खुद की प्रतिभा को निखारे Skills Development Story in Hindi

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Self Skills Development Ki Hindi Kahani

सफलता के लिए खुद को निखारे प्रेरक हिन्दी कहानी | हिन्दी Story

अगर आपके अंदर कुछ करने का हुनर हो तो आप चाहे किसी भी परिस्थिति में जीवन यापन कर रहे हो निश्चित ही अपने क़ाबलियत और प्रतिभा के दम पर अपने जीवन को सफल बना सकते है बस ऐसा करने के लिए इन्सान के अंदर एक जूनून होना चाहिए जिससे वह इन्सान बहुत आगे तक अपने जीवन में सफल हो सकता है

तो चलिए इसी सोच पर आधारित खुद की प्रतिभा को कैसे निखारे यह हिन्दी Kahani पढ़ते है

सफलता के लिए खुद की प्रतिभा को निखारना एक हिन्दी Kahani

Self Skills Development Ki Hindi Kahani

सोनू जो की पढने में बहुत ही तेज था जबकि उसके माता पिता बहुत ही गरीब थे जो की मिट्टी के बर्तन को बनाते थे और उन्हें बेचकर अपना जीवन गुजारा कर रहे थे जिसे देखकर सोनू अक्सर सोचा करता था की मै ऐसा क्या करू जिससे मेरे परिवार की गरीबी दूर हो जाये जिसके चलते वह खूब मन लगाकर पढता था और उसने पढाई में कला विषय भी ले रखा था जो की उसे बहुत प्रिय था वह अक्सर खाली समय में तरह तरह के चित्रकारी बनाया करता था

एक बार की बात है उसके गाँव के पास ही मेला लगा था जहा पर दूर दूर लोग मेला देखने और मेले में अपने सामान बेचने आये थे जिसके बाद सोनू के सभी दोस्तों ने मेला देखने जाने का फैसला किया जिसपर सोनू भी मेला देखने का बहुत मन था लेकिन उसके पास इतने पैसे भी नही थे की वह मेले में जाकर खूब खरीदारी करे

जिसके बाद दोस्तों के बार बार आग्रह पर सोनू भी 10 रूपये लेकर मेला देखने गया, मेले में तरह तरह के अनेक खिलौने, खाने के सामान, बर्तन और बहुत सारी चीजे बिक रही थी लेकिन सोनू के पास तो इतने पैसे भी नही थे की वह कुछ चीजे ख़रीदे

फिर इतने में घूमते घूमते सोनू एक मिट्टी वाले बर्तन के पास आकर रुका और उससे पूछा की “यह सुराही कितने का है” तो दुकानदार ने जवाब दिया “100 रूपये का है” जिसे सुनकर सोनू मन ही मन सोचने लगा की यह तो बहुत महंगा है इसके बाद उसने साधारण सी दिखने वाली सुराही का दाम पूछा तो दुकानदार ने उसका दाम 10 रूपये बताये, जिसे सुनकर सोनू एक बार फिर से मन ही मन सोचने लगा की आखिर दोनों के दामो में इतना फर्क क्यों है

Skills Development Hindi Story

इसके बाद उसने दुकानदार से पूछा की इन दोनों के दामो में इतना फर्क क्यों है जिसपर दुकानदार ने जवाब दिया की “तुम्हे इन दोनों सुराही में फर्क नही दिखता है, 100 रूपये वाली सुराही पर सुंदर चित्रकारी किया गया है जिसके कारण वह सुंदर दिखता है जबकि 10 रूपये वाले सुराही पर कोई चित्रकारी नही है जिसके कारण वह साधारण सा दिखता है इसलिए जो ज्यादा सुंदर है उसका दाम भी अधिक है”

दुकानदार की यह बात सुनकर सोनू को अब समझ आ गया था की सुराही के दाम तो चित्रकारी पर निर्भर है अगर वह भी ऐसे अपने माता पिता के बनाये हुए बर्तनों पर चित्रकारी करता है तो फिर उन बर्तनों के दाम भी बहुत अच्छे मिलेगे जिससे उसके परिवार की गरीबी भी दूर हो सकती है

फिर क्या था सोनू के मन में खुद के प्रतिभा को निखारने एक नया आईडिया मिल गया था उसने बिना समय गवाए मेले में 10 रूपये से खूब रंग बिरंगे रंग और और ब्रश खरीद लिए और अपने दोस्तों के साथ वापस घर आ गया

और फिर ये सारी बाते अपने माता पिता से बता दिए जिसे सुनकर उसके माता पिता बहुत खुश हुए और अब सोनू अगले दिन से पढाई के बाद कुछ समय चित्रकारी के लिए भी फिक्स कर दिया जिसके बाद वह बर्तनों पर सुंदर सुंदर चित्रकारी बनाने लगा और जब कुछ बर्तनों पर चित्रकारी बनकर तैयार हो गया तो उसके बाद उसके पिताजी अगले दिन बाजार में बेचने गये जिसके बाद उन्ही चित्रकारी किये बर्तनों के दाम पहले से ज्यादा मिलने लगे और ये सुंदर चित्रकारी किये हुए बर्तन भी जल्दी से बिकने लगे

जिसके बाद सोनू की प्रतिभा के दम पर उसके माता पिता के कारोबार में वृद्धि होने लगी जिसके बाद धीरे सोनू की इस मदद से उनके घर की गरीबी भी दूर होने लगी और इस तरह सोनू के कार्यो से परिवार के अच्छे दिन आ गये

कहानी से शिक्षा

जैसा की बिल गेट्स ने भी कहा है की “अगर आप गरीबी में पैदा होते है तो आपका दुर्भाग्य नही है लेकिन अगर गरीबी में मरते है तो ये आपका दुर्भाग्य है” यानि आपने अपने जीवन में गरीबी को खत्म करने के लिए कोई कोशिश ही नही किया, ईश्वर ने सभी इंसानों को इस धरती पर किसी न किसी प्रतिभा के साथ जरुर भेजते है जरूरत हम इंसानों को उस प्रतिभा को निखारने की होती है

जो इन्सान अपने प्रतिभा के साथ आगे बढ़ता है फिर उसे सफल होने से कोई रोक नही सकता है हो सकता है की आपके अंदर की प्रतिभा बहुत छोटे से शुरुआत से हो लेकिन यही आपकी शुरुआत बहुत बड़े स्तर तक लेकर जाकर आपको सफल भी बना सकती है इसलिए हमे सबसे पहले अपने जीवन में किसी भी कार्य को छोटा नही समझना चाहिए

इस तरह इस कहानी से हमे यही शिक्षा मिलती है की अगर आपने अंदर कुछ करने का हुनर और जज्बा है तो आप किसी भी अवस्था में उस कार्य की शुरुआत कर सकते है क्युकी आपकी एक छोटी से कोशिश के किया गया शुरुआत आपको एक दिन जरुर बड़ा बना देगा.

तो आप सबको ये प्रेरित करती कहानी सफलता के लिए खुद को निखारे प्रेरक हिन्दी Kahani कैसा लगा, कमेंट में जरुर बताये और इस Hindi Story को शेयर भी जरुर करे.

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