जीवन में खुश कैसे रहे 10 गुड हैबिट

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Good Habit in Hindi | Khush Rahne Ke Tarike

जीवन में खुश रहने के उपाय 10 Good Habit Hindi

खुश रहना तो हर कोई रहना चाहता है लेकिन आजकल के इस भागमभाग भरी जीवन में कुछ लोग ही खुश रह पाते है, क्यू की लोगो के पास तो आज के समय में इतनी सुख सुविधाए तो जुटा तो लेते है लेकिन उन सुख सुविधाओ का लोग भरपूर आनंद नही ले पाते है, जिसके कारण और पाने की चाहत हम इंसानों को कभी भी सुख से रहने नही देती है.

तो आईये आज हम अपने कुछ ऐसी आदतों | 10 गुड हैबिट की बात करते है, जो हमे वास्तविक स्थिति में खुश होने के दुखी करने में सहायक होती है.

10 अच्छी आदते | Top 10 Good Habit Hindi

10 Good Habits

1:- जब हम बच्चे होते है तो हमे जो भी कुछ मिल जाता था हम सभी उतने में प्रसन हो जाते थे, क्यू की उस समय हमारा दिमाग इतना Mature नही होता है जो हमे बुरे चीजो का अहसास कराये. और हम सभी को एक ही अच्छे भाव से देखते है, लेकिन जैसे जैसे हम बड़े होते जाते है हमारा दिमाग भी Mature होता जाता है, और हमारे अंदर अपना पराया, लाभ हानि और हमेसा अपने फायदे की सोच ही हमे दुखी करती है, लेकीन यदि देखा जाय तो जो व्यक्ति हर हाल में सुखी रहते है वे इन बातो का ख्याल नही करते है, और वे सिर्फ अपने जीवन के एक एक पल को पूरी तरह से ख़ुशी के साथ बिताते है.

2:- अगर देखा जाय तो जो व्यक्ति सुखी होते है वे हर समय में बस लोगो में अपने लिए अच्छाई ही खोजते है, और उन्हें हर व्यक्ति की अच्छाई उन्हें पसंद होती है, और वे अक्सर ऐसे लोगो से जल्दी घुल मिल भी जाते है, लेकिन ठीक इसके उलट जो व्यक्ति हर किसी दुसरे में बस उसकी सबसे पहले बुरायिया देखते है, उन्हें उन व्यक्ति की फिर कभी अच्छाईया नही दिखती है, जिसके कारण वे हमेसा दुसरो को देखकर दुखी होते है.

3:- माफ़ी एक ऐसा शब्द है, जिसके अन्दर ये होता है वो निश्चय में ही लोगो को समझने वाला व्यक्ति की निशानी है, और जो व्यक्ति हर हाल में खुश रहना चाहते है, वे दुसरो को तुरंत माफ़ कर देते है और खुद से यदि गलती भी हो जाय तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत माफ़ी माग भी लेते है, क्यू की वे जानते है माफ़ी मांग लेने से या किसी व्यक्ति की गलती माफ़ कर देने वे छोटे नही हो जायेगे.

4:- जो लोग अपने जीवन में खुशहाल जीवन बिताते है वे लोग अपने परिवार और मित्रो में ज्यादा ध्यान देते है क्यूकी इन्ही रिस्तो की बुनियाद पर जीवन में लोग हमेसा आगे बढ़ते है, और वे सभी को अपनी खुशिया में उन लोगो को शामिल करते है, लेकिन जो व्यक्ति रिश्तो की अहमियत को नही समझते है वे केवल हर किसी केवल अपना मतलब निकालना जानते है, और वे ही व्यक्ति जब दुखी होते है तो उनके दुःख में कोई साथ नही देने आता है.

5:- जो व्यक्ति अपने जीवन में खुश रहते है वे हमेसा अपने मन से कोई काम करते है और जिस काम में अगर वे मन लगाते है, वे उसे पूरी ईमानदारी और निष्ठां के साथ उस कार्य  को पूरा भी करते है, लेकिन जो व्यक्ति दुखी रहते है उन्हें चाहे कैसा भी कार्य मिल जाए वे हमेसा अपने काम से न तो संतुष्ट होते है और हमेसा कुह न कुछ अपने काम और जहा काम करते है वहां की उलटे बुराई ही करते है.

6:- हमें खुश रहने का अहसास अपने खुद के दिमाग से ही आता है, जब हम किसी भी चीज के बारे मे नकरात्मक या कुछ गलत सोच लेते है, तो फिर हमारा दिमाग उसके बारे में फिर कभी पॉजिटिव सोचना बहुत ही मुश्किल होता है, लेकिन जो व्यक्ति अपने जीवन में खुश होते है वे अपने दिमाग में कभी भी Negative Thinking लाते ही नही है और हर विपरीत परिस्थति में भी सामान्य रहते है.

7:- जो व्यक्ति खुश होते है वे अपने छोटे से छोटे काम को भी बड़े उद्देश्य से जोड़कर देखते है और उस काम को बहुत ही हसी-खुशी करते है लेकिन जो व्यक्ति अपने जीवन में दुखी होते है वे छोटे छोटे कामो की अवहेलना करते है और और उनके मन में छोटे कामो को करने में हीन की भावना भरी होती है, और वे इस प्रकार अपने कामो को दुसरो के लिए टालते रहते है.

8:- जो व्यक्ति सुखी होते है वे अपने काम के प्रति ईमानदार तो होते ही है और साथ में उस काम को पूरा करने में कभी भी झूठ का सहारा नही लेते है और वे अपने काम को पूरा करने में किसी को किसी भी प्रकार की धोखा नही देते है, इसके ठीक विपरीत जो व्यक्ति दिल से झूठे होते है वे सीधे साधे लोगो से अपने काम तो करा लेते है फिर बाद में उनके कार्य करने का मेहनत के पैसे भी नही देते है, जिसके चलते वे आगे चलकर बहुत ही परेशान हो जाते है.

9:- जो व्यक्ति सुखी होते है वे हमेसा ही दूसरो के मदद में सदा आगे रहते है, और उन्हें जब भी मौका मिलता है वे लोगो का जरुर करते है, और जो व्यक्ति दिल से दुखी हो वो चाहकर भी लोगो का मदद नही करना चाहता, अगर कोई व्यक्ति ऐसे लोगो से भूलकर भी मदद मांग लिया तो वे उलटे ही उस व्यक्ति को अपने हजार परेशानी सुना देते है और इस मदद करने से मुकर जाते है ऐसे व्यक्ति चाहकर भी कभी खुश नही रह पाते है.

10:- सुखी व्यक्ति हमेसा दूसरो की खुसिया में अपना ख़ुशी ढूढता है और जो व्यक्ति दुखी होते है वे अक्सर दुसरो के सामने अपने दुखो का रोना रोते है ,

तो अगर हम अपने जीवन में इन बुरे आदतों को दूर कर ले तो हम भी जरुर हमेसा सुखपूर्वक रह सकते है इसलिए हमे हमेसा पॉजिटिव होकर सुख से रहना चाहिए,

तो इस पोस्ट में बताई गयी बाते आपको कैसी लगी Comment Box में जरुर बताये और इस पोस्ट को शेयर भी जरुर करे.

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