4 अंधे आदमी और हाथी की कहानी Moral Story in Hindi

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हम जैसा सोचते है जिस नजरिये से इस दुनिया को देखते है ये दुनिया और यहाँ के लोग हमे वैसा ही दिखते है इसलिए कहा भी गया है इस दुनिया को जैसा देखोगे वैसा ही ये दुनिए तुम्हे नजर आयेगी, अक्सर आप लोगो के मुह से सुनते होंगे की यार ये दुनिया बहुत बुरी है जबकि जो लोग हर चीज में सकरात्मक (Positive Thinking) से देखते है उन्हें अपनी पराजय या असफलता में भी आगे के लिए कही न कही सफलता जरुर ढूढ़ लेते है तो ये सब फर्क है सिर्फ हमारे सोचने के नजरिये का, जैसा सोचेगे वैसा ही ये दुनिया हमे मिलेगी,

तो आईये इसी देखने के नजरिये एक छोटी सी Moral Story 4 अंधे आदमी और हाथी की कहानी को जानते है जो हमारे देखने के नजरिये को बताता है.

अँधा आदमी और हाथी एक मोरल हिन्दी स्टोरी

The Blind Men and Elephant Moral Tell Story in Hindi

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एक बार की बात है एक गाँव में 4 अंधे आदमी को हाथी दिखाने ले जाया गया, चूकी वे सभी अंधे थे इसलिए वे हाथी को देख नही सकते है इसलिए उन्हें हाथियों को स्पर्श करके उनके बारे में जानना था जिसके चारो अन्धो ने बारी बारी से हाथियों को छुवा और हाथी कैसा होता है उन्हें स्पर्श से अनुभव किया.

फिर लोगो ने अब उन अंधे व्यक्तियों से हाथियों के बारे में क्या अनुभव किया जानना चाहा जिसके लिए उनसे उनके अनुभव के बारे में पूछा गया.

तो पहले अंधे व्यक्ति ने बताया की “उसके हिसाब से हाथी लम्बा और पतला था”.

फिर दुसरे अंधे व्यक्ति ने कहा “पहले व्यक्ति को पता नही है की हाथी कैसा था, हाथी तो बड़ा गोल मटोल था”

फिर तीसरे अंधे व्यक्ति ने दावा किया की “ये दोनों व्यक्ति गलत है हाथी तो बहुत बड़ा एक दिवार की तरह था”

फिर आखिरी अंधे व्यक्ति ने कहा की “इन तीनो को नही पता है की हाथी आखिर कैसा था हाथी तो बहुत ही सपाट और नरम था”

इस तरह सबने देखा की सभी अंधे व्यक्ति ने जैसा स्पर्श किये थे उन्हें हाथी भी वैसा ही लगा था उन चारो में कोई अपने जगह गलत नही था लेकिन जिसका जैसा नजरिया था वैसा ही उन्हें हाथी लगा.

कहानी से सीख

तो देखा आपने सभी अंधे व्यक्ति अपने जगह अपने अनुभव और नजरिये के हिसाब से सही थे लेकिन कोई भी एक दुसरे से सहमत नही था क्यूकी वे उतना ही जानते थे जितना की उन्होंने अनुभव किया ठीक ऐसा ही आजकल हम सभी के जीवन में हो रहा है हर कोई आपस में अपने श्रेष्ठ साबित करना चाहता है कोई भी व्यक्ति दुसरे की सुनना नही चाहता है और इस दुनिया के वैसा ही मानता है जैसा उसके साथ घटित होता है.

लेकिन सच्चाई यह नही है यह दुनिया लोगो से मिलकर बना है इसलिए हमे दुसरो की भी सुननी चाहिए हो सकता है दुसरे का अनुभव हमारे जीवन में आगे बढने के काम सकता है.

तो आप सबको यह छोटी सी मोरल कहानी अँधा आदमी और हाथी एक मोरल हिन्दी स्टोरी | The Blind Men and Elephant Moral Tell Story in Hindi कैसा लगा प्लीज कमेंट बॉक्स में बताना न भूले.

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