नशे की लत से मुक्ति कहानी Nasha Mukti Moral Kahani


Nasha Mukti Ki Kahani

नशे की लत से कैसे बचे कहानी

जैसा की हम सभी जानते है नशा अभिशाप है एक ऐसी बुराई है जो किसी भी व्यक्ति की अपने गिरफ्त लेती है उसे मौत का ही शिकार बनाती है नशा करने वाला व्यक्ति वह जानता है की वह नशा कर रहा है नशा करना उसके लिए हानिकारक और जानलेवा हो सकता है फिर भी नशे की लत एकबार पड़ने पर वह अपने आप को इससे छुड़ा नही पाता है

नशा किसी भी रूप में हो सकता है जैसे शराब, ध्रूमपान, अफीम, बीड़ी सिगरेट, तम्बाकू, गुटखा, एकबार यदि कोई भी इनके गिरफ्त में आ जाता है तो इनसे पीछा छुड़ाना बहुत मुश्किल होता है लेकिन समय रहते जो व्यक्ति चेत जाता है वह निश्चित ही नशे की लत से मुक्ति पा सकता है

तो चलिए इसी नशे की लत पर एक छोटी सी कहानी जानते है की कैसे नशे की लत से मुक्ति पायी जा सकती है

नशे की लत से मुक्ति की हिन्दी कहानी

Nashe Ki Lat Se Mukti Ki Hindi Kahani

एकबार की बात है एक गाँव में एक बहुत ही समृद्ध व्यक्ति रहता था उसके पास बहुत ही पैसे था उसका एक बेटा था जो की गलत लोगो की संगत में आकर नशे ली लत में पड़ गया था जिससे उसके अंदर अनेक बुराईयों ने जन्म ले लिया था जिस कारण से उसका अमीर पिता बहुत ही परेशान रहने लगा था और हमेसा बेटे को समझाता की नशे जैसी बुरी आदतों को छोड़ देना चाहिए इससे उसके ही शरीर का नुकसान हो रहा है

लेकिन बेटा अक्सर पिता से कहता “ठीक से कल से अपनी नशा की आदतों को छोड़ दूंगा” और फिर इस तरह कई दिन बीत जाते लेकिन बेटा के हालात जस के तस रहते,

जिस कारण पिता बहुत चिंतित रहने लगा था फिर कुछ दिनों के बीतने के बाद गाँव के पास ही एक प्रसिद्द महात्मा ठहरे जिनकी प्रसिद्धि के चर्चे दूर दूर तक थे जिस कारण वह पिता अपने बेटे की नशे की आदत को छुड़ाने के लिए महात्मा जी के पास गया, और अपने बेटे की सारी बात बता दिया जिस पर महात्मा जी ने कहा ठीक है आप अपने बेटे को हमारे पास लेकर आईये

Nasha Mukti Hindi Kahaniमहात्मा जी के आज्ञानुसार वह व्यक्ति अपने बेटे को लेकर महात्मा जी के पास आया फिर महात्मा जी उस लडके के साथ बगीचे में जाने लगे फिर चलते हुए महात्मा जी रुक गये और बोले “बेटा क्या इस सबसे छोटे से पौधे को उखाड़ सकते हो” यह बात सुनकर वह लड़का बोला “इसमें कौन सी बात है इसे तो मै अभी उखाड़ सकता हु” यह कहकर उस लड़के ने उस पौधे को आसानी से जद सहित उखाड़ दिया

फिर महात्मा जी आगे चलते हुए एक बड़े पेड़ के रुक गये और फिर वही अपनी बात दोहराई की क्या इस पेड़ को उखाड़ सकते हो, जिसपर उस लड़के ने कहा की “इतना बड़ा और मजबूत पेड़ भला हम कैसे उखाड़ सकते है इसे उखाड़ना नामुमकिन है”

जिस पर महात्मा जी ने कहा “सही कहते हो जिस प्रकार जब कोई बड़ा पेड़ पौधा होता है तो उसे आसानी से उखाड़ा जा सकता है लेकिन जब वही पौधा बड़ा होकर पेड़ बन जाये तो उसे उखाड़ना नामुमकिन होता है ठीक उसी प्रकार अभी तुम छोटे से नशे की गिरफ्त में हो जिसे आसानी से तो छोड़ा जा सकता है लेकिन वक्त रहते इसे नही छोड़ोगे तो यही नशा पेड़ जैसे बड़े आकार में ले लेगा फिर जिससे पीछा छुड़ाना नामुमकिन होता है”

महात्मा जी की बात सुनकर उस लड़के को अब समझ में आ गया था की जिस काम को हम करना चाहे तो जरुर कर सकते है और इस काम को टालने के बजाय तुरंत अमल भी कर सकते है जिसके बाद उस लड़के ने नशे की सारी बुराईयों को उसी दिन से खुद को दूर कर लिया

कहानी से शिक्षा

अक्सर नशे की आदत जब किसी भी व्यक्ति को पकड़ लेता है तो उससे छोड़ने की बात की जाती है तो वह अक्सर कल से छोड़ दूंगा, या कल से अब नशे को कभी हाथ नही लगाऊंगा लेकिन कल आते ही वह अपनी बातो को भूल जाता है और फिर नशे की लत में पड़ जाता है ऐसे में सच में जो लोग नशे से पीछा छुड़ाना चाहते है वे कल क्या आज क्या अभी से नशा की आदत को छोड़ सकते है

नशे जैसी बुराई को छोड़ने के लिए सिर्फ एक खुद से पहल करने की जरूरत होती है अगर एक बार अपने फैसले पर अडिग हो गये तो कोई भी नशा आपको अपने गिरफ्त में कभी ले नही सकता है इसलिए इस कहानी से यही शिक्षा मिलती है हमे जो करना है कल के बजाय आज अभी से शुरू कर देना चाहिए

तो आप सबको नशे की लत पर यह छोटी सी कहानी कैसा लगा कमेंट में जरुर बताये और इसे दुसरो में भी शेयर जरुर करे

इन Hindi कहानियो को भी जरुर पढ़े


You May Also Like

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *