया जाता है और उसे नेटवर्क के रूप में ट्रांसमिट करने के लिए सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न शीर्षक, पता, और अन्य निर्दिष्ट परिकरों का उपयोग किया जाता है।

ईथरनेट फ्रेम का उपयोग नेटवर्क कंप्यूटिंग में डेटा को सुरक्षित रूप से ट्रांसमिट करने के लिए किया जाता है और इसमें नेटवर्क परियोजनाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न फील्ड्स और परिप्रेक्ष्य होते हैं।

ईथरनेट पोर्ट क्या है

Ethernet Port in Hindi

ईथरनेट पोर्ट एक नेटवर्क डिवाइस पर एक फिज़िकल इंटरफेस है जिसका उपयोग ईथरनेट केबल के माध्यम से नेटवर्क से कनेक्ट करने के लिए किया जाता है।

यह इंटरनेट, लोकल एरिया नेटवर्क (LAN), और अन्य नेटवर्क विन्यासों में संचार के लिए एक सामान्य तरीके से इस्तेमाल होता है।

ईथरनेट पोर्ट को अक्सर एक रेजिस्टर्ड जैक या कनेक्टर के रूप में देखा जा सकता है, जिसमें ईथरनेट केबल को फिज़िकली जड़ने के लिए जगह होती है।

यह जैक रोज, रेजिस्टर्ड जैक (RJ) का सामान्य रूप होता है, जिसमें RJ-45 जैक सबसे प्रसारण है और इसे आमतौर पर ईथरनेट केबल्स के साथ देखा जाता है।

ईथरनेट पोर्ट का मुख्य उद्देश्य डेटा को नेटवर्क से डिवाइस तक पहुंचने और उसे उसी से बाहर ट्रांसमिट करना है। प्रत्येक नेटवर्क डिवाइस, जैसे कि कंप्यूटर, सर्वर, स्विच, और राउटर, में एक या एक से अधिक ईथरनेट पोर्ट होता है जिससे इसे नेटवर्क में शामिल किया जा सकता है।

एक ईथरनेट पोर्ट एक डिवाइस को नेटवर्क में शामिल करने के साथ-साथ डेटा ट्रांसमिशन की स्पीड और अन्य नेटवर्क संबंधित सेटिंग्स को कॉन्फ़िगर करने की सुविधा प्रदान करता है।

ईथरनेट से सम्बंधित सामान्य प्रश्न उत्तर

Ethernet Kya Hai Question Answer in Hindi FAQs

तो चलिये ईथरनेट से संबंधित प्रश्न और उनके उत्तर को जानते हैं:-

ईथरनेट क्या है?

ईथरनेट एक नेटवर्क प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग डेटा कम्यूनिकेशन के लिए किया जाता है। यह लोकल एरिया नेटवर्क्स (LANs) और विश्वसनीयता बनाने के लिए प्रयुक्त होता है।

ईथरनेट केबल क्या होता है?

ईथरनेट केबल एक नेटवर्क तंतु है जिसका उपयोग डेटा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ट्रांसमिट करने के लिए होता है। यह कंप्यूटर, सर्वर, स्विच, और राउटर जैसे नेटवर्क डिवाइसेस को कनेक्ट करने में मदद करता है।

ईथरनेट पोर्ट क्या है?

ईथरनेट पोर्ट एक फिज़िकल इंटरफेस है जो ईथरनेट केबल को नेटवर्क डिवाइस से कनेक्ट करने के लिए होता है, जैसे कि कंप्यूटर, स्विच, या राउटर।

ईथरनेट फ्रेम क्या है?

ईथरनेट फ्रेम एक नेटवर्क डेटा पैकेट है जो ईथरनेट नेटवर्क में डेटा को ट्रांसमिट करने के लिए उपयोग होता है। इसमें डेटा, पता, और अन्य निर्दिष्ट जानकारी होती है।

ईथरनेट स्विच क्या है?

ईथरनेट स्विच एक नेटवर्क डिवाइस है जो डेटा पैकेट्स को नेटवर्क में एक से अधिक डिवाइस के बीच स्विच करने के लिए उपयोग होता है। यह नेटवर्क की प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करता है।

ईथरनेट कैबल की कई श्रेणियां क्या हैं?

ईथरनेट केबल की कई श्रेणियां हैं, जैसे कि Cat5e, Cat6, Cat6a, और Cat7, जो विभिन्न गतिविधियों और आवश्यकताओं के लिए डिज़ाइन की गई हैं।

ईथरनेट का उपयोग कहाँ होता है?

ईथरनेट का उपयोग लोकल एरिया नेटवर्क्स (LANs), वायद्री नेटवर्क्स, इंटरनेट, और विभिन्न नेटवर्क कंप्यूटिंग सेटिंग्स में डेटा कम्यूनिकेशन के लिए होता है।

निष्कर्ष :-

तो आप सभी को यह आर्टिकल ईथरनेट क्या है इसके प्रकार और यह काम कैसे करता है पूरी जानकारी कैसा लगा, कमेंट बॉक्स मे जरूर बताए और इस आर्टिकल की जानकारी को लोगो के साथ शेयर भी जरूर करे, और आपको इस आर्टिकल से संबन्धित कोई प्रश्न पूछना चाहते है, तो कमेंट बॉक्स मे पूछ सकते है।

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