जंगल की कहानी Jungle Ki Kahani Forest Story in Hindi

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Jungle Ki Kahani – वो कहते है ना दुष्ट प्रवित्ति के लोग चाहे कितना भी अच्छा बनने का दिखावा कर ले, लेकिन वे अपनी दुष्ट प्रवित्ति को त्याग नही कर सकते है तो चलिए एक ऐसी जंगल की कहानी बताने जा रहा हु, जिससे हमे इस Jungle Ki Kahani से शिक्षा मिलती है की की दुष्ट लोगो की संगती से बचना चाहिए.

दुष्ट की दुष्टता जंगल की कहानी Jungle Ki Kahani

Jungle Ki Kahaniजंगल कहानी – एक बार की बात है किसी जंगल में एक दिन एक गधे और लोमड़ी ने शेर के साथ एक समझौता किया कि वह तीनों अपने लिए एक साथ जंगल में खाने की तलाश करेंगे। उन्हें लगा कि एक साथ खाने की तलाश करने से उन्हें कुछ न कुछ खाने को मिल जाएगा और उन्हें भूखा नहीं रहना पड़ेगा। पहले तो गधा और लोमड़ी शेर के साथ साझेदारी करने में डर रहे थे। लेकिन खाने मिलने के लालच में उन्होंने अपने डर को भुला दिया। उन तीनों ने मिलकर बहुत अच्छा शिकार किया। उन तीनों ने जंगल में खाने की तलाश की। खाने की खोज करते हुए वह तीनों नदी के किनारे पहुँचे।

उन तीनों ने फैसला किया कि उनमें से गधा शिकार के लिए जानवर तलाश करेगा। जब वह शिकार को ढूंढ लेगा तो वह उससे दोस्ती करने की कोशिश करेगा। फिर जब गधा शिकार से बातें कर रहा होगा, तो बाकी दोनों छुपकर उसकी हरकतों को देखेंगे और सबसे पहले लोमड़ी जाकर शिकार के लिए जानवर पर झपटेगी। अपनी जान बचाने के लिए लोमड़ी से भागेगा। डरा हुआ जानवर लोमड़ी से बचने के लिए शेर के रास्ते में आएगा और शेर उस जानवर पर कूद कर उसे मार देगा और उसे एक ही झटके में मार डालेगा।

शाम के समय तीनों जानवर थके हुए थे लेकिन वह खुश होकर शेर की गुफा के आगे इक्ट्ठा हुए। शेर ने गधे को शिकार किए हुए जानवर को तीन हिस्सों में बांटने का आदेश दिया। गधा बहुत खुश था। उसे लगा कि शेर ने उसे शिकार को बांटने के लिए इसलिए कहा है क्योंकि वह उस पर विश्वास करता है और उसे पसंद करता है। बड़ी चालाकी से गधे ने शिकार किए हुए जानवर को एक जैसे तीन हिस्सों में बांट दिया। गधे ने शेर को कहा, ‘सर, मैंने आपके कहे अनुसार शिकार को तीन हिस्सों में बांट दिया है। अब आप दोनों अपना भोजन ले सकते है।’

शेर ने एक मिनट के लिए गधे को घूरा और फिर उसे बोला, ‘ओह! तो तुम्हें लगता है कि तुम दोनों को भी मेरे जितना हिस्सा मिलना चाहिए। तुम्हें लगता है कि इस खेल में तुमने सिर्फ शिकार से बातें करके बहुत महान काम किया है और तुम अपने इस काम की मेरे शिकार को मारने के काम से तुलना कर रहे हो।’ यह कहते हुए शेर ने गधे पर झपट्टा मारा और उसे एक सेकेंड में मार दिया। फिर उसने लोमड़ी को शिकार किया हुआ खाना बांटने के लिए कहा। लोमड़ी ने शिकार किया हुआ खाना एक साथ इक्ट्ठा किया और उसमें से ज़्यादा हिस्सा उसने शेर को दिया और अपने लिए थोड़ा सा खाना रखा। यह देखकर शेर बहुत खुश हुआ।

शेर बोला, ‘तुम्हें खाने बांटने का हिस्सा किसने सिखाया है? तुम तो बिलकुल सही ढंग से खाना बांटते हो। लोमड़ी ने बताया, ‘मैंने यह आपसे सीखा है। जब आपने गधे को मारा तो मुझे समझ आ गया कि आपको ज़्यादा हिस्सा देना चाहिए।’ लोमड़ी ने अपने दिमाग में तय कर लिया था कि वह आगे से शेर के साथ साझेदारी नहीं करेगी।

कहानी से शिक्षा – इस कहानी से यही शिक्षा मिलती है की दुष्ट चाहे कितना भी अच्छा बनने का नाटक कर ले, लेकिन समय आने पर वे अपना असली रूप यानि दुष्टता को दिखा ही देते है, इसलिए हमे ऐसे लोगो की दोस्ती से दूर ही रहने में भलाई होती है.

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