भारत की 10 आदर्श बेटिया Top 10 Ideal Girls Of India

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असंभव को सम्भव करने वाली भारत की 10 महान आदर्श बेटिया

Bharat Ki 10 Mahan Aadarsh Betiya /

Top 10 Indian Ideal Girls in Hindi / 10 Powerful Women In India

हमारे देश में आज भी जहा बेटी का पैदा होना कही न कही निराशा को दिखलाता है तो कही इन बेटियों को अभिशाप भी समझा जाता है तो कही पर इन बेटियों की माँ बाप का बोझ समझा जाता है जो की एक कटु सत्य है ऐसा इसलिए है की जैसे जैसे एक बेटी बड़ी होती है वैसे वैसे किसी भी माँ बाप की चिंता भी बढती जाती है और यह चिंता तबतक खत्म नही होती है जब तक माँ बाप अपने बेटी की शादी नही कर देते है और एक गरीब परिवार में बेटी का पैदा होना यानी उसकी सबसे बड़ा अभिशाप समझा जाता है क्यूकी ऐसा सिर्फ दहेज़रूपी दानव के कारण होता है जो की कही न कही यही दहेज़रूपी दानव हमारे समाज में बेटियों के जीवन के अंत का कारण भी बनता है कुछ बेटिया गर्भ में ही मार दी जाती है तो कुछ बेटिया दहेज़ के चलते जिन्दा भी जला दी जाती है

लेकिन जहा समाज में ऐसे अनेक बुराईया होती है लेकिन जब भी इन बेटियों को मौका मिलता है तो यही बेटिया सफलता की वो परचम लहराती है जिसे सुनकर कोई भी दातो तले ऊँगली दबा देता है और जब भी यही बेटिया अपने मन में ठान लेती है तो असम्भव को भी सम्भव बना देती है जिसकी कल्पना भी हम नही कर सकते है

ऐसी मिशाल प्रस्तुत करने वाली बेटियों पर दुष्यंत कुमार / Dhushyant Kumar द्वारा कही गयी लाइन बरबस ही याद आ जाता है

“कौन कहता है आसमान मे सुराख़ नही हो सकता, बस एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो.”

यानी जब जब हमारी देश की बेटिया अपने मन में ठान ले तो वे सफलता की ऐसी बुलंदीयो को छूती है की एवरेस्ट सरीखा चोटी भी इन बेटियों के सफलता के आगे नतमस्तक दिखाई देता है तो आईये जानते है हमारे देश भारत के ऐसी ही बेटियों के बारे में जो की अपने दम पर सफलता की ऐसी उचाई पर पहुची है जिनपर हर भारतवंशी को नाज है

भारत की 10 आदर्श बेटिया /

Top 10 Ideal Girl of India in Hindi

जब जब हमारे देश की बेटी कुछ करने को ठान ले तो सफलता की उन उचाई की एक नई इबारत लिखती है जिन्हें देखकर समाज का हर तबका खुद पर नाज करता है तो आईये जानते है भारत की कुछ ऐसी बेटियों को जो की हमारे समाज में सफलता की नये पैमाने लिखी है

कल्पना चावला / Kalpana Chawla

भला कल्पना चावला का नाम किसने नही सुना होगा 17 मार्च 1962 को जन्मी कल्पना चावला का जन्म भारत देश के हरियाणा राज्य में हुआ था जहा आज भी जहा लडको की अपेक्षा लडकियों की जनसख्या अनुपात कम है लेकिन अपने पिता बनारसी लाल चावला की सबसे छोटी और लाडली बेटी कल्पना चावला बचपन से ही जब आकाश की तरफ देखती थी तो कल्पना चावला मन ही मन अन्तरिक्ष की सैर करने की कल्पना करती थी और कल्पना चावला की इन उड़ानों को पहली बार 1995 में पंख लगा जब वे अमेरिका / USA के नासा में अन्तरिक्ष कोर में शामिल हुई और और फिर पहली बार 1998 में अन्तरिक्ष में उड़ान भरने वाली प्रथम भारतीय महिला बनी जिसे सुनकर किसी भी भारतीय का सीना चौड़ा हो जाता है और कल्पना चावला की दूसरी उड़ान जीवन की आखिरी उड़ान साबित हुआ जब कल्पना चावला सहित 7 यात्रियों के साथ सफलपूर्वक यात्रा पूरी करके पृथ्वी से महज चंद सेकंड पहले अन्तरिक्ष यान दुर्घटना का शिकार हो गया जिसकी खबर सुनते हर कोई सिहर उठा और कल्पना तो इस दुनिया से चली गयी लेकिन कल्पना चावला बचपन से ही कहती थी की मै तो अन्तरिक्ष के लिए ही बनी हुई हु और अन्तरिक्ष के लिए ही मेरा जीवन मरण होगा जो की सत्य हो गया

सानिया मिर्जा /Sania Mirza

15 नवम्बर 1986 को भारत देश के मुंबई शहर में जन्मी सानिया मिर्जा पूरा देश टेनिस सनसनी के नाम से जानता है जी हा जहा आज भी हमारे देश में जहा बेटियों और लडकियों को अपने घर से अकेले नही निकलने दिया जाता है वही इसी देश में सानिया मिर्जा ने अपने खेल के प्रति दीवानगी और अपने खेल में जौहर इ दम विश्व के बड़े बड़े देशो में भ्रमण कर चुकी है और खेलो की प्रति उनका जज्बा और लगातार अपने सफलता के दम पर कई बार उन रुढ़िवादी समाज के लोगो का मुह भी बंद कर चुकी है जो की उनके पोशाको पर पाबंदी चाहते थे और सानिया मिर्जा यही नही रुकी सन 2013 में तो  भारतीय टेनिस खिलाड़ियों के लिए  “सानिया मिर्जा टेनिस अकादमी” की स्थापना किया है जिसका मुख्य मकसद भारतीय खिलाडियों को विश्व स्तर की प्रशिक्षण देना है और इसका सारा खर्चा सानिया मिर्जा खुद स्वय उठाती है

पी.टी. उषा / PT Usha

27 जून 1964 को जन्मी पी.टी. उषा को उड़नपरी के नाम से भी जाना जाता है ऐसा इसलिए कहा जाता है पी.टी. उषा  जब दौड़ती है तो पूरी दुनिया इनके पीछे रह जाती है और शायद इनका कारनामा 1985 में एक ही प्रतियोगिता में 5 गोल्ड मैडल जीतना है जो जी ऐसा कारनामा आजतक किसी भी ने नही कर दिखाया हो वो कहा जाता है न की प्रतिभा यानी Talent किसी सुविधा या परिचय का मोहताज नही होती है जी हां जहा एक सूर्य पूरे ब्रह्माण्ड में अपने प्रकाश और किरणों के दम पर रौशनी फैला देता है वैसे ही ये भारत की बेटीया भी अपने प्रतिभा के दम पर हर किसी को अपना लोहा मनवाने पर विवश कर देती है

साक्षी मलिक / Sakshi Malik

डीटीसी में बस कंडक्टर का काम करने वाले सुखबीर मलिक की बेटी साक्षी मलिक जिनका जन्म 3 सितम्बर 1992 को हुआ है हाल में 2016 में समाप्त हुए रियो ओलम्पिक खेल में भारत की तरफ से प्रवेश करने वाली पहली भारतीय महिला है और जहा हमारे देश में पहलवानी पुरुषो के लिए माना जाता है ऐसे में साक्षी मलिक पहली बार में ही भारत के लिए ओलम्पिक में कास्य पदक जीता और पूरे देश का नाम रोशन किया जो कही न कही यही बेटिया हमारे समाज के सोच को भी बदलती है

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साक्षी मलिक के बारे में विस्तार से जाने   – सफलता की एक कहानी साक्षी मलिक

दीपा कर्माकर / Dipa Karmakar

9 अगस्त 1993 को जन्मी दीपा कर्माकर कलात्मक जिम्नास्ट है दीपा कर्माकर की उपलब्धी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है 2016 से पिछले 52 वर्षो में ओलम्पिक खेलो में प्रवेश करने वाली ऐसी पहली जिमनास्ट है और जब भले ही 2016 में रियो ओलम्पिक खेलो में दीपा कर्माकर पदक जीतने से चुक गयी हो लेकिन दीपा कर्माकर के हैरतअंगेज प्रदर्शन को देखकर हर कोई अचम्भित था और इनकी उपलब्धी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की भारत के महान क्रिकेट खिलाडी सचिन तेंदुलकर ने इनके खेल के प्रदर्शन को देखकर कहा की

“ हारना जीतना खेल का हिस्सा है आपने अपने खेल के दम पर लाखो भारतीयों का दिल जीता आपकी इस उपलब्धी पर पूरे देश को गर्व है”

एमसी मैरीकॉम / Mary Kom

मैरीकॉम का जन्म 1 मार्च 1983 को मणिपुर में एक गरीब किसान परिवार में हुआ था लेकिन मैरीकॉम ने अपने मेहनत और सफलता के दम पर पहली भारतीय मुक्केबाज बनी जो की 2012 के ओलम्पिक खेल में कास्य पदक जीत चुकी है और यही नही मैरीकॉम 5 बार विश्व मुक्केबाजी में फाइनल विजेता रह चुकी है मैरीकॉम की उपलब्धी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है उन्हें भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से भी नवाजा जा चूका है और तो और उनके जीवन पर आधारित फिल्म भी बन चुकी है जिसे 2014 में प्रदर्शित किया जा चूका है जिनके किरदार का अभिनय प्रियंका चोपड़ा बखूबी निभा चुकी है

चंदा कोचर / Chanda Kochhar

भारत की बेटिया हर क्षेत्र में अपने नाम का लोहा मनवा चुकी है इसी कड़ी में चंदा कोचर का नाम आता है जहा आज भी हमारे देश में बेटियों को घर से अकेले निकलने नही दिया जाता है और बिज़नेस करना तो दूर की बात है लेकिन चंदा कोचर भारत की ऐसी महिला है जिन्होंने अपने मेहनत के दम पर 17 नवम्बर 1961 को जन्मी चंदा कोचर आज के समय में आईसीआईसीआई बैंक के प्रबंध निदेशक (CEO) है और आईसीआईसीआई बैंक भारत देश का सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है इनकी उपलब्धी इसी बात से लगाया जा सकता है 2009 में फोर्ब्स की 100 शक्तिशाली महिलाओ में चंदा कोचर 20वे स्थान पर आती है

इरोम चानू शर्मिला / Irom Chanu Sharmila

जब मानवाधिकार की बात आती है तो तो लडकियों को हमेसा से इनके अधिकारों से दबाया जाता है लेकिन इरोम चानू शर्मिला मणिपुर की एक ऐसी मानवाधिकार सामाजिक कार्यकर्ता है जो आज भी खून खराबे के दौर में महात्मा गाँधी के नक़्शे कदम पर चलती है इरोम चानू शर्मिला की सख्सियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की वे 2000 से 2016 तक भूख हड़ताल पर रही और ऐसा उन्होंने  सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम कानून को समाप्त करने के लिए किया जिसके तहत सेना को किसी भी नागरिक को गिरफ्तार या गोली मारने का आदेश होता था

सुमित्रा महाजन / Sumitra Mahajan

और जब भारतीय राजनीती की हो तो भी भारत की बेटिया कभी भी इस क्षेत्र में भी पीछे नही रहती है इसी कड़ी में सुमित्रा महाजन का नाम आता है जो की वर्तमान में भारतीय लोकसभा के अध्यक्ष है सुमित्रा महाजन एक ऐसी महिला सांसद है जो कभी भी लोकसभा चुनाव कभी नही हारी है और उन्हें प्यार से लोग ताई कहकर बुलाते है सुमित्रा महाजन की सख्सियत का अंदाजा इसी बात है की वे लगातार 8 बार एक ही लोकसभा सीट से सांसद बनी है और आज के समय में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की हेडमास्टर भी है

माधुरी दीक्षित / Madhuri Dixit

और जब बात भारतीय बेटियों का हो भला हिंदी फिल्म जगत कैसे पीछे रह सकता है वैसे तो भारतीय फिलो में अनेक नायिकाओ ने अपने प्रतिभा के दम पर मुकाम बनाया है उन्ही सफल चेहरों में माधुरी दीक्षित का भी नाम आता है 80 के दशक से फ़िल्मी नायिका और नित्यांगना के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत करने वाली माधुरी दीक्षित को आज की सभी अभिनेत्री अपना आदर्श मानती है माधुरी दीक्षित के अभिनय का जादू और इनके डांस की प्रतिभा पर आज भी लाखो दिलो पर राज करती है और इन्हें धकधक गर्ल / Dhakdhak Girl के नाम से भी जानी जाती है

 ऐसे ही हमारे देश में तमाम बेटिया है जिनके बारे में लिखते लिखते शायद हम रुक जाये जाए लेकिन भारत की ये बेटिया कभी नही रूकती है इन्ही नामो में टेसी थॉमस, सायना नेहवाल, सुनीता विलिएम्स और एकता कपूर जैसे अनेको सफल नाम है जिनके आदर्शो पर हमारा भारतीय समाज चलता है तो आईये हम प्रण ले की हम अपनी हर एक बेटी की रक्षा करेगे और देश में एक नये युग की शुरुआत करेगे

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3 thoughts on “भारत की 10 आदर्श बेटिया Top 10 Ideal Girls Of India

  1. Ye pad kar name bahut achha laga ham me bhi yah hosla hona chahiye aur karenge
    This is a very nice historical all girl in India very very Thanxxxx

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