बच्चो की 7 बाल कहानिया बड़ो को सीख Kids Stories

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Bachcho Ki Bal Kahani | Baccho ki kahani

बच्चो की कहानिया बड़ो को शिक्षा

अक्सर लोगो के मुह से यह कहते हुए सुना जाता है की अब हम बड़े हो गये है लेकिन क्या हम सचमुच बड़े हो गये है जो जिन्दगी में आने वाली तमाम समस्याओ के समाधान का फैसला खुद से ले सकते है क्या हम बड़े होकर भी दुसरो पर निर्भर रहते है ऐसे तमाम प्रश्न हम सभी के मन में उठता है लेकिन जब कभी हम अपने बचपन के झाककर देखते है तो हमारे स्कूल में पढाये जाने वाले हिन्दी के पुस्तको में ऐसी तमाम कहानिया पढने को मिला जो हमे उस समय बहुत कुछ सीखने को मिलता है लेकिन जैसे जैसे बड़े होते जाते है हम तमाम तरह के जिम्मेदारियों में बधते चले जाते है जो जिन्दगी के फैसलों में काम आने वाली इन कहानियो से मिली सीख को भूल जाते है.

baccho ki kahaniतो आईये एक बार फिर से इन कहानियो को पढ़ते है और इन कहानियो की सीख के माध्यम से खुद को अपने जिन्दगी में आगे बढ़ाते है और अगर आपको यह पोस्ट पसंद आये तो दुसरो को शेयर जरुर करे.

1 – लोमड़ी और खट्टे अंगूर | The Fox and Grapes Child Story

एक जंगल में एक लोमड़ी जा रही थी की रास्ते में उसे अंगूर का पेड़ दिखा जिसपर बहुत सारे अंगूर के फल लगे हुए थे जिसको देखकर लोमड़ी के मुह में पानी आ गया और फिर लोमड़ी अंगूर के फल खाने की इच्छा से अंगूर के गुच्छे की तरफ छलांग लगायी लेकिन अंगूर का पेड़ काफी उचा था जो की लोमड़ी की पहुच से दूर था जिसके कारण लोमड़ी ने कई बार कोशिश लेकिन वह अंगूर के फल को न पा सकी और अंत में थक हारकर खुद को सांत्वना देते हुए चली गयी और जाते हुए मन में यही कह रही थी अंगूर खट्टे है

कहानी से शिक्षा | Moral Teach

जब हम प्रयास करते हुए थक जाते है और अंत में हमे निराशा मिलती है तो हम परिस्तिथी के अनुरूप खुद को ढाल लेते है और सफलता मिलना हमारे भाग्य में नही है ऐसा कहकर खुद को सांत्वना देते है

2 – भालू और दो दोस्त |  Bear and Two Friends Hindi Story

दो दोस्त जंगल के रास्ते से जा रहे थे की अचानक उन्हें दूर से एक भालू अपने पास आता हुआ दिखा तो दोनों दोस्त डर गये पहला दोस्त जो की दुबला पतला था वह तुरंत पास के पेड़ पर चढ़ गया जबकि दूसरा दोस्त जो मोटा था वह पेड़ पर चढ़ नही सकता था तो उसने अपनी बुद्धि से काम लेते हुए वह तुरंत अपनी सांस को रोकते हुए जमीन पर लेट गया और फिर कुछ देर बाद भालू वहा से गुजरा तो उस मोटे दोस्त को सुंघा फिर कुछ समय बाद आगे चला गया इस प्रकार उस मोटे दोस्त की जान बच गयी तो इसके बाद उसका दोस्त उसके पास आकर पूछता है की वह भालू तुम्हारे कान में क्या कह रहा था तो उस दोस्त ने बोला की सच्चा दोस्त वही होता है जो मुसीबत के समय अपनी समय के काम आये

