पढाई के लिए टाईमटेबल कैसे बनाये Study Time Table Kaise Banaye


Padhayi Ke Liye TimeTable Kaise Banaye

पढाई स्टडी के लिए टाईमटेबल कैसे बनाये

अक्सर देखा जाता है जब घर वाले अपने बच्चो को पढने के लिए बोलते है या विद्यार्थियों को पढने का मन होता है तो कोई सा भी मन पसंद विषय / Subject के किताब उठाकर पढने लगते है और इस तरह से यही Students पढ़ते तो है और अपने विषयों में अच्छा भी करते है लेकिन उनका Result उनके मन मुताबिक अच्छे नंबर नही आते है फिर वे सोचने पर मजबूर हो जाते है की वे पूरी साल तो बड़ी मेहनत से पढाई किये लेकिन उनका Exam Result में Marks अच्छे नही आये है जिसके कारण इन विद्यार्थियों में पढाई के प्रति कही न कही मन में नकरात्मक सोच / Negative Thinking का भाव आने लगता है जिसके कारण आगे चलकर उनका रिजल्ट और भी ख़राब होने लगता है

ऐसे में हर स्टूडेंट्स यही चाहता है की वह अपनी पढाई कैसे करे / Students Padhayi Kaise Kare की अपने परीक्षा में सबसे अच्छे नंबर लाये इसलिए पढाई में अच्छी सफलता प्राप्त करने के लिए टाईमटेबल / Time Table का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है क्यूकी अगर किसी भी क्षेत्र चाहे वह पढाई ही क्यू न हो अगर अच्छी Planning और अच्छे टाईमटेबल / Study Timetable के साथ पढाई किया जाय तो हर विद्यार्थी अपने पढाई में अपना बेस्ट दे सकता है

तो आईये जानते है पढाई के लिए बेस्ट टाईमटेबल कैसे बनाये / Padhayi Ke liye Best Timetable Kaise Banaye/ Timetable for Study, पढाई के दौरान किन किन बातो का ख्याल रखना आवश्यक होता है और पढाई के लिए टाईमटेबल कितना महत्व है / Importance of Time Table in Hindi, इन सब बातो के जरिये हर विद्यार्थी अपने पढाई में अच्छा कर सके यही हमारा प्रयास रहेगा

स्टडी पढाई के लिए टाईमटेबल कैसे बनाये

How to Make Study Time Table in Hindi

अक्सर सभी बच्चे पढाई के दौरान यह जरुर सोचते होंगे की काश उनके पास पढने का सबसे बढ़िया टाईमटेबल / Timetable हो तो वे अपने पढाई अच्छी तरह से कर सकते है ऐसा सोचना स्वाभाविक भी है क्यूकी आप लोग देखते ही होंगे की कैसे स्कूल में एक दिन में सारे विषयों की पढाई की जाती है यानी हर सब्जेक्ट के लिए अलग अलग घंटे बने होते है जिनके हिसाब स्कूल में सभी विषयों की पढाई पर फोकस किया जाता है ताकि सभी विषय परीक्षा से पहले पूरी तरह Students को पढ़ा दिया जाय ताकि वे अपने सभी विषयों की परीक्षा दे सके और अच्छे नंबर ला सके,

ऐसे में अब यह सवाल उठता है की यदि स्कूल में सभी विषयों के लिए अलग अलग घंटे बटे होते है तो क्या हमे अपने घर की पढाई के लिए भी ऐसा कुछ घंटे निर्धारित करना चाहिए जिससे की हमारी हर विषय की पढाई अच्छे से तैयार हो सके इसके लिए हमे अपने घर के समय को इस तरह से पढाई के लिए लगाना है की हमारी पढाई के लिए हर विषय के लिए समय मिल सके

अपने जरुरी काम की लिस्ट बनाये

Do your Responsibilities work on Time

अक्सर देखा जाता है की बच्चे पढाई के नाम पर अपने घर के कामो, दैनिक दिनचर्या की अवहेलना करने लगते है सबसे पहले इस बात को भी ध्यान से समझना चाहिए की जितना हम अपना समय पढाई के लिए देते है या पूरे दिन बस किताबो में खोये रहते है और इस दौरान आपके घर में कोई आवश्यक काम पड़ जाता है तो उस काम को करने से सीधा मना भी कर देते है और घर वाले मान भी जाते है ऐसा ही स्थिति हमारे दैनिक दिनचर्या में भी होता है जैसे समय से न उठना, न समय से खाना खाना, और अन्य दैनिक दिनचर्या के कामो की अनदेखी करते है इससे कही न कही हमारे स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव तो पड़ता ही है और अपनी घर की जिम्मेदारियों को अगर समझते तो शायद फिर हमे पढाई के दौरान हमे कोई डिस्टर्ब भी नही करता है

पढ़े :- आईआईटी की तैयारी कैसे करे IIT Ki Taiyari Kaise Kare

इसलिए सभी छात्रो को अपने रोज के कामो और घर के कामो के लिए भी समय देना उतना ही आवश्यक है जितना की पढाई के लिए समय देना, और जो छात्र बाहर रहकर हॉस्टल या लाज में पढाई करते है उनके लिए भी अपनी खुद का ख्याल रखना आवश्यक हो जाता है ऐसे में कब क्या करना है, कब नहाना या खाना खाना है इन सभी कामो के लिए अपना समय फिक्स करना बहुत जरुरी है क्यूकी ऐसा करने से एक तो हमारा हर काम समय पर होंगा और हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा, और यदि हम इन अपने Personal Work और घर के कार्यो के लिए पहले समय दे देते है तो फिर हमे पढ़ते समय कोई भी अन्य कार्यो के लिए बोलता नही है

समय का महत्व समझे

Value & Importance of Time

हर इन्सान के लिए 1 दिन में 24 घंटे ही समय सबको एक समान मिलते है जो लोग अपने समय का सही सदुपयोग करते है वही लोग अपने जीवन में सफल होते है क्यूकी आप देख सकते है एक बड़े से बड़े वैज्ञानिक के लिए उतना टाइम मिलता है जितना की आप को, अब आपको यह निश्चय करना है की आप आने जीवन के इस बहुमूल्य समय को कैसे उपयोग कर पाते है क्यूकी जो भी व्यक्ति समय के महत्व को समझ गया वो फिर कभी अपने जीवन में लेट या पीछे नही होता है

ऐसे में छात्रो को भी अपने पढाई के लिए मिलने वाले समय के महत्व को समझना बहुत जरुरी है क्यूकी कोई एक Students अपने 1 साल की पढाई के दौरान Result आने पर Top कर जाता है तो दूसरा Students अपने मन मुताबिक अच्छे नंबर नही ला पाता है इसलिए सभी विद्यार्थियों को अपने समय को समझते हुए अपने पढाई के दौरान मिलने वाले समय को इधर उधर व्यर्थ नही करना चाहिए इसके विपरीत अपना ध्यान पढाई पर ही फोकस करना चाहिए, क्यूकी पढाई के बाद फिर आपके पास पूरी जिन्दगी है आगे के लाइफ के Enjoy लिए.

पढ़े – समय का महत्व एक आलसी राजा की कहानी

दिन के कार्यो की सूचि बनाये

To do List of Daily works

जब हम घर पर पढाई के लिए Timetable बनाते है तो सबसे पहले हमारे सामने यही प्रश्न उठता है की हमारे पास 1 दिन में कितने घंटे का समय पढाई के लिए है तो ऐसी स्थिति में सबसे पहले आप अपने रोज के कार्यो की सूचि बनाये, जैसे सुबह कितने बजे उठना है कितने नास्ता, कितने बजे स्कूल जाना, कब आना है और फिर बचे कार्य के लिए समय, खेलकूद के लिए समय और फिर अंत में जो समय बचे वही समय हमारे घर की पढाई के लिए काम आने वाला है अगर आप अपने इन सब कामो के लिए समय फिक्स कर देते है तो निश्चित ही जो आप पढाई के लिए टाईमटेबल / Timetable बनायेंगे उसे पालन करने में काफी हद तक सफल हो सकते है

खुद को पढाई के लिए मानसिक रूप से तैयार करे

To Get Ready for Study

अक्सर सभी विद्यार्थियों के साथ जब पढने को कहा जाय या पढने को बैठते है तो उनके मन में ऐसे अनेको ख्याल आते है जैसे की अभी तो स्कूल में पढ़ा ही हु बाद में पढ़ लूँगा, रात को देर तक पढूगा, नही सुबह जल्दी उठकर पढूगा, या मै तो इतना तेज हु की सारा कल 1 दिन में इस विषय को तैयार कर लूँगा, अभी मन नही है थोडा फेसबुक, Whatsapp ही चला लू बाद में तो पढना ही है

अब जरा सोचिये की क्या आपको किसी ने कहा की Facebook या Whatsapp चला लो, नही न फिर भी आपका मन उन सब कामो के लिए तुरंत तैयार हो जाता है ऐसा क्यू, जरा दिमाग पर जोर डालकर सोचिये तो आपको पता चलेगा की अरे इन कामो को करने में तो हमे मजा और Interest आता है तो हमारा दिमाग इन सब कामो के लिए बिना थके हमेसा तैयार होता है,

और यदि यह चीज हमारे पढाई के लिए भी आ जाय तो फिर हमे पढने और पाने क्लास में टॉप करने से कोई नही रोक सकता है तो अब बात आती है पढाई में उत्सुक होने का, तो यदि आपको अपने जीवन में कुछ करना है तो पहले लक्ष्य बनाये, और यह भी कोई जरुरी नही है आपका लक्ष्य बहुत बड़ा ही हो बस आप शुरुआत छोटे से ही करिए की हमे आज इसे करना ही है या इस साल हमे पढाई में इतने नंबर तो लाने ही है फिर देखना यदि आप लक्ष्य बनाकर पढाई करना शुरू करते है तो निश्चित ही आपको पढाई के प्रति Interest आने लगेगा फिर आपको अपने क्लास में अच्छे नंबर लाने से कोई नही रोक सकता है

पढाई के टाईमटेबल के लिए जरुरी बाते

Important point for Study Time Table

यदि हमे अच्छे से अपनी पढाई करना है तो टाईमटेबल का होना बहुत जरुरी है अब यह प्रश्न उठता है की सभी यही सोचते है चलो मै तो 12 घंटे से भी अधिक पढ़ लूँगा तो हम अच्छे नंबर से पास हो सकते है हो सकता है की आप भी ऐसा करते होंगे लेकिन क्या बस अधिक समय पढने से लोग अच्छा नंबर ला पाते है क्या ?

इसलिए हमे जब भी पढाई के लिए टाईमटेबल बनाते है तो हमे इन विशेष बातो का ध्यान जरुर रखना चाहिए

1 – सबसे पहले पढाई के लिए देर रात तक पढने के बजाय हमे सुबह जल्दी उठकर पढने का अभ्यास डालना चाहिए, क्यूकी देर रात तक पढने से से हम खुद को थका हुआ महसूस भी करते है और हो सकता है ज्यादा देर रात तक जागने से हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है इसलिए जब भी पढाई के लिए Timetable बनाये उसमे इस बात का ध्यान रखे की हमारी रात की पढाई एक निश्चित समय तक ही हो और फिर सुबह जल्दी उठकर पढना रहे

2 – वैसे तो पढाई के लिए सबसे Best Time जल्दी सुबह पढाई करने को ही माना जाता है क्यूकी सुबह घर और आसपास का माहौल एकदम शांत रहता है जिससे की हम जो कुछ भी पढ़ते है उसे एकाग्र होकर आसानी से पढाई कर सकते है और जो कुछ भी पढेगे वह जल्दी और आसानी से याद भी हो जायेगा, और सुबह उठने से सबसे बड़ा फायदा यह होंगा की हम खुद को तरोताजा भी महसूस करते है और हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है

3 – अक्सर यह भी देखा जाता है जब लोग पढाई करते है तो किसी एक विषय पर अपना सारा ध्यान फोकस करते है जबकि हमे तो एग्जाम अपने सभी विषयों के देने होते है तो ऐसी स्थिति में हम किसी विषय में खूब अच्छा नंबर ला देते है जबकि अन्य विषयों में कम नंबर आने से हमारा रिजल्ट का परसेंटेज काफी कम हो जाता है इसलिए जब भी हम पढाई के लिए टाईमटेबल बनाये उसमे सभी विषयों के लिए समय दे

4 – जो हमे सब्जेक्ट कठिन लगता हो उसके लिए अतिरक्त समय भी निकालना चाहिए, और जो विषय कठिन लगे उससे कभी भागना नही चाहिए, ऐसा अक्सर देखा जाता है लोग Maths, Physics और chemistry से अक्सर दूर ही भागते है हमे इन विषयों से डरने के बजाय हमे क्या समझ में नही आ रहा है उसपर ध्यान फोकस करना चाहिए, निरंतर अभ्यास से ये विषय भी पढने में एकदम आसान लगने लगते है

5 – लगातार पढाई करने के बजाय बीच बीच में जैसे ही हम दुसरे सब्जेक्ट की पढाई शुरू करते है तो हमे थोडा 5 – 10 मिनट आराम या टहल लेना चाहिए ऐसा करने से हमे थकावट का अनुभ नही होंगा

6 – कभी भी अपने विषयों को रटने के बजाय ज्यादा से ज्यादा समझने पर ही अपना ध्यान फोकस करना चाहिए, क्यूकी रटने से हमे अपने सब्जेक्ट कुछ समय के लिए याद तो सकते है लेकिन फिर कुछ समय बाद भूल जाने का भी डर रहता है यदि हम किसी याद करने वाले विषय को याद करते है तो हमे उसे लिखते हुए याद करना चाहिए इससे यह फायदा होंगा की हम जो कुछ भी याद करेंगे उसे लिखने से हमारे दिमाग में बैठ जायेगा और भूलने का चांस भी कम रहेगा और हमारी लिखावट भी अच्छी बनती चली जाएगी

7 – हम पढाई के लिए टाईमटेबल तो बना लेते है लेकिन हमे अपना कभी भी स्कूल भी नही छोड़ना चाहिए, क्यूकी हम यदि रोज स्कूल जाते है तो हमारी पढाई नियमित बेसिस पर होती रहेगी और हमारे पढाई में सब्जेक्ट छुटने के डर से न समझने का डर भी नही आएगा, और जो चीज हम स्कूल में पढ़ते है उसे घर पर आकर अच्छे से दोहरा भी सकते है, और यदि स्कूल के बीच बीच के घंटे खाली हो तो हमे आपस में गप मारने के बजाय अपने दोस्तों में पढाई से रिलेटेड विषयों पर Discuss करना चाहिए और हो सके तो खाली घंटो में अपने पढाये गये विषयों को दोहराना चाहिए

8 – पढाई के लिए हमे घर के शांत कमरों में ही पढाई करना चाहिए और जहा हम पढ़ते है वहा रौशनी अच्छी हो और कभी भी बिस्तर पर लेटकर पढने के बजाय टेबल कुर्सी पर ही बैठकर पढना चाहिए इससे हमे नीद कम आने की सम्भावना रहती है

 

9 – यदि आप विद्यार्थी है तो आप में बताये गये 5 गुणों का होना बहुत आवश्यक है

काक चेष्टा, बको ध्यानं, श्वान निंद्रा तथैव च

अल्पाहारी, सदाचारी एतद विद्यार्थिन पंच लक्षणं।

अर्थात एक विद्यार्थी को कौवे की तरह जानने की चेष्टा करते रहना चाहिए, बगुले की तरह मन लगाना (ध्यान करना) चाहिए, कुत्ते की तरह सोना चाहिए यानी थोड़े से हलचल होने पर ही जग जाना चाहिए, कम से कम और आवश्यकतानुसार खाना चाहिए और गृह-त्यागी होना चाहिए,

10 – कभी भी ऐसा टाईमटेबल नही बनाना चाहिए की हम टाईमटेबल तो बना लिए लेकिन उसे फालो ही नही कर पर रहे है या जो जो पढाई के लिए समय फिक्स किया है उसके लिए समय ही नही मिल पा रहा है फिर ऐसे टाईमटेबल बनाने से कोई लाभ नही होता है इसलिए टाईमटेबल बनाते समय अपने समय का विशेषकर ध्यान रखे

पढाई के टाईमटेबल सबसे महत्वपूर्ण बात

Very Important Factor of Study Timetable in Hindi

हर कोई अपने पढाई के लिए टाईमटेबल / Timetable तो बना लेता है लेकिन उसे फालो नही कर पाता है जिससे पढाई के अंत में सिर्फ घबराहट और निराशा का ही भाव आता है ऐसे में जब हम अपनी पढाई के लिए टाईमटेबल बनाये उसे अपने दिमाग में ऐसा मानकर चले की हमारा टाईमटेबल ही हमारा वर्क है यानि हर रोज उसे पालन करना ही है यदि खुद को इतना मजबूत बना ले की नही हमे अपने टाईमटेबल के अनुसार पढाई करना ही है तो फिर आपकी यही करने की जिद आपको एक सफल रास्ते पर ले जाएगी

इसलिए हमारा जो भी पढने का टाईमटेबल हो उसे अपने To do List में शामिल करे

इसी आशा और विश्वास के साथ की आप सभी को इस पोस्ट को पढ़कर अपने पढाई के लिए खुद को अंदर से इतना मजबूत बनायेंगे की नही हमे पढना ही है ऐसी सोच ही आपको आपके सफलता के राह पर ले जाएगी और हम भी यही आशा करते है की आप अपने पढाई में सफल हो ऐसा हम मंगल कामना करते है

तो आप सबको पढाई के लिए टाईमटेबल कैसे बनाये / Study Time Table Kaise Banaye पोस्ट कैसा लगा अपने विचारो को हमे कमेंट बॉक्स के जरिये जरुर बताये .

पढाई से सम्बन्धित इन पोस्ट को भी जरुर पढ़े


49 thoughts on “पढाई के लिए टाईमटेबल कैसे बनाये Study Time Table Kaise Banaye

  1. सर आपने यहाँ जो पॉइंट्स बताये है वो काफी इंटरेस्टिंग है, और में आपकी हर 1 पोस्ट को पढ़ता हूँ ।
    हर 1 पॉइंट्स को अगर फॉलो किया जाये तो परिणाम काफी बेहतर आ सकता है..
    मेने भी अपने 1 ब्लॉग पर ऐसा ही टाईमटेबल पर 1 पोस्ट लिखा है.. अगर आपको टाइम मिले तो कृपया विजिट जरूर करे
    धन्यवाद

  2. Hlo Sir good morning Sir ek bat puchna hai Apse plss Sir bataiye kya kre jab aisi condition ho
    Sir age gher Vale coaching ke liye yaa College ke liye fees na de to kya kare Sir aisi condition me…
    Yhi ek condition hai Jisse mai bahut paresan hu Sirr plss btaye Sir

    • Janvi aise condition me ghar walo ko aap padhayi ke mahatva ko achhe tarah se samjha sakti hai aur ghar ki aarthik sthiti agar sahi nahi ho to aap chhote baccho ko extra coaching classes bhi de sakti hai

  3. Hello Sir ………..
    Sir time kya ho padhai krne ka. sir mai sochti hu ki bahut hi padhai krungi aur kuch krungi mai. Quki Sir condition aisi hai ki agar nahi padhi to sunna padega bahut….. 2 chije ek Sath mange karni hai mko.. ek to mera pyar jisee ghar Vale nahi mante hai.. dusra Sir Meri padhai agar me ache se padh lu na Sir to bahut kuch kar skti hu mai ..filhal Sir main bca final year student hu.. kuch advise jarur dena Sir Aap Plss

    • जानवी सबसे पहले हमे यह जानना चाहिए की Student life is best part of life.. सो अगर आप अपने पढाई में अच्छे से मन लगाकर पढाई करती है तो आप एकदिन कुछ बनके भी अपने परिवारवालो को दिखा सकती है फिर आपकी खुशियों के लिए आपके परिवार वाले कभी नही मना करेगे और पहले आप अपने को खुद के पैरो पर खड़ा करिये और कुछ बनकर दिखाए फिर आपका प्यार सच्चा होंगा तो आपके आगे बढने में आपका साथ जरुर देंगा.
      और पढाई के बेस्ट टाइम बेस्ट अवसर होता है यानी आप कभी भी जितनी शांत वातावरण में पढाई करती है तो आपको सबकुछ जल्दी याद और समझ में आता है और ऐसा वातावरण सुभ या रात या दोपहर के बाद का ही होता है …..सो First is Study इसपर अपना ध्यान केन्द्रित करे

      • Sir thank you but Sir jaise ki mera Sapna hai Sir IAS banne ka Sir apko malum hai to bataiye plss..kaise kya karna hota hai.. jisee hame bhi pata lag jaye

        • जानवी आईएस भारत की सबसे टॉप लेवल की परीक्षा होते है सो इसके लिए आपको खुद को तैयार करना होंगा और इसमें आपका 100% सही दिशा में मेहनत आपको सफलता भी दिला सकती है सो आप आईएस की तैयारी की सारी जानकारी गूगल से सर्च कर सकती है और फिर अच्छे कोचिंग सेण्टर से तैयारी करना भी जरुरी होता है जहा पर आपको AtoZ सारी जानकारी मिल सकती है सो Keep It up….

    • संजय इंग्लिस बोलने और सीखने के लिए सबसे पहले इंग्लिश ग्रामर को अच्छे से पढ़े और समझे, इंग्लिश बोलने के लिए अंग्रेजी अख़बार और इंग्लिश न्यूज़ चैनल भी देखते रहे और ज्यादा से ज्यादा याद किये इंग्लिश वर्ड को बोलने में प्रयोग जरुर लाये

    • गणेश हमे स्कूल बदलने से पहले टॉप नही करते है, हा अगर जब किसी स्कूल में एडमिशन लेते है तो पहले ही यह जरुर बता करना चाहिए की उस स्कूल की पढाई कैसी है

  4. Hello sir apki advice bahut achhi hai mai aapse puchna chahta hu ki 9th Ke bad 10th me school change Karna chaiye ya nhi. plzzz sir meri help kare

    • गणेश 10वि में हमे अपना स्कूल नही बदलना चाहिए क्युकी 9वि में Registration के बाद ही आप 10वि की एग्जाम दे सकते है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *