दिवाली त्यौहार पर हिंदी निबंध Dipawali Essay in Hindi


Diwali Essay In Hindi

दीपावली पर हिंदी निबंध

जब हम अपने जीवन में कार्य करते हुए इतने थक जाते है और हमे हमारा जीवन बोझिल लगने लगता है तो हमारे सांस्कृतिक और आध्यत्मिक रूप से मनाये जाने वाले त्यौहार हमारे जीवन में फिर से उर्जा का संचार करते है एक तरफ जहा अपने रोजमर्रा के कार्यो से इतने थक जाते है तो इन त्योहारों के आ जाने से हमारे मन में हर्ष और उल्लास भर जाता है इसलिए इन त्योहारों का होना हमारे जीवन में विशेष महत्व होता है

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त्यौहार हमारे जीवन का अभिन्न अंग होते है त्योहारों के माध्यम से ही लोग एक दुसरे के गले शिकवे भुलाकर सब एक दुसरे से प्रेम के साथ रहते है त्योहारों का इतना महत्व होता है की दुनिया के हर कोने में कोई न कोई त्यौहार जरुर मनाया जाता है और त्यौहार के माध्यम से लोगो के जीवन में हर्ष और नई स्फूर्ति भर जाती है

दिवाली | Diwali भारतवर्ष में हिन्दूओ का एक प्रमुख त्यौहार है जो की हिन्दू धर्म में मनाया जाने वाला सबसे प्राचीन त्यौहार है भारत देश में अनेको त्यौहार मनाये जाते है जिसमे होली, दिवाली, दशहरा, ईद, रक्षाबन्धन जैसे अनेक त्यौहार है लेकिन इन सभी त्योहारों में दीपावली का त्यौहार | Diwali Ka Tyohar आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है एक तरफ जहा दशहरा का त्यौहार खत्म होता है और फिर इसके बाद से ही भारत देश में हर घर में साफ सफाई और रंग पुतायी का कार्य शुरू हो जाता है और पूरे जोश के साथ सभी लोग दिवाली के त्यौहार की तैयारी करने लगते है

दीपावली का त्यौहार पर हिंदी निबंध

Diwali Essay in Hindi

भारत देश के प्रमुख त्योहारों में दीपावली | Diwali का विशेष स्थान है दिवाली | Dipawali का त्यौहार हिन्दूधर्म के कार्तिक महीने के अमावस्या के दिन पूरे धूमधाम से मनाया जाता है अमावस्या की रात बहुत ही अँधेरी और काली होती है लेकिन दिवाली की रात के चलते पूरी रात हर जगह दिये और प्रकाश की रौशनी से भर जाती है चारो तरफ उजाला ही उजाला होता है इसलिए दीपावली के त्यौहार को अन्धकार पर प्रकाश की विजय का त्यौहार भी कहते है

दिवाली को भारत में कही दीपावली, कही दीपोत्सव कहा जाता है जिसका सीधा सा अर्थ है दीपो की श्रृखंला यानि हर जगह लाखो दिये सजाये जाते है दिवाली के त्यौहार की तैयारी पूरे घर की साफ सफाई और घरो को रंगों की पुताई से की जाती है घरो की दीवारों और फर्शो पर तरह तरह के चित्रकारी और रंगोली बनाई जाती है हर तरफ सभी के घर एकदम साफ़ सुथरे और नये दिखने लगते है

दिवाली | Diwali के त्यौहार की भारत देश में इतनी अधिक महत्ता है की स्कूल कॉलेज और सभी सरकारी और गैर सरकारी दफ्तरो में हफ्ते भर के लिए सार्वजनिक अवकाश रहता है सभी लोग अपने परिवार और अपने गाव घर में पूरे हर्शोलास के साथ इस त्यौहार को मनाते है

दिवाली मनाये जाने का ऐतिहासिक कारण

History of Dipawali in Hindi

भारत के प्राचीन ग्रन्थ रामायण और रामचरितमानस के आधार पर अयोध्या के राजा राम अपने पिता दशरथ के आज्ञा पर चौदह वर्षो तक अपनी पत्नी सीता और छोटे भाई लक्ष्मण के साथ वन में बिताये जहा पर धोखे से लंका के राजा रावण ने राम की पत्नी का सीताहरण कर लिया था जिसके पश्चात रामचन्द्रजी ने हनुमान और सुग्रीव के सहायता से बंदरो और भालुओ की विशाल सेना के साथ लंका पर चढ़ाई किया और फिर रामचन्द्रजी ने अहंकार के प्रतिक दुष्ट घमंडी राजा रावण का वध किया जिस दिन राम ने रावण का वध किया था उस दिन को भारत देश में दशहरा के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है

रावण के वध के पश्चात राजा रामचन्द्रजी चौदह वर्षो पश्चात अपने राज्य अयोध्या में पुनः गये तो उस समय अयोध्या की सारी प्रजा ने राजा राम के स्वागत में हर जगह घी के दिये जलाये और पूरी नगरी को प्रकाश से सजा दिया गया है

