बड़े होकर क्या बनोगे A Moral Hindi Kahani


एक बार की बात है एक अध्यापक अपने क्लास में बच्चो को पढ़ा रहे थे पढ़ाई का टॉपिक था मुझे कुछ बनना है इसके बाद अध्यापक ने बच्चो से पूछा एक एक करके बताओ की आपको क्या बनना है पहले तो कुछ छात्र इस सवाल का जबाव ही नहीं दे पाए तो कुछ विद्यार्थियों ने बोला की उन्हें तो डॉक्टर बनना है तो किसी को सरकारी नौकरी करना है तो किसी को टीचर बनना है मतलब उन लोगो ने अपने अपने हिसाब से कुछ न कुछ बनने के बारे में बताया

Hindi Kahaniलेकिन उसी क्लास में एक बंटी नाम का लड़का था जो की सर झुकाये किसी खयालो में खोया था जिसपर यह देखकर अध्यापक का ध्यान बंटी पर गया तो फिर अध्यापक ने बंटीसे पूछा ” बेटा बंटी तुम्हे बड़ा होकर कुछ नहीं बनना है क्या ?

जिसपर बंटी  हड़बड़ाकर उठ गया और पूछने लगा “गुरूजी आपने क्या पूछा हमसे”

फिर अध्यापक ने फिर से फाई प्रश्न दोहराया “बेटा बंटी बड़े होकर तुम्हे क्या बनना है और अभी तक तुम्हारा ध्यान कहा था किस बात को सोच रहे है”

इस पर बंटी ने कहा “कुछ नहीं गुरूजी, बस ऐसे ही सोच रहा था”

तो फिर बंटी के गुरूजी ने पूछा “अच्छा ये बताओ क्या सोच रहे थे जो इतने ध्यानमग्न थे”

तो फिर बंटी ने अपने गुरूजी ने कहा “गुरूजी आपने यह बहुत ही अच्छा सवाल किया की मुझे बड़ा होकर क्या बनना है, मैंने यह सवाल अपनी मम्मी से भी कई बार किया है तो तो बोलती है बेटा भले ही हम गरीब है तो क्या हुआ”

तुम वो बनना जो तुम बनना चाहते हो इसके लिए तुम खूब मेहनत से पढ़ाई करना तो एक दिन जरूर बड़ा आदमी बनोगे जिसे सुनकर मुझे तो अच्छा लगता है और मेहनत से मै पढता भी हु,

लेकिन अक्सर मुझे पढ़ते हुए देखकर हमारे पडोसी और बहुत सारे लोग यही बोलते है क्या करोगे पढ़ लिखकर, तुम कुछ बन ही नहीं सकते है बड़ा बनने के लिए पैसे, धन दौलत सबकुछ चाहिए जो कुछ तुम्हारे पास है ही नहीं,

फिर भला पढ़ाई में क्यू समय व्यर्थ करते हो, इससे अच्छा कही काम धाम पर लग जाओ 2 – 4 पैसे आएंगे तो घर अच्छे से चलेगा, अब गुरूजी आप ही बताओ मै बड़ा होकर क्या बनुगा, अगर मै बड़ा बनने को सोचु भी तो ऐसे लोग मेरे मनोबल को तोड़ते है भला ऐसे में क्या आपके प्रश्न का जवाब दू”

इस पर गुरूजी ने कहा “बंटी तुमने सही कहा वास्तव में हर इंसान अपने जीवन में कुछ न कुछ बड़ा करना चाहता है या बड़ा बनना चाहता है लेकिन अक्सर अपने ही लोग हमारे मनोबल को तोड़ते का काम करते है और जो लोग आगे बढ़ना चाहते है उन्हें ऐसी सोच का अक्सर सामना करना पड़ता है लेकिन जो लोग अपने लक्ष्य के प्रति मजबूत होते है उन्हें लाख चाहे लोग तोडना चाहे लेकिन उन्हें कभी भी अपने पथ से नहीं भटका पाते है और वही अपने लक्ष्य के प्रति मजबूत लोग अपने जीवन में कुछ बड़ा कर पाते है और एकदिन अवश्य बड़ा बनकर दिखते है”

इसके बाद प्रण किया की वे सभी बड़े होकर जरूर कुछ न कुछ बनेगे और कभी भी आगे बढ़ते हुए को कभी भी नकरात्मक सोच से पीछे नहीं करेंगे

कहानी से शिक्षा

इस कहानी से यही शिक्षा मिलता है की हमे कभी भी किसी को कमतर नहीं आंकना चाहिए और जो लोग आगे बढ़ते है उनका हौसला बढ़ाना चाहिए न की उनके आत्मविश्वास को तोड़ने के लिए उन्हें नकरात्मक भावो से उनको मनोबल को गिराना चाहिए क्युकी अक्सर लोग नकरात्मक सोच के चलते भी अपने पथ से भटक जाते है

अक्सर ऐसा देखा जाता है की जब कोई विद्यार्थी या कोई भी कुछ करता है तो कई लोग ऐसे भी मिल जायेगे जो उन्हें ऐसा न करने की सलाह देते है या अक्सर कहते है इससे कुछ नहीं हो सकता है इससे सिर्फ समय और धन की बर्बादी है

लेकिन सच्चे अर्थो में देखा जाय तो जो लोग अपने मन के पक्के होते है न्हें लोग लाख बुरा चाहे लेकिन उनका कुछ नहीं कर सकते है

ऐसे में हमारा भी यही फर्ज बनता है जो लोग आगे बढ़ना चाहते है उनका हौसला बढ़ने में उनकी मदद करना ही श्रेष्ठ इंसानियत है तभी तो जब लोग आगे बढ़गे उनके सहारे आप भी आगे बढ़ सकते है इसलिए हमे हमेसा सकरात्मक सोच के साथ लोगो के साथ खड़ा होना चाहिए

तो आपको यह कहानी बड़े होकर क्या बनोगे तुमसे कुछ नहीं हो सकता A Moral Hindi Kahani कैसा लगा कमेंट में जरूर बताये और इस कहानी को शेयर भी जरूर करे

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2 Comments

  1. राकेश जी ये कहानी ने मुझे एक सीख दी है कि दूसरों की बात कभी मत सुनो जो तुम्हारा दिल कहे वही सुनो
    Thanks राकेश जी

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