Musibat ka Samna Ek Kahani

Facebook Group अच्छीएडवाइस डॉटकॉम में अपने मित्रो, दोस्तों को ग्रुप में जोड़ने के लिए क्लीक करे


Facebook पर AchhiAdvice.Com Page Like करने के लिए Click करे !



विद्यार्थी / Students Exam की तैयारी के लिए इन महत्वपूर्ण Exam Study Tips जरुर पढ़े

परीक्षा में टॉप करने के लिए दस बेहतरीन तरीके

विद्यार्थियों को याद करने के लिए जरुरी बाते

जॉब इंटरव्यू कैसे दे जाने हिंदी में

"पढाई के लिए टाईमटेबल कैसे बनाये Study Time Table Kaise Banaye"


मुसीबत का सामना एक अच्छी हिंदी कहानी / Musibat ka Samna Ek Achhi Hindi Kahani – 

रामू रोज सुबह अपने पिताजी के साथ टहलने जाया करता था ,यह Ramu और उनके पिताजी जी की रोज की दिनचर्या थी. Ramu टहलने जाता तो बहुत ही आनन्दित होता था, और रामू के पिता टहलते Time कुछ न कुछ उसे समझाते ही रहते थे, जिससे रामू को नई नई बाते भी सिखने को मिलती थी,

ऐसे दिन बीत रहे थे एक दिन रामू के मन में ख्याल आया की क्यू ना आज अपने पिताजी के साथ रेस लगाया जाय, ऐसा सोचकर रामू ने अपने मन की बात अपने पिताजी को बताया और कहा पिताजी चलो हमलोग दौड़ लगाते है . पहले तो रामू के पिता ने मना कर दिया और कहा की बेटा मैं अब तो इस Age में Race नहीं लगा सकता हु , लेकिन रामू के बार बार बार कहने पे रामू के पिताजी Race के लिए तैयार हो गए.

तो रामू ने कहा की पिताजी जो नदी के पास पेड़ है हम लोंग वहां तक दौड़ लगाते है. और जो पहले पहुंचेगा वो Winner होगा. तो उसके पिताजी Race लगाने के लिए तैयार हो गए.

इसके बाद रामू और उसके पिता ने दौड़ लगाना शुरू किया , तो रामू तो दौड़ने में तेज था वह तेजी से नदी की तरफ दौड़ा लेकिन उसके अपने Age के हिसाब से धीरे धीरे दौड़ रहे थे की अचानक रामू के जूतों में नुकीले कंकड़ घुस गए जो की रामू को दौड़ने की वजह से पैरो में धसने लगे और रामू को जिससे बहुत दर्द होने लगा लेकिन रामू हारना नहीं चाहता था इसलिए वह दौड़ता ही रहा, और आगे चलकर कुछ time बाद उसकी रफ़्तार धीमी होती गई फिर भी जितने की चिंता की वजह से रामू लगातार दौड़ता ही रहा, कुछ Time बाद इतने में उसके पिता भी उसके पास दौड़ते हुए पहुंच गए थे, और रामू के दर्द को जानकार उसे तुरंत कंकड़ निकलने को कहा लेकिन रामू ने कहा की अगर मैं अपना टाइम कंकड़ निकलने लगाऊंगा तो मैं हार भी सकता हु इसलिए जब तक मैं अपनी मंजिल नहीं पा लेता हु तब तक मुझे दौड़ना ही है.

loading...

लेकिन उसके पिताजी ने उसे समझाया की अगर तुम इस छोटी छोटी मुसीबतों को यु ही टालते रहे तो आगे चलकर यही मुसीबतें बड़ा रूप ले सकती है , इसलिए पहले हमे अपने मार्ग में आने वाली छोटी छोटी Problems को Solve करना चाहिए .

तो रामू अपने पिताजी की बात को मान गया और वह बिना टाइम गवाए तुरंत रूककर पहले अपने जूते से कंकड़ निकाले और फिर जूते को सही करके फिर से दौड़ने लगा, अब उसका दर्द गायब हो चूका था और वह पहले की तुलना में ज्यादा Speed से दौड़कर नदी के पास पेड़ तक पहुंच गया था और कुछ देर बाद उसके पिताजी भी उसके पास पहुंचे. और स प्रकार रामू अपने पिताजी की AchhiAdvice को मानकर Winner बन चूका था.

तो देखा दोस्तों किस प्रकार अपने पिताजी की एक AchhiAdvice को मानकर रामू Winner बन चूका था, दोस्तों हमारी life में अक्सर छोटे छोटे Problems तो आते ही रहते है लेकिन हमारी Habit होती है की हम उन problems को उस टाइम ignore करते रहते है जिसके कारण छोटी छोटी समस्याए आगे चलकर बहुत बड़े मुसीबत का रूप ले लेती है,

For Example- यदि किसी भी व्यक्ति को शुरू में उसकी हल्की तबियत ख़राब होती है तो वह शुरू में छोटे मोटे इलाज से काम चला लेता है या उसे कुछ दिनों तक ऐसे ही झेलते हुए Ignore करता रहता है , लेकिन बाद में उसका हल्का तबियत का ख़राब होना सही Time पर इलाज न होने की वजह से बहुत बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है .

इसलिए दोस्तों हमे Life में आने वाली कोई भी Problems कितनी ही छोटी ही क्यू न हो हमे उसे On The Spot उसे Solve कर लेना चाहिए जो आगे चलकर हमारे लिए ही फायदेमंद होता है . इसलिए Life में यदि Winner बनना है तो हे कभी भी छोटे Problems को कभी Ignore न करें , तो हमे मुसीबत का सामना / Musibat ka Samna का बड़े धैर्य और Himmat से करा चाहिए  यही हमारा प्रयास हो .

साथ में यह भी पढ़े-

आप सबको ये Hindi Kahani लगी प्लीज Comment Box में जरूर बताये और कोई Suggestion या Advice हो तो भी हमे जरूर बताये .


loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *