जीवन में पैसे का महत्व की प्रेरक कहानी

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Jivan me Paise Ka Mahatva Moral Hindi Stories

पैसे का महत्व की कहानी Moral Story

जीवन में पैसा रुपया धन ही सबकुछ नही होता है और पैसे के बिना भी कुछ नही होता है इसी सोच पर आज आप सबको मै एक Moral Kahani  बताने जा रहा हु जो की कही न कही हम सबकी सोच पर ही आधारित है इसलिए आप सभी इसे पढ़े और आप सबको यह प्रेरित करने वाली हिन्दी कहानी कैसा लगा अपने विचार प्रस्तुत करे

एक लड़का था जो अपने माता पिता के साथ एक गाव में रहता था वह लड़का पढने लिखने में तेज था लेकिन उसके दोस्तों की सोच थी की यदि वे पढ़लिखकर कोई नौकरी प्राप्त कर ले तो उनका जीवन सुखमय हो जाएगा और इस दुनिया की कोई भी वे सुख अपने धन दौलत से खरीद सकते है लेकिन वह लड़का अक्सर उनके बातो से सहमत नही होता था और जिसके कारण उसके मन में अनेक विचार आते रहते थे

एक दिन की बात है वह इसी बात का जिक्र उसने अपने पिताजी से किया और कहा की पिताजी क्या अगर हमारे पास ढेर सारा धन हो जाए तो क्या हम दुनिया के सबसे ख़ुशी इन्सान हो सकते है तो यह बात सुनकार उस लड़के के पिताजी ने कहा की ठीक है शाम को जब मै अपने काम से वापस लौटकर आऊंगा तो इसके बारे में हम बात करते है

PAISE KA MAHATVA STORY

और फिर शाम को उस लड़के के पिताजी ने अपने बगीचे के लिए आम का एक नन्हा सा पौधा लाये और फिर अपने बेटे के साथ अपने बगीचे में उसे लगाने जाते है फिर अपने बेटे के साथ मिलकर उस आम के पौधे को जमीन में लगा देते है

तो इसके बाद उस लड़के के पिताजी कहते है की देखो बेटा तुमने आज सुबह पूछा था की क्या धन से ही सारे सुख प्राप्त किया जा सकता है तो इस आम के पेड़ को देखो और सोचो की  क्या हमने इसे बेकार में ही लगा दिया है क्यूकी इस पौधे को पेड़ बनने में काफी समय लगेगा और फिर इसपर फल आने में भी वक्त लगेगा और हो सकता है की इसके फल हमे खाने को मिले या ना मिले इससे हम सभी यही सोचते है की यह समय की बर्बादी है

तो ठीक है तुम जरा सोचो अगर सब लोग यही सोचने लगे की भला हम क्यू पेड़ लगाये अगर हमे फल खाना ही है तो हम अपने पैसो से बाजार से फल खरीदकर कहा सकते है जो की बिना समय गवाए तुंरत मिल जाता है

तो सोचो जब सबका यही सोच होगा की धन से सबकुछ ख़रीदा जा सकता है ऐसे में कोई भी इन पेड़ो को नही लगाएगा तो एक दिन ऐसा भी आएगा की इस धरती पर सबके पास तो खूब धन दौलत तो सकता है लेकिन जब फल देने वाले पेड़ पौधे नही होंगे तो सोचो भला इन पैसो का क्या मोल जब इनसे खाने के लिए भोजन और फल आदि न मिले तो सबसे पहले हम सभी को अपनी सोच बदलनी चाहिए तभी इन पैसो का कीमत हो सकता है

अपने पिता से यह सब बाते सुनकर उस लड़के को समझ में आ गया था की हम सब तो यही सोचते है की चलो अगर सब ढेर सारा धन कमा भी ले तो धन का कोई मोल नही होता जब तक इस धन की कोई कीमत ही न हो

शिक्षा –

दोस्तों इस कहानी से हमे यही शिक्षा मिलती है की इस संसार में प्रकृति का एक संतुलन है हर चीज में प्रकृति अपना संतुलन बना कर चलती है जैसे रात के बाद दिन, गर्मी के बाद ठंडी, धुप छाव, पेड़ पौधे, नदिया तालाब, जीव जन्तु, नदिया पहाड़ हर चीज में एक संतुलन है लेकिन इन्सान आज के समय में सिर्फ पैसे के मोल पर वो हर चीज पाना चाहता है चाहे वो मनमाने तरीके से ही क्यू न हो, दोस्तों सोचो इस धरती के इन्सान यही सोचने लगे तो कोई भी किसान खेतो में अन्न नही पैदा करना चाहेगा, सब बस पैसो कमाने के पीछे ही लग जाए तो ये दुनिया पूरी तरह नोटों से भर जायेगी लेकिन अन्न के अभाव में इन नोट रद्दी कागज के समान ही होंगे

इसलिए इन्सान की जरूरत ये कागज के नोट या धन नही इन्सान की जरूरत तो सिर्फ रोटी कपड़ा और मकान है और जो इन्सान अपनी इन मुलभुत जरुरतो को पूरा कर लेता है वही इन्सान आज के समय में सबसे ज्यादा खुश होता है क्यूकी अक्सर यह कहा जाता भी है हम पैसो से सुखसुविधा तो खरीद सकते है लेकिन इन पैसो से मन की शांति कभी नही खरीद सकते है सोचिये जब प्राचीनकाल में धन नही थे तो क्या लोग सुखी नहीं थे.

तो आपको यह कहानी पैसे का महत्व की कहानी Moral Story कैसा लगा, कमेंट में जरुर बताये और इस कहानी को शेयर भी जरुर करे.

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