चाणक्य Suvichar | चाणक्य नीति के 30 अनमोल विचार | Chanankya Neeti Quotes Hindi

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Chanankya Neeti in Hindi | Chanankya Anmol Vichar | Chanankya Suvichar

चाणक्य नीति कोट्स जीवन में सफल होने के लिए अनमोल विचार | | चाणक्य Suvichar

आचार्य चाणक्य जिन्हें कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है जिनका जन्म ईशा से 350 वर्ष पूर्व हुआ था जिन्होंने अर्थशास्त्र और नीतिशाश्त्र की रचना की थी जिसे “चाणक्य नीति” भी कहा जाता है भले ही चाणक्य द्वारा लिखी गयी बाते बहुत पुरानी हो लेकिन उनके द्वारा कहे गये कथन आज भी उतने सटीक और सही साबित होती है

तो आईये आज हम सब चाणक्य द्वारा कहे गये चाणक्य नीति के अनमोल विचारो को जानते है

चाणक्य नीति के अनमोल विचार | चाणक्य Suvichar

Chanankya Suvichar in Hindi for Success in Hindi

Chanankya Suvichar

चाणक्य Suvichar :-1 ऋण, शत्रु और रोग को कभी छोटा नही समझना चाहिए और हो सके तो इन्हें हमेसा समाप्त ही रखना चाहिए

चाणक्य Suvichar :-2 आलसी मनुष्य का न तो वतर्मान का पता होता है न भविष्य का ठिकाना

चाणक्य Suvichar :-3 भाग्य भी उन्ही का साथ देता है जो कठिन से कठिन स्थितियों में भी अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहते है

चाणक्य Suvichar :-4 नसीब के सहारे चलना अपने पैरो पर कुल्हाड़ी मारने के बराबर है और ऐसे लोगो को बर्बाद होने में वक्त भी नही लगता है

चाणक्य Suvichar :-5 जो मेहनती है वे कभी गरीब नही हो सकते है और जो लोग भगवान को हमेसा याद रखते है उनसे कोई पाप नही हो सकता है क्यूकी दिमाग से जागा हुआ व्यक्ति हमेसा निडर होता है

चाणक्य Suvichar :-6 अच्छे आचरण से दुखो से मुक्ति मिलती है विवेक से अज्ञानता को मिटाया जा सकता है और जानकारी से भय को दूर किया जा सकता है

चाणक्य Suvichar :-7 संकट के समय हमेसा बुद्धि की ही परीक्षा होती है और बुद्धि ही हमारे काम आती है

चाणक्य Suvichar :-8 अन्न के अलावा किसी भी धन का कोई मोल नही है और भूख से बड़ी कोई शत्रु भी नही है

चाणक्य Suvichar :-9 विद्या ही निर्धन का धन होता है और यह ऐसा धन है जिसे कभी चुराया नही जा सकता है और इसे बाटने पर हमेसा बढ़ता ही है

चाणक्य Suvichar :-10 किसी भी कार्य को करने से पहले खुद से ये 3 प्रश्न जरुर पूछे – 1 मै यह क्यों कर रहा हु, 2 –इसका क्या परिणाम होगा 3- क्या मै इसमें सफल हो जाऊंगा. अगर सोचने पर आपके प्रश्नों के उत्तर मिल जाए तो समझिये आप सही दिशा में जा रहे है

चाणक्य Suvichar :-11 फूलो की सुगंध हवा से केवल उसी दिशा में महकती है जिस दिशा में हवा चल रही होती है जबकि इन्सान के अच्छे गुणों की महक चारो दिशाओ में फैलती है

चाणक्य Suvichar :-12 उस स्थान पर एक पल भी नही ठहरना चाहिए जहा आपकी इज्जत न हो, जहा आप अपनी जीविका नही चला सकते है जहा आपका कोई दोस्त नही हो और ऐसे जगह जहा ज्ञान की तनिक भी बाते न हो

चाणक्य Suvichar :-13 जो व्यक्ति श्रेष्ट होता है वो सबको ही अपने समान मानता है

चाणक्य Suvichar :-14 शिक्षा ही हमारा सबसे परम मित्र है शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है

चाणक्य Suvichar :-15 दुसरे व्यक्ति के धन का लालच करना नाश का कारण बनता है

चाणक्य Suvichar :-16 व्यक्ति हमेसा हमे गुणों से ऊचा होता है ऊचे स्थान पर बैठने से कोई व्यक्ति ऊचा नही हो जाता है

चाणक्य Suvichar :-17 हमेसा खुश रहना दुश्मनों के दुखो का कारण बनता है और खुद का खुश रहना उनके लिए सबसे सजा है

चाणक्य Suvichar :-18 अपने गहरे राज किसी से प्रकट नही करना चाहिए क्यूकी वक्त आने पर हमारे यही राज वे दुसरे के सामने खोल सकते है

चाणक्य Suvichar :-19 एक पिता के रूप में बच्चो को हमेसा अच्छे और बुरे की सीख जरुर देनी चाहिए क्यूकी हर तरह से समझदार व्यक्ति ही समाज में सम्मानित होता है

चाणक्य Suvichar :-20 बुद्धिमान व्यक्ति यदि किसी मुर्ख व्यक्ति को समझाने का प्रयास कर रहा है इसका मतलब है वह खुद अपने लिए परेशानी बनने की तैयारी कर रहा है

चाणक्य Suvichar :-21 भविष्य की सुरक्षा के लिए धन का इकट्ठा करना आवश्यक है लेकिन जरूरत पड़ने पर इन धन को खर्च करना उससे कही अधिक आवश्यक होती है

चाणक्य Suvichar :-22 ऐसे लोगो की मदद करना व्यर्थ के समान है जो हमेसा नकरात्मक भावो से भरे होते है क्यूकी ऐसे लोग प्रयास छोड़ खुद को या तो आपको या फिर परिस्थिति को दोषी मानकर उदास हो जाते है और लक्ष्य से भटक जाते है

चाणक्य Suvichar :-23 मन से सोचे हुए काम किसी के सामने जाहिर करना खुद को लोगो के सामने हंसी का पात्र बनने के बराबर है यदि मन में ठान लिया है तो उसे मन में ही रखते हुए पूरे मन से करने में लग जाना ही बेहतर है

चाणक्य Suvichar :-24 किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शत्रु का साथ कभी नही लेना चाहिए वरना जीवन भर उसके आगे झुकना पड़ सकता है

चाणक्य Suvichar :-25 जिसे समय का ध्यान नही रहता है यह व्यक्ति कभी भी अपने जीवन के प्रति सचेत नही हो सकता है

चाणक्य Suvichar :-26 धूर्त और कपटी व्यक्ति हमेसा हमे स्वार्थ के लिए ही दुसरे की सेवा करते है अतः इनसे हमेसा बचके ही रहना चाहिए

चाणक्य Suvichar :-27 साप के फन में, मक्खी के मुख में, बिच्छु के डंक में ही जहर भरा होता है जबकि दुष्ट व्यक्ति के पूरे शरीर में औरो के लिए जहर भरा होता है

चाणक्य Suvichar :-28 मित्रता हमेसा बराबर वालो से ही करना चाहिए अधिक धनी या निर्धन व्यक्ति से मित्रता कर लेने पर कभी कभी भरपाई करनी पड़ती है जो कभी भी सुख नही देती है

चाणक्य Suvichar :-29 जो व्यक्ति आपकी बातो को सुनते हुए भी इधर उधर पर ध्यान दे उस व्यक्ति पर चाहकर भी भरोसा नही करना चाहिए

चाणक्य Suvichar :-30 कभी भी अपनी कमजोरियों को दुसरे के सामने नही बताना चाहिए ये अपने लिए ही अहितकर हो सकता है

तो आप सबको यह पोस्ट चाणक्य नीति के अनमोल विचार Chanankya Neeti Quotes in Hindi कैसा लगा प्लीज कम्मेंट बॉक्स में जरुर बताये

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