राजा राम कार्तिक की अमावस्या के दिन वन के पश्चात अयोध्या पहुचे थे जिसके पश्चात हर वर्ष राजा राम के स्वागत में यह त्यौहार मनाया जाने लगा जिसे लोग बुराई पर अच्छाई की जीत, अंधकार पर प्रकाश और अहंकार पर ज्ञान की विजय भी मानते है

इसके अलावा दिवाली के त्यौहार का और भी धार्मिक महत्व है देवताओ में सबसे प्रथम पूजनीय देवता श्रीगणेश और धन की देवी माँ लक्ष्मी की भी पूजा इस त्यौहार के दिन किया जाता है हिन्दू धर्म के मान्यताओ के अनुसार इस दिन माँ लक्ष्मी और गणेशजी की पूजा करने से घर में धन दौलत और सुख समृद्धि का वास होता होता है

इसके अलावा भारत देश के विभिन्न राज्यों में इस त्यौहार को मनाने के अलग अलग कारण है जैन धर्म के अनुसार इसी दिन भगवान महावीर स्वामी को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी सिक्ख धर्म के अनुसार इसी दिन स्वर्ण मंदिर की स्थापना की गयी थी और इसी दिन सिक्खों के गुरु हरगोविंद जी को भी जेल से रिहा किया गया था जिसकी ख़ुशी में दिये जलाये जाते है

दिवाली का त्यौहार कैसे मनाये

Diwali Kaise Manaye

दीपावली का त्यौहार कार्तिक के अमावस्या के दो दिन पहले से अमावस्या के दो दिन बाद तक मनाया जाता है हर दिन का अलग अलग महत्व है

धनतेरस का त्यौहार

DhanTerash in Hindi

दीपावली के त्यौहार के दो दिन पहले वाले दिन को धनतेरस का त्यौहार मनाया जाता है हिन्दू धर्म के अनुसार इस दिन भगवान धन्वन्तरी का जन्म हुआ था जो की धन और धान्य के देवता के रूप में पूजे जाते है जिसके चलते लोग धनतेरस के दिन सोना चांदी स्टील आदि के बर्तन खरीदते है या इस दिन हर कोई अपने घर के लिए कोई न कोई नया सामान जरुर खरीदता है और धनतेरस वाले दिन लोग घी के दिए जलाकर भगवान की पूजा करते है

पढ़े – धनतेरस पूजा पर विशेष जानकारी, कथा और महत्व | Dhanteras Puja

दिवाली की हार्दिक शुभकामनाये सन्देश | Happy Diwali Greetings Massages

छोटी दिवाली या हनुमान जयंती

Chhoti Diwali Or Hanuman Jayanti in Hindi

दीपावली के दिन पहले वाले दिन को लोग छोटी दिवाली के रूप में मनाते है इस दिन लोग शाम को अपने घर के दरवाजे पर दिये जरुर जलाते है और मान्यताओ के अनुसार हनुमान जी की भी पूजा अर्चना की जाती है

दीपावली 

Diwali Festival in Hindi

दीपावली | Diwali के दिन तो हर जगह गली मुहल्ला बाजारों में खूब रौनक दिखाई देती है हर जगह पूजा पाठ के सामान, मिट्टी के दिये और भगवान गणेश और माँ लक्ष्मी की मूर्तियों से दुकाने भर जाती है तरह तरह के स्वादिष्ट और रंगीन मिठाईयो से बाजारों की रौनक देखने लायक होती है हर तरह लोग खूब मिठाई पटाखे और पूजा पाठ के सामान खरीदते हुए लोग दिखाई पड़ते है

दिवाली के दिन जैसे ही अँधेरा होता है हर तरह लोग दिये जलाने लगते है घर का कोई कोना हो या गली मुहल्ला चारो तरफ बा दिये की रौशनी ही दिखाई देती है सारा वातावरण प्रकाश से भर जाता है सभी घर गली मुह्ह्ले मंदिर दुकान दिये की प्रकाश से सज जाता है अँधेरा के लिए कही भी जगह नही मिलता है हर जगह के दृश्य देखने लायक होता है

इसके बाद घरो आदि को सजाने के बाद लोग नये कपड़े पहनकर भगवान गणेश और माँ लक्ष्मी की पूजा अर्चना करते है फिर इसके पश्चात लोग एक दुसरे को मिठाई खिलाते है और आपस में लोग एक दुसरे को मिठाईया प्रसाद आदि का आदान प्रदान करते है

भैयादूज का त्यौहार 

Bhaiyadooj in Hindi

दिवाली के अगले सुबह भाई बहन के आपसी प्यार के प्रतिक भैयादूज का त्यौहार मनाया जाता है इस दिन बहने अपने भाईयो को मिठाई खिलाती है और और उनकी लम्बी आयु के लिए मंगल कामना करती है

अन्नकूट या गोवर्धनपूजा का त्यौहार 

Annakut or Govardhanpooja in Hindi

हिन्दुधर्म के मान्यताओ के अनुसार भगवान् श्रीकृष्ण ने देवताओ के राजा इंद्र का घमंड तोड़ने के लिए इसी दिन गिरिराज पर्वत गोवर्धन की पूजा किये थे जिसके पश्चात इंद्र ने लगातार सात दिन सात दिन बहुत भयंकर बारिश किये थे तब भगवान् श्रीकृष्ण ने लोगो की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कानी अंगुली पर उठा लिया था और लोगो को इंद्र के बारिश के प्रकोप से बचाया था जिसके पश्चात इस दिन को लोग गोवर्धन पूजा के रूप में त्यौहार मनाते है

दीपावली का सामाजिक महत्व

Diwali Festival Ka Mahatva

हर त्योहारों के पीछे कोई न कोई महत्व जरुर होता है ठीक उसी प्रकार दीपावली का त्यौहार का हमारे सामाजिक जीवन में भी विशेष महत्व है जब किसान लोग अपने बरसात के फसलो को काटकर अपने घरो को धन धान्य से भर लेते है तो इस त्यौहार को मनाने की ख़ुशी देखते ही बनती है

इस दिन से पूजीपति लोग अपने पुरानी खाताबही का हिसाब करके बंद कर देते है और इस दिन नये खाताबही की शुरुआत करते है यानि एक तरह से हिन्दूधर्म में नये फाइनेंसियल वर्ष की भी शुरुआत हो जाती है

दिवाली का आर्थिक महत्व

Diwlali Ka Aarthik Mahatva in Hindi

दिवाली ही हिन्दुओ का ऐसा त्यौहार है जिसमे लोग जमकर खरीदारी करते है दीपावली के त्यौहार पर लोग नये कपड़े, सोना चांदी, घर के सामान, लोगो में बाटने के लिए ढेर सारे तरह तरह के उपहार खरीदते है जिसके कारण सबकी आर्थिक स्थिति चलायमान हो जाती है दिवाली के त्यौहार पर अब लोग जमकर पटाखा भी खरीदते है जिससे लोगो की अब करोडो में आमदनी होती है

दिवाली का वैज्ञानिक महत्व

Dipawali Ka Science Mahatva

वर्षा ऋतू में बाद जब अनेको प्रकार के कीटाणु पैदा हो जाते है तो जब बरसात का वक़्त खत्म हो जाता है तो ये तरह तरह के कीटाणु वातावरण में उड़ने लगते है जिसके पश्चात दिवाली के त्यौहार के चलते हर दिये जलाने की वजह से ये कीटाणु इन्ही दियो क आग में जलकर मर जाते है और घी के दिये जलाने से वातावरण भी पूरी तरह से शुद्ध हो जाता है

इन त्योहारों का जहा वैज्ञानिक रूप से भी हमे लाभ मिलता है लेकिन बदलती और सुधरती हुई अर्थव्यवस्था के चलते लोग अब इन त्योहारों पर पठाखे और फुलझडिया खरीदते है जिसको जलाने से अनेको प्रकार की जहरीली गैसे भी निकलती है जो वातावरण को दूषित कर देती है तथा इन पठाखो के तेज आवाजो के चलते ध्वनी प्रदुषण भी काफी हद तक बढ़ जाता है

दीपावली के त्यौहार का हमारे जीवन में महत्व

Diwali Ka Mahatva in Hindi

एक तरफ जहा त्यौहार हमारे जीवन में खुशिया भर देते है लेकिन कुछ सामाजिक कुरुतीयो के चलते इन त्योहारों का नाम भी खराब होता है दिवाली  जैसे त्योहारों पर लोग अपनी बुराईयों को त्यागने का प्रण लेते है लेकिन एक तरह जहा लोग इस दिन धन की कामना से माँ लक्ष्मी की पूजा करते है तो कुछ लोग धन कमाने के लिए इस दिन जुए आदि का सहारा लेते है जो की एक तरह से समाज में गलत कार्यो को बढ़ावा देते है और इन त्योहारों पर लोग आवश्यकता से अधिक पटाखे जला देते है जो कही न कही खुद के धन बर्बाद करने की दिशा में ये कार्य हो जाता है

इसलिए हमे अपने त्योहारों का ऐतिहासिक महत्व समझते हुए इनको प्रेमभाव से पूरे हर्शोल्लास के साथ मनाना चाहिए और इन त्योहारों के माध्यम से अपने समाज में प्रेम और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए

अच्छीएडवाइस.कॉम | AchhiAdvice.com के सभी पाठको को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये, सबके जीवन में खुशिया आये यही हम मंगल कामना करते है

तो मित्रो आप सभी पूरे हर्ष और उल्लास के साथ दीपावली का त्यौहार मनाईये

Happy Diwali

तो आप सबको यह दीपावली के त्यौहार पर हिंदी निबंध कैसा लगा अपने विचार जरुर बताईयेगा.

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