प्यासे कौवे की कहानी | Thirsty Crow Story In Hindi

Thirsty Crow Short Stories with Moral – अगर विप्पति के समय धैर्य के साथ काम लिया जाय तो निश्चित ही दुःख का निवारण हो सकता है, अक्सर हमे बचपन से यह सिखाया भी जाता है की दुःख के समय बहुत ही धैर्य के साथ दुःख का मुकाबला करना चाहिए, तभी हमारे दुखो का निवारण हो सकता है, तो चलिए आज हम इसी शिक्षा पर आधारित एक प्यासे कौवे की कहानी Thirsty Crow Story, Thirsty Crow Story In Hindi, Pyasa Kauwa Ki Kahani जानते है.

प्यासा कौवा की कहानी Thirsty Crow Story in Hindi

Thirsty Crow Storyएक बार की बात है किसी जंगल में एक कौवा था जो की वह कौआ बहुत प्यासा था। उसको कहीं पानी नहीं मिल रहा था। बहुत ढूँढने पर उसको एक घड़ा दिखाई दिया। घड़े में बहुत थोड़ा सा पानी था। लेकिन कौए की चोंच पानी तक नहीं पहुँच पा रही थी।

प्यासा कौवा की कहानी Thirsty Crow Story Hindi

सामने पानी को देखकर कौवे की प्यास और भी बढ़ने लगी थी, फिर वह बड़े ध्यान से सोचने लगा और फिर उस कौवे को एक उपाय सूझा। उसने देखा की पास ही पत्थर के कुछ टुकड़े पड़े थे। कौए ने एक एक पत्थर उठाया और घड़े में डालता गया। धीरे धीरे पानी ऊपर आने लगा। कौआ लगातार पत्थर डालता गया। जल्दी ही पानी इतना ऊपर आ गया कि कौए की चोंच वहाँ तक आराम से पहुँच गई।

और इस तरह तब कौए ने पानी पिया और अपनी प्यास बुझाई।

कहानी से शिक्षा :- इस कहानी से हमे यही शिक्षा मिलती है की यदि परिस्थितिया चाहे कैसी भी हो लेकिन यदि हम सुझबुझ से काम ले तो निश्चित ही हम सभी विपत्ति से छुटकारा पा सकते है इसलिए हमे कभी भी अपना धैर्य नही खोना चाहिए.

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