Moral Story in Hindi Blind Man with Lamp लैम्प और अँधा आदमी की कहानी

Lamp Aur Andha Aadmi moral story

हर इन्सान की अपनी कुछ कमजोरी होती है तो कुछ इंसानों को अपनी खुद की काबलियत भी होती है लेकिन जब एक इन्सान अपनी शक्तियों पर घमंड करने लगता है तो अक्सर ऐसा कुछ भी लोगो के प्रति बोल देता है जो की नही बोलना चाहिए लेकिन जब कोई कमजोर और बेबस व्यक्ति अपनी बातो से उस व्यक्ति को आईना दिखाता है तो फिर वही इन्सान कुछ भी आगे से बोलने से पहले उसे बार बार सोचना पड़ता है क्यूकी बिना विचारे जब कोई कुछ बोलता है तो निश्चित ही उसे पछतावा ही मिलता है.

तो आईये जानते है एक ऐसी ही कहानी Motivational Kahani Lamp Aur Andha Aadmi Moral Stories In Hindi जो की हमे जीवन जीने की सीख सिखाती है.

लैम्प और अँधा आदमी की मोरल स्टोरी

Hindi Story With Moral A Blind Man With A Lamp

Lamp Aur Andha Aadmi moral story

किसी शहर में एक अँधा आदमी रहता था वह अँधा आदमी अक्सर रात के अँधेरे में अपने साथ लैम्प | Lamp यानि लालटेन साथ रखता था एक बार की बात है वह अँधा आदमी रात के अँधेरे में अपने साथ प्रकाश का लैंप साथ में लिए जा रहा था की तभी उसके पास से उसके जानने वाले कुछ व्यक्ति गुजरे और उस अंधे आदमी के हाथ में लालटेन को देखकर वे सभी व्यक्ति अंधे व्यक्ति |The Blind Man  का मजाक उड़ाते हुए कहा की “जब आप देख ही नही सकते हो तो भला आपके हाथ में यह प्रकाश का लैम्प होने से क्या फायदा”

तो उस अंधे व्यक्ति ने ने नम्रतापूर्वक कहा की “यह लैम्प मेरे लिए नही है यह लैम्प आप लोगो के लिए है मै तो अँधेरे में भी चल सकता हु क्यूकी मेरा जीवन ही अँधेरे से भरा पड़ा है जिससे मुझे अँधेरे में जीने की आदत बन गयी है लेकिन आप लोग तो सिर्फ दिन के उजाले में ही देख सकते हो और आप लोगो को अँधेरे में देखने की समस्या होती है इसलिए आप लोग मुझे अँधेरे में चलते हुए धक्का न दे दो इसलिए यह लैम्प आप लोगो के लिए मै अपने साथ रखता हु”

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अंधी व्यक्ति की यह बात सुनकर वे सभी व्यक्ति बहुत ही अपने आप पर शर्मिंदा हुए और उस अंधे व्यक्ति से क्षमा प्राथना की और सबने निर्णय किया की अब भविष्य में कभी भी बिना विचारे कुछ भी नही बोलेगे.

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कभी भी किसी के प्रति हमे बोलने से हम क्या बोलने जा रहे है उसके बारे में जरुर सोचना चाहिए

“बोलने से पहले दो बार सोचो”

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