मकर संक्रांति पर निबन्ध MAKAR SANKARNTI IN HINDI


MAKAR SANKARNTI FESTIVAL ESSAY IN HINDI / ESSAY ON MAKAR SANKARNTI FESTIVAL IN HINDI / MAKAR SANKARNTI ESSAY IN HINDI

मकर संक्रांति का त्यौहार / मकर संक्रांति त्यौहार पर विशेष जानकारी हिंदी में / मकर संक्रांति त्यौहार पर निबन्ध

Makar Sakranti in HIndi – सबसे पहले आप सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाये, यु तो हमारे देश में अनेक त्यौहार और पर्व मनाये जाते है जिनमे मकर संक्रांति भी हिन्दू धर्म का एक विशेष पर्व है जो की भारत के हर हिस्सों में अलग अलग नामो से मनाया जाता है जिसे कही मकर संक्रांति तो कही खिचड़ी तो कही दान का पर्व के रूप में पुकारा जाता है

वैसे तो हिन्दू धर्म के सभी त्यौहार का कही न कही सामाजिक और आर्थिक रूप से महत्व तो रखता ही है और साथ में विज्ञान की कसौटियो पर भी खरा उतरता है इसी कड़ी में मकर संक्रांति का भी त्यौहार आता है जब हिन्दू धर्म के पौष माह यानी जनवरी महीने के 14 या 15 दिन सूर्य मकर राशी पर प्रवेश करने पर विशेष योग बनता है तो इस काल में सूर्य के समक्ष स्नान और विशेष पूजा अर्चना की जाती है और तथा भारतीय परम्परा के अनुसार इस दिन दान का विशेष महत्व होता है

कैसे मनाया जाता है / Makar Sankranti Kaise Manaya Jata Hai

वैसे तो मकर संक्रांति का त्यौहार पूरे भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और भारत के अलग अलग राज्यों में इसे अलग अलग नामो से मनाया जाता है भारत के उत्तर प्रदेश में इसे खिचड़ी के रूप में मनाया जाता है इस दिन लोग सुबह सुबह स्नान करके पूजा पाठ करने के बाद दान देने की परम्परा है इस दिन लोग ब्राह्मणों को अन्न भोजन आदि देने की परम्परा है

जबकि भारत के हरियाणा और पंजाब में एक दिन पहले ही लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है लोहड़ी वाले शाम को लोग अग्नि जलाते है और आपस में तिल गुड और मूंगफली और मिठाईया एक दुसरे को बाटते है मकर संक्रांति तमिलनाडु में पोंगल के नाम से मनाया जाता है और पोंगल का त्यौहार चार दिनों तक मनाया जाता है पहले दिन लोग अपने आस पास की सफाई करके लोग सारे कूड़ा करकट जलाते है दुसरे दिन लक्ष्मी की पूजा, तीसरे दिन पशुधन की पूजा और चौथे दिन खीर बनाकर सूर्यदेव की पूजा की जाती है

इस प्रकार पूरे भारत में अलग अलग नामो से मकर संक्रांति मनाया जाता है इस दिन लोग जल्दी सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करते है और बहुत से लोग तो पवित्र नदियों के किनारे भी स्नान करने जाते है और फिर सूर्यदेव को जल चढ़ाकर पूजा करते है फिर लोग ब्राह्मणों को भोजन अन्न और वस्त्र आदि दान करते है

इस दिन लोग सुबह स्नान करने के बाद तिल, गुड और अनेक प्रकार की बनी मिठाईयो का एक दुसरे के साथ मिलकर खाते है और इस दिन विशेष प्रकार की पकवान भी बनाया जाता है जिसे उत्तर भारत में खिचड़ी के नाम से जाना जाता है जो की बहुत ही स्वादिष्ट होता है इस दिन लोग पतंग भी उड़ाते है भारत के कई राज्यों में में पतंगबाजी का भी आयोजन किया जाता है जिसमे अनेक प्रकार के रंगबिरंगे और तरह तरह के पतंगे उड़ाया जाता है और जो लोग दुसरो का पतंग काटते है उन्हें उचित इनाम भी दिया जाता है जिस कारण इसे पतंगो का त्यौहार भी कहा जाता है इस प्रकार यह त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है

मकर संक्रांति के कई नाम 

भारत में मकर संक्रांति को विभिन्न राज्यों में अलग अलग नामो के साथ मनाया जाता है जो मानाने का तरीका थोडा अलग होता है लेकिन सभी इन त्योहारों में भारतीय संस्कृति की ख़ुशी की झलक दिखाई देती है इस प्रकार है –

1 – खिचड़ी (Khchadi)

2 -लोहरी या लोहड़ी (Lohri)

3- पोंगल (Pongal)

4- उत्तरायण (Uttrayan)

5 – बिहू (Bihu)

6 – पतंगो का त्यौहार (Festival of Kites)

मकर संक्रांति का महत्व

Makar Sankranti Ka Mahatva

भारतीय शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति का त्यौहार बसंत ऋतू के आगमन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है कहा जाता है की इस दिन से सूर्य मकर राशी में प्रवेश करता है तो विशेष काल होने के कारण दान का महत्व बढ़ जाता है और इस दिन जो लोग दान पुण्य करते है उन्हें दस गुना अधिक पूण्य मिलता है इसलिए भारत देश में इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है और इस दिन तो कई जगहों पर मेला भी लगता है जिसमे लोग स्नान आदि के बाद दान पुण्य करके लाभ कमाते है

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