महाशिवरात्रि पर हिन्दी निबन्ध MahaShivratri Hindi Essay


MahaShivratri Essay in Hindi | MahaShivratri Katha in Hindi

महाशिवरात्रि का त्यौहार निबन्ध 

महाशिवरात्रि | MahaShivratri के इस पावन पर्व पर अच्छीएडवाइस | AchhiAdvice की तरह से आप सभी को ढेर सारी शुभकामनाये. महाशिवरात्रि पर्व हिन्दुओ का एक प्रमुख पर्व एंव त्यौहार है जो की हिन्दू धर्म पंचांग (Calender) के अनुसार फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष में चतुर्दर्शी के दिन मनाया जाता है और हिन्दू धर्म के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन ही हिदू देवताओ के ईष्टदेव भगवान् शिव का माता पार्वती के संग विवाह हुआ था

महाशिवरात्रि पर्व को लेकर अनेक कथाये और धार्मिक किवंदतीया मौजूद है तो आईये जानते है की महाशिवरात्रि (MahaShivratri in Hindi) का त्यौहार क्यों मनाया जाता है

महाशिवरात्रि पर्व का महत्व 

Maha Shivratri Ka Mahatva in Hindi

महाशिवरात्रि हिन्दुओ का एक प्रमुख पर्व है इस दिन हिन्दू धार्मिक मान्यताओ के अनुसार भगवान शिव का विवाह जगत जननी माता पार्वती के साथ हुआ था जिसके उपलक्ष्य में हर साल बड़े धूमधाम से यह पर्व मनाया जाता है और इस दिन स्नान, विधि विधान से पूजापाठ करके भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न किया जाता है और और सभी भगवान शिव से मंगल कामना करते है

महाशिवरात्रि  व्रत कथा

MahaShivratri Vrat Katha in Hindi

हिन्दू धार्मिक मान्यताओ के अनुसार भगवान शिव बहुत ही करुण हृदय के है और वे अपने भक्तो से बहुत ही जल्दी प्रसन्न हो जाते है एक बार की बात है एक चित्रभानु नाम का एक शिकारी था जो जंगलो में जानवरों का शिकार करता था और फिर उसी जीविकापार्जन से अपने परिवार का पेट पालता था लेकिन उसे अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए एक व्यापारी से उधार लेना पड़ा था लेकिन समय रहते चित्रभानु अपने ऋण को नही चूका पाया तो व्यापारी बहुत ही क्रोधित होकर चित्रभानु को अपने यहाँ बंदी बना लिया और फिर कुछ समय बीतने के बाद जल्द ही ऋण चुकता कर देने वादे के साथ व्यापारी ने चित्रभानु को कैद से आजाद कर दिया

फिर वह शिकारी अपने शिकार की तलाश में सीधा जंगल की तरफ गया और एक तालाब के समीप जल लेकर वह पेड़ की ऊची टहनियों पर बैठ गया और फिर जानवरों के तालाब में पानी पीने के आने का इंतजार करने लगा संयोग से उस दिन चित्रभानु पूरे दिन भूखा प्यासा था और जिस पेड़ पर बैठा था वह बेल पत्र का पेड़ था और उस पेड़ के नीचे भगवान शिव का शिवलिंग था जो की पत्तियों से ढक गया था इस प्रकार चित्रभानु जब पेड़ पर बैठा था तो उसके हाथ से कुछ जल नीचे शिवलिंग पर भी गिरा और फिर जानवरों के इंतजार में वह कई बेलपत्रो को तोड़कर नीचे फेकता जो की शिवलिंग पर जाकर गिरती

इस प्रकार जाने अनजाने में चित्रभानु से भगवान शिव का पूजा हो गयी जिसके कारण चित्रभानु का हृदय परिवर्तन हो गया था इस प्रकार कोई भी जानवर वहा आता तो दयावश चित्रभानु उन्हें छोड़ देता और प्रक्रिया पूरी रात चलती रही और सभी आये जानवरों को उनके प्राण लेने की अपेक्षा उनके जीवन दान दे दिया इस प्रकार जब पूरी रात बीत गया तो भगवान शिव चित्रभानु के इस हृदय परिवर्तन से बहुत ही खुश हुए और फिर भगवान शिव तुरंत प्रकट होकर चित्रभानु को दर्शन दिए

और कैसे चित्रभानु ने भगवान शिव को प्रसन्न किया पूरी बात बताई और फिर चित्रभानु को हमेशा दयालु बने रहने का वरदान दिया इस प्रकार यदि कोई भी भगवान शिव के प्रभाव में आता है वह चाहे कितना क्रूर ही क्यों न हो उसका हृदय परिवर्तन होकर दयालु हो जाता है

और ऐसी भी मान्यता है की इसी दिन समुद्र मंथन में हलाहल विष निकला था जिससे विष के प्रभाव से सम्पूर्ण जगत में त्राहि त्राहि मच गयी थी तो फिर इस विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था जिसके कारण भगवन शिव का कंठ नीला पड़ गया जिसके कारण भगवान शिव के ऊपर विष का प्रभाव कम करने के लिए इस दिन विशेष रूप से जल चढ़ाया जाता है जिससे भगवान शिव के ऊपर विष का प्रभाव न पड़े और तभी से भगवान शिव का नाम नीलकंठ पड़ गया था

महाशिवरात्रि कैसे मनाया जाता है

MahaShivratri Kaise Manaye in Hindi

हिन्दू धर्म में हर त्योहारों के पीछे मनाने का कोई न कोई धार्मिक कारण जरुर होता है और सभी त्यौहार हिन्दू देवी देवताओ के पाठ पूजन से भी जुदा होता है तो हिन्दू धर्म के हर त्यौहार बहुत ही धार्मिक भावना से मनाया जाता है चूकी महाशिवरात्रि / MahaShivratri का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह से जुड़ा हुआ है तो इस दिन जगहों जगह पर शिव पार्वती विवाह का उत्सव मनाया जाता है

और जगह जगह शिव पार्वती विवाह की झाकी भी निकाली भी जाती है और लोग इस दिन लोग सुबह सुबह नदियों में स्नान करके पूरे दिन उपवास और व्रत रखते है और भगवान् शिव के मंदिरों में शिवलिंग के ऊपर दूध, जल और बेलपत्र चढ़ाये जाते है और पूरा भारत इस दिन शिवमय हो जाता है मंदिरों में हर हर महादेव के नारे और घंटो की गूंज दूर दूर तक सुनाई देता है पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है और इस दिन हर भारतीय अविवाहित युवती अच्छे वर की कामना से इस दिन पूरी श्रद्धा से व्रत रखती है तो विवाहित महिलाये अपने पति और परिवार की सुख समृद्धि की कामना करती है

तो आप सभी को महाशिवरात्रि | MahaShivratri पर दी गयी ये जानकारी कैसा लगा प्लीज हमे कमेंट बॉक्स में जरुर बताये

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8 Comments

    1. अजय आपको हमारे पोस्ट पढ़कर अच्छा लगा ये जानकर हमे बहुत ही खुशी हुई
      ऐसे ही और आने वाले अच्छे पोस्ट के लिए आप हमारे साथ बने रहिये

    1. हा सर्वेश इन्सान अपने कर्मो से ही महान बनता है अगर हम दुसरो पर दया और अपनापन का भाव रखेगे तभी हम सभी के साथ अच्छा होगा

  1. महाशिवरात्रि अास्था और श्रद्धा का पर्व है ।
    इस पर्व पर बेहतरीन लेख हमारे साथ शेयर करने के लिए धन्यवाद ।

    1. बबिता जी आपको भी महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व की ढेर सारी शुभकामनाये
      आपको हमारे वेबसाइट पर एक नियमित पाठक के रूप में देखकर अच्चा लगा
      आप ऐसे ही अच्छे पोस्ट के लिए बने रहिये आप अच्छीएडवाइस के साथ …….

    1. जरुर नितेश आप हमारे साथ बने रहिये जल्द ही आपको अच्छी एडवाइस के इस सुहाने सफर और जरुरी जानकारी के बारे में लिखेगे

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