कहानी से शिक्षा | Moral Teach

सच्चा दोस्त वही होता है जो दोस्त अपने दोस्त का साथ मुसीबत के वक्त भी न छोड़े

3- दयालु शेर | The Kind Lion Hindi Kahani

एक जंगल में एक शेर सो रहा था की अचानक एक चूहा शेर को सोता देखकर उसके उपर आकर खेलने लगा जिसके कारण उछलकूद से शेर की नीद खुल गयी और उसने उस चूहे को पकड़ लिया तो चूहा डर के कापने लगा औ शेर से बोला हे राजन हमे माफ़ कर दो जब कभी आपके ऊपर कोई दुःख आएगा तो मै आपकी सहायता कर दूंगा तो शेर हसते हुए बोला मै सबसे अधिक शक्तिशाली हु मुझे किसी की सहायता की क्या जरूरत, यह कहते हुए उसने चूहे को छोड़ दिया

कुछ दिनों बाद वही शेर शिकारी द्वारा फैलाये गये जाल में फास गया और फिर खूब जोर लगाया लेकिन वह जाल से छुटने की अपेक्षा और अधिक फसता चला गया यह सब देखकर पास में ही उस चूहे की नजर शेर पर पड़ी तो उसने शेर की सहायता वाली बात याद दिलाकर अपने नुकीले दातो से जाल काट दिया और फिर शेर जाल से आजाद हो गया इस प्रकार चूहे ने अपने जान की कीमत शेर की जान को बचाकर पूरा किया

कहानी से शिक्षा | Moral Teach 

कभी किसी को छोटा समझकर उसकी शक्ति नही आकनी चाहिए क्यूकी मुसीबत में किसी की भी सहायता की जरूरत पड़ सकती है

4 – रंगीन सियार | Colorful Jackal Hindi Story

एक बार एक सियार जंगल में पास के गाव में चला गया और और वहां के लोगो द्वारा भगाने से हडबडी में सियार धोबी के रखे नाद में गिर गया जिसके पानी में रंग होने के कारण सियार रंगीन हो गया फिर वापस सियार जंगल में आया तो सब सियार उससे डर के मारे इक्कठा होने लगे और सब एक साथ एक उसके सामने आये तो सियार को अपने बदले हुए रंग का पता चला तो उसने तुरंत सभी सियार से कहा की मुझे देवदूतो ने आप सब का राजा बनाकर भेजा है इसलिए आज से मै आप सबका राजा हु आप लोग मेरी मेरा सेवा करेगे.

तो सबने निश्चय किया की अगर ये सियार का रंग अलग है तो इसकी आवाज़ भी अलग होगी और सभी सियार एक साथ चिल्लाने लगे तो भला सभी सियार के चिल्लाने से अपनी आदत से मजबूर वह सियार भी उनके सुर में चिल्लाने लगा तो सबके सामने उस सियार की पोल खुल गयी और सब सियार ने मिलकर उसको मार डाला

कहानी से शिक्षा | Moral Teach

किसी भी साप को कितना भी दूध पिला लो वह काटना नही छोड़ता ठीक उसी प्रकार दुष्ट लोग भी चाहे कितने सज्जन बन जाए लेकिन वे अपनी आदत को छोड़ नही सकते

5 – नकलची बन्दर | Nakalachi Bandar Ki Kahani

एक बार एक टोपी बेचने वाला अपनी ढेर सारी टोपियो को लेकर बेचने जा रहा था रास्ते में एक पेड़ के नीचे बैठ गया और थकान की वजह से उसे नीद आ गयी और सो गया इतने में उस पेड़ पर रहने वाले बन्दर उसकी ढेर सारी टोपिया उठा ले गये और सबने पेड़ पर चारो तरफ टोपिया फैला दी इतने में उस टोपीवाले की नीद खल गयी तो उसने देखा की सब बंदरो ने उसके टोपिया लेकर चले गये है तो वह उनसे टोपिया मागने के लिए डराने लगा लेकिन इससे बन्दर और चिड जाते और सभी बन्दर वैसा ही करते जैसा की टोपीवाला करता तो उसने गुस्से में अपने सर की टोपी निकाल कर फेक दी तो ऐसा देखकर उन बंदरो ने नकल करके सारे टोपी नीचे फेक दिए जिससे टोपीवाला अपने सारी टोपिया फिर से पा गया

कहानी से शिक्षा | Moral Teach

कभी कभी नकल करना भी अक्ल पर पर्दा डाल देता है इसलिए हम जो भी करे उसे सोच विचारकर करे

6 – सारस और लोमड़ी | Crane And Fox Story in Hindi

एक बार एक लोमड़ी ने अपने दोस्त सारस को खाने की न्यौता दिया और खाने में खीर बनाया और उसे बड़े थाली में परोस दिया फिर सारस और लोमड़ी थाली में परोसे खीर को खाने लगे थाली काफी चौड़ी थी जिससे सारस के चोच में खीर की थोड़ी ही मात्रा आ पाती थी जबकि लोमड़ी अपने जीभ से जल्दी जल्दी सारा खीर खा लिया जबकि सारस का पेट भी नही भरा था जिससे लोमड़ी अपनी चतुराई से मन ही मन खुश हुई तो फिर सारस ने भी लोमड़ी को खाने का न्योता दिया फिर अगले दिन सारस ने भी खीर बनाया.

और और लम्बे सुराही में भर दिया जिसके बाद दोनों खीर खाने लगे सारस अपने लम्बे चोच की सहायता से सुराही में खूब खीर खाया जबकि लोमड़ी सुराही लम्बा और उसका मुह छोटा होने के कारण वहा तक पहुच ही नही पाता जिसके कारण वह सुराही पर गिरे हुए खीर को चाटकर संतोष किया फिर इस प्रकार सारस ने अपने अपमान का बदला ले लिया और लोमड़ी को अपने द्वारा किये हुए इस व्यव्हार पर बहुत पछतावा हुआ

कहानी से शिक्षा | Moral Teach

जैसे को तैसा की सोच आधारित यह कहानी हमे यही सिखाती है की हमे कभी भी किसी का अपमान नही करना चाहिए क्यू ऐसा अपमान अपने साथ भी सो सकता है

7 – एकता की शक्ति | Unity is Strength A Moral Hindi Story

एक बहेलिया जंगल में पक्षियों को पकड़ने के लिए गया और पक्षियों को पकड़ने के लिए अपने जाल फैलाकर उसपर चावल के दाने बिखेर कर जंगल की झाड़ियो में छुप गया इतने में झुण्ड में जाते हुए कबूतरों को जंगल में चावल के दाने दिखे तो उन सभी के मुह में पानी भर आया और चावल के दाने चुगने के लिए सभी नीचे उतरे तो उनमे मौजूद एक बुद्धिमान कबूतर को कुछ शक हुआ की भला जंगल में असे चावल के दाने कहा से आ गये हो न हो इसमें कोई धोखा हो सकता है उसके मना करने के बावजूद सभी कबूतर दाना चुगने लगे और इस तरह सभी कबूतर शिकारी द्वारा फैलाये जाल में फस गये.

और सभी उड़ने की कोशिश करने लगे लेकिन वे सभी असफल रहे तो बुद्धिमान कबूतर बोला दोस्तों अगर हम सभी एक साथ पूरे शक्ति लगाकर उड़े तो निश्चित ही हम सभी इस जाल को लेकर उड़ सकते है इसके बाद उन कबूतरों ने एक साथ पूरे ताकत से उड़ने लगे जिससे वे फसे हुए जाल को लेकर उड़ने लगे लेकिन पास में छिपा बहेलिया भी उनके पीछे दौड़ा लेकिन कबूतरों की एकता की शक्ति के पीछे वह असफल रहा और उन कबूतरों को पकड़ नही पाया फिर उन कबूतरों ने अपने मित्र मूषकराज के पास पहुच जाल काटने के बाद एक बार फिर से आजाद हो गये इस प्रकार उनके एकता की ताकत उन्हें बहेलिया के कैद में होने से बचा लिया

कहानी से शिक्षा | Moral Teach

अगर हम सब एक साथ मिलकर रहे तो हमारी एकता की ताकत के आगे बड़े से बड़े मुसीबत का सामना आसानी से कर सकते है

तो बच्चो की ये छोटे छोटे हिंदी कहानिया आप सबको पढ़कर एक बार जरुर अपने बचपन की याद आ गया होगा तो ये कहानिया बच्चो की छोटी छोटी Hindi Kahani जरुर है लेकिन इन कहानियो से हर किसी को शिक्षा मिलती है तो आप सभी को ये कहानिया कैसा लगा अपने विचार Comment Box में जरुर बताये.

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