मुसीबत में कभी भी हिम्मत न हारना

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HIMMAT KI HAARमुसीबत का सामना / Musibat ka Samna – 

सोहन और मोहन के बीच गहरी दोस्ती थी दोनों एक साथ पढ़ते थे और दोनों का घर भी एक ही गाव में आसपास था तो दोनों एक दुसरे के साथ खूब खेलते और मस्ती करते थे

सोहन जो की काफी शांत स्वाभाव का जबकि मोहन थोडा शरारती था लेकीन सोहन मोहन को हमेशा समझता रहता था की वह शैतानी नही किया करे नही तो कभी खुद को मुसीबत में डाल सकता है लेकिन मोहन को शैतानी करने में खूब मजा आता था इसलिए वह Sohan की बातो को अनसुना कर दिया करता था

बरसात के दिन थे और अब स्कूल भी चालू हो गया था उनका स्कूल नदी के रास्ते से होकर थोडा दूर जाना पड़ता था तो सोहन और मोहन हमेसा साथ ही School जाते थे

एक दिन की बात है जब शाम को स्कूल की छुट्टी हुई तो सभी बच्चे घर जाने लगे तो मोहन जब नदी के पास पंहुचा तो उसे शरारत सूझी और वह नदी के एकदम पास चला गया

उस समय बरसात की वजह से नदी की पानी पूरा भरा हुआ था तो फिसलन की वजह से मोहन अचानक नदी में फिसल गया और वह नदी के बहाव में बहने लगा

यह सब देखकर सभी बच्चे डर गये और जोर जोर बचाओ बचाओ चिल्लाने लगे लेकिन वहां बच्चो के अलावा कोई नही था जो मोहन को नदी में डूबने से बचा पाता

लेकिन उसका दोस्त सोहन ने अपने दिमाग से काम लेते हुए तुरंत पास पड़े हुए सूखे बासों को नदी में फेकने लगा जिससे एक साथ कई बास नदी में तैरने लगे तो उसने एक बास को मजबूती से पकड कर मोहन की तरफ किया तो मोहन नदी की बहाव में किसी तरह बास को पकड़ लिया फिर क्या था सोहन ने अपनी पूरी ताकत लगाकर खीचने लगा और धीरे धीरे मोहन उस बास के सहारे नदी से बाहर की तरफ आ गया और इस तरह सोहन ने मोहन की जान बचा लिया

इतने और बच्चो ने गाव वालो को भी बुला लिया था सबने सोहन की बहादुरी का खूब तारीफ किये और फिर मोहन को आगे ऐसा न करने को समझाकर घर भेज दिया इसके बाद से मोहन ने अब शरारत करना छोड़ दिया और फिर सोहन सोहन एक हसी खुशी रहने लगे

दोस्तों इस छोटी सी कहानी से हमे यही पता चलता है की हमारे जिन्दगी में अनेको ऐसे पल आते है जिसमे हम सभी कोई न कोई ऐसा शरारत कर देते है जिससे या तो हम खुद Musibat में फस जाते है या और लोगो की इससे चलते परेशानी उठानी पड़ती है इसलिए हमे अपने चलते कभी भी किसी को परेशानी में नही डालना चाहिए और न ही ऐसे शरारते करनी चाहिए जिससे की हमे खुद कोई Problem में फस जाए

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और हर किसी के अपनी जिन्दगी में ऐसे अनेको मोड़ आते है जब उसके Himmat की परीक्षा होती है और अक्सर इन स्थितियों में हम सभी अपनी हिम्मत हार जाते है और फिर उस स्थिति में हम कोई भी ठोश Decision भी नही ले पाते है क्यू की अचानक आये इस मुसीबत में हमारा दिमाग काम करना बंद कर देता है

लेकीन जो इन्सान हिम्मती होते है उनके उपर चाहे कितनी भी बड़ी मुसीबत क्यू न आ जाये लेकीन वे अपना हिम्मत नही हारते है और इन स्थितियों का सामना बड़े धैर्य और बहादुरी के साथ करते है

तो इसलिए हमें भी चाहे कितनी बड़ी मुसीबत में क्यू न हो हमे अपना धैर्य नही खोना चाहिए और अपने दिमाग से काम लेना और फिर क्यू अगर हम धैर्य से काम ले तो बिगड़े काम भी बन सकते है हिम्मत और मेहनत के बल पर बिगड़े हुए काम भी बन सकते है

शिक्षा – मुसीबत में कभी भी हिम्मत नही हारना चाहिए और परिस्थितियों का डटकर सामना करना चाहिए             

तो दोस्तों ये Hindi Kahani आप सबको कैसा लगा Please Comment Box में जरुर बताये

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