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किसान और नुकीला पत्थर की कहानी: एक आदमी की साहस भरी कहानी, जो ने किया अद्वितीय परिवर्तन

Kisan Aur Nukila Pathar Ki Kahani

किसान और नुकीला पत्थर की कहानी

हर किसी के जीवन मे कोई न कोई समस्या तो जरूर रहती है, तो कोई उसे बहुत बड़ा समस्या मानकर समस्या के आगे हारकर उस समस्या को बहुत बड़ा मान लेता है, लेकिन कोशिश करने वाले लोग उस समस्या के जड़ तक पहुच कर उसे खत्म करते है, तो चलिये इस पोस्ट मे इसी सोंच पर आधारित कहानी किसान और नुकीला पत्थर की कहानीKisan Aur Nukila Pathar Ki Hindi Kahani बताने जा रहे है, जिस कहानी किसान और नुकीला पत्थर की कहानी – Kisan Aur Pathar Ki Kahani को पढ़कर आपको काफी कुछ सीखने को मिलेगा, और एक अच्छी सीख मिलेगी,

किसान और नुकीला पत्थर की कहानी

Kisan Aur Nukila Pathar Ki Kahani

Kisan aur Nukila Patthar Ki Kahaniएक बार की बात है, किसी गांव में एक किसान रहता था, वह किसान बहुत ही मेहनती था, वह रोज अपने खेत मे बहुत ही मेहनत करता था, लेकिन उस किसान के खेत में एक नुकीला बड़ा सा पत्थर था, जिस पत्थर की वजह से किसान को इसकी वजह से कई बार चोट लग जाया करता था, कई बार उसके औजार भी खराब हो जाया करते थे।

वह किसान सोचता था कि ये एक चट्टान है और इसे निकाल पाना संभव नहीं है। इसी तरह बहुत समय तक किसान उस पत्थर से बचकर काम करने की कोशिश करता रहा, लेकिन जब भी वह थोड़ा सा लापरवाही करता, तो किसान को नुकसान हो जाता था।

कुछ समय बाद एक दिन किसान फिर से उस खेत में काम कर रहा था, एक दिन वह अपने खेत में हल चला रहा था, तभी उस पत्थर की वजह से उसके हल की नोंक टूट गई।

अपने टूटे हल को देखकर किसान को काफी गुस्सा आ गया। उसने सोचा कि आज चाहे जो  भी हो जाय, इस चट्टान को निकाल कर ही रहूंगा,

फिर उस पत्थर को अपने खेत से निकालने के लिए किसान ने गांव से अपने कई मित्रों को बुला लिया, सभी लोग उस किसान के साथ मिलकर एक साथ चट्टान को निकालने के लिए तैयार हो गए,

फिर क्या था, किसान के दोस्तो और किसान ने जैसे ही उस पत्थर पर दो-तीन बार फावड़ा मारा, वह पत्थर बाहर निकल गया, ये देखकर सभी हैरान हो गए।

इसे देखकर किसान के मित्रों ने किसान से कहा कि तुम तो कह रहे थे कि यह बड़ी चट्टान है, लेकिन ये तो छोटा सा पत्थर है, किसान भी सोच रहा था कि इस छोटे से पत्थर की वजह से कितनी परेशानियों का सामना कर रहा था, झूठ मे ही इसे बहुत बड़ा पत्थर मानकर खुद को रोके रहा, वह चाहता तो इसे पहले ही अपने दम पर अकेले ही निकाल सकता था, इस तरह अब किसान उस पत्थर की परेशानी से हमेसा के लिए दूर हो चुका था,

कहानी से सीख

इस कहानी से हमे  यही सीख मिलती है कि कभी-कभी हमारे जीवन में समस्या छोटी सी होती है, लेकिन हम अपने विचारों में उसे बहुत बड़ा मान लेते हैं और उससे बचने की कोशिश करते रहते हैं, उसको दूर करने के बजाय उससे खुद को कमजोर मान लेते है,

इसीलिए हमारे जीवन मे चाहे कैसी भी कोई क्यो न समस्या हो, हमे ऐसे किसी भी समस्या से दूर नहीं भागना नहीं चाहिए, बल्कि हमे उस समस्या का सामना करना चाहिए, तभी और हमे उस समस्या के जड़ तक जाना चाहिए, जब समस्या को अच्छे से जान लेते है, तो निश्चित ही उस समस्या को खुद से जल्दी से जल्द हल भी कर सकते है,

तो आपको यह कहानी किसान और नुकीला पत्थर की कहानी Kisan Aur Pathar Ki Kahani कैसा लगा, कमेंट बॉक्स मे जरूर बताए और इस कहानी को भी शेयर जरूर करे।